पाकिस्तान ने फिर उगला जहर: बड़बोले गृहमंत्री राशिद बोले- भारत को अब अफगानिस्तान छोड़ना पड़ेगा
पाकिस्तान के बड़बोले गृह मंत्री शेख राशिद अहमद ने कहा कि भारत अफगानिस्तान की जमीन से पाकिस्तान के खिलाफ आतंक फैला रहा है। भारत की जगहंसाई जाहिर हो चुकी है। उसके पास अब वहां से बाहर निकलने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।
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गृहमंत्री शेख राशिद ने भारत के अफगानिस्तान के कंधार से अपने कर्मचारियों को हटाने पर कहा कि भारत के पास अफगानिस्तान छोड़ने के अलावा और कोई रास्ता नहीं बचा है। गृहमंत्री ने दावा किया कि भारत अफगानिस्तान की जमीन से पाकिस्तान के खिलाफ आतंक फैला रहा है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ऐसे जगह पर स्थित है जिसे चीन हो या अमेरिका कोई अनदेखा नहीं कर सकता है। वहीं भारत ने पाकिस्तानी नेताओं के इस दावे का खंडन किया है।
तालिबान पहले से ज्यादा समझदार
गृहमंत्री राशिद ने कहा कि तालिबान पहले से नया और समझदार हो चुका है। यह पूरे क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है कि वह तालिबान के साथ अपने मामले बातचीत के जरिए हल करे। तालिबान पर दबाव बनाने के लिए भारत को बातचीत का रास्ता अपनाना चाहिए।
इमरान ने दिया था विवादित बयान
बता दें कि अफगानिस्तान से अमेरिकी सेनाओं की वापसी पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने विवादित बयान दिया था। इमरान खान ने कहा था कि इस इलाके में अब बहुत गंभीर बदलाव होंगे। इसमें भारत 'सबसे बड़ा लूजर' साबित होगा। पाकिस्तानी पीएम इमरान खान ने दावा किया था कि इस बात के साक्ष्य हैं कि भारत लाहौर में हालिया आंतकी घटना में शामिल रहा है। साथ ही अमेरिका पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान में जिस तरह के बदलाव होने जा रहे हैं, उससे खुद अमेरिका को भी बहुत नुकसान होगा। पाकिस्तान पीएम के दावे को भारत ने पुरजोर विरोध किया था।
जिम्मेदारियों से मुक्त होंगे शीर्ष अमेरिकी कमांडर
इधर, दूसरी ओर अफगानिस्तान से अमेरिका के सैन्य बलों की वापसी के मद्देनजर अमेरिका के एक शीर्ष कमांडर सोमवार को राजधानी काबुल में एक समारोह में अपनी जिम्मेदारियां दूसरे अधिकारी को सौंपेंगे। तालिबान के तेजी से पैर पसारने के बीच यह समारोह होगा।
जनरल स्कॉट मिलर अपने अधिकार अमेरिका की सेंट्रल कमांड के प्रमुख, मरीन जनरल फ्रेंक मैकेंजी को हस्तांतरित कर सकते हैं। एक अमेरिकी अधिकारी ने नाम जाहिर नहीं होने की शर्त पर यह जानकारी दी।
सेंट्रल कमांड के मुख्यालय से कामकाज देखेंगे
मैकेंजी फ्लोरिडा के टैंपा में सेंट्रल कमांड के मुख्यालय से कामकाज देखेंगे। वह कम से कम 31 अगस्त तक अमेरिकी सैनिकों की पूरी तरह वापसी होने तक अफगान बलों की सुरक्षा के लिहाज से संभावित हवाई हमलों की जिम्मेदारी संभालेंगे।
काबुल के बीचोंबीच भारी सुरक्षा वाले रिजोल्यूट सपोर्ट मुख्यालय में अधिकारों के हस्तांतरण का यह समारोह ऐसे समय में संपन्न होगा, जब तालिबान अफगानिस्तान में तेजी से अनेक क्षेत्रों पर नियंत्रण करता जा रहा है।
अफगानिस्तान के कुल 421 जिलों तालिबान का नियंत्रण
मुख्यत: अमेरिका और नाटो द्वारा वित्तपोषित अफगानिस्तान राष्ट्रीय रक्षा और सुरक्षा बलों ने देश के कुछ हिस्सों में कार्रवाई तेज कर दी है, लेकिन अफगान सरकार के सैनिक मैदान से हटते नजर आ रहे हैं। तालिबान ने पिछले कुछ सप्ताह में कई रणनीतिक जिलों में नियंत्रण हासिल किया है, जिनमें विशेष रूप से ईरान, उज्बेकिस्तान और ताजिकिस्तान की सीमाओं से लगे इलाके हैं।
तालिबान का नियंत्रण अफगानिस्तान के कुल 421 जिलों और जिला केंद्रों में से एक-तिहाई से भी अधिक पर है। हालांकि, तालिबान का यह दावा बढ़ा-चढ़ाकर किया गया लगता है कि उन्होंने 85 प्रतिशत जिलों पर कब्जा कर लिया है।