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पाकिस्तानः चढ़ते सियासी पारे के बीच लगातार आपत्तिजनक बयान दे रहे इमरान, जानें कब-कब फिसली जुबान?
Sun, 13 Mar 2022 06:17 PM IST
अभिषेक दीक्षित
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, इस्लामाबाद
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, इस्लामाबाद
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Sun, 13 Mar 2022 06:17 PM IST
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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान
- फोटो :
एएनआई (फाइल)
विस्तार
पाकिस्तान में प्रधनमंत्री इमरान खान सरकर के खिलाफ विपक्ष की तरफ से पेश अविश्वास प्रस्ताव को लेकर सियासी पारा चढ़ता जा रहा है। इसके बीच इमरान खान की जुबान लगातार आक्रामक होती जा रही है। शुक्रवार को उन्होंने खैबर पख्तूनवा प्रांत में एक जनसभा को संबोधित करते हुए तीनों प्रमुख विपक्षी दलों पर जोरदार जुबानी हमला बोला। उन्होंने पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज) के अध्यक्ष शाहबाज शरीफ, पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के सह-अध्यक्ष आसिफ अली जरदारी, और जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम के प्रमुख मौलाना फजलुर रहमान को ‘तीन कठपुतलियां’ कह कर संबोधित किया। उन्होंने ये आरोप भी लगाया कि ये तीनों नेता पाकिस्तान के राष्ट्रीय हितों के खिलाफ काम करते रहे हैं।
प्रधानमंत्री की इस जुबान से खफा शाहबाज शरीफ और फजलुर रहमान ने अब इमरान खान को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि इमरान खान अपनी जुबान संभालें, वरना उनकी जुबान पर कैसे लगाम लगाई जाए, यह हमें आता है। शाहबाज शरीफ और मौलाना फजलुर रहमान ने शुक्रवार को इस्लामाबाद में एक बैठक की। उसमें अविश्वास प्रस्ताव से जुड़ी ताजा हालत का जायजा लिया गया। उसके बाद दोनों नेताओं ने एक साझा प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित किया। इसमें शाहबाज शरीफ ने कहा कि इमरान खान पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को भगोड़ा कह कर संबोधित कर रहे हैं, जबकि जल्द ही उन्हें भी भगोड़ा बनना पड़ेगा।
इस बीच इमरान खान के नेतृत्व वाली पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी के खिलाफ विपक्ष की लामबंदी के मजबूत होने के संकेत हैं। खबर है कि पीटीआई के नेता अलीम खान जल्द ही पीएमएल (नवाज) में शामिल हो जाएंगे। अलीम खान इमरान खान के निकट सहयोगी रहे हैं। वे पंजाब प्रांत में मंत्री भी रह चुके हैं। अलीम खान बीते बुधवार को लंदन गए। वहां पहुंचने के तुरंत बाद वे नवाज शरीफ से मिलने गए। दोनों के बीच तीन घंटों तक बातचीत हुई। नवाज शरीफ ने लंदन में ही अपना ठिकाना बना रखा है। अखबार द न्यूज की खबर के मुताबिक, अलीम दार के साथ नवाज शरीफ की बैठक के दौरान पूर्व वित्त मंत्री इशाक डार और नवाज शरीफ के दोनों बेटे भी मौजूद थे।
‘आलू, टमाटर’ की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए राजनीति में नहीं आया: इमरान खान
इमरान खान ने अपने खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाए जाने पर विपक्ष को निशाने पर लेते हुए रविवार को कहा कि वह ‘आलू, टमाटर’ की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए राजनीति में नहीं आए हैं। खान ने पंजाब प्रांत के हाफिजाबाद में एक राजनीतिक रैली में कहा कि देश उन तत्वों के खिलाफ खड़ा होगा जो ‘धनबल के माध्यम से’ सरकार को गिराने का प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि "पाकिस्तान उनके कार्यकाल के शेष समय में एक महान राष्ट्र बनने जा रहा है क्योंकि उनकी सरकार द्वारा घोषित रियायतों के नतीजे शीघ्र ही सामने आएंगे।" क्रिकेट से राजनीति में आए खान ने कहा कि वह 25 साल पहले देश के युवाओं की खातिर ही राजनीति में में शामिल होने का फैसला किया था, क्योंकि ऐसा कर (राजनीति में आकर) उन्हें कोई निजी फायदा नहीं हुआ है क्योंकि उनके पास पहले से ही जीवन में वह सब कुछ है जिसका एक व्यक्ति सपना देखता है।
सत्तारूढ़ पार्टी के अध्यक्ष ने कहा, ‘‘मैं आलू और टमाटर के दाम जानने राजनीति में नहीं आया। मैं देश के युवाओं की खातिर राजनीति में आया हूं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यदि हम महान राष्ट्र बनना चाहते हैं तो हमें सच का साथ देना होगा और यही वह बात है जिसकी मैं पिछले 25 वर्षों से सीख दे रहा हूं।’’
गौरतलब है कि पाकिस्तानी मीडिया में प्रधानमंत्री की भाषा को लेकर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं, लेकिन उससे इमरान खान पर कोई फर्क नहीं पड़ा है। शुक्रवार को अपने भाषण के दौरान उन्होंने शाहबाज शरीफ, जरदारी, और फजलुर रहमान का जिक्र करते हुए कहा- मैं दुआ करता हूं कि ये तीनों अविश्वास प्रस्ताव पर कायम रहें, ताकि मुझे ‘एक गेंद में तीन विकेट लेने का मौका मिले।’ खान ने कहा कि मैं इन तीन डाकुओं से मुकाबला कर रहा हूं और एक इनस्विंग यॉर्कर फेंक कर मैं तीनों के विकेट गिरा दूंगा।
इमरान खान ने अब सेनाध्यक्ष जनरल कमर जावेद बाजवा को भी सियासी विवाद में घसीट लिया है। खान इन दिनों फजलुर रहमान को डीजल कह कर संबोधित कर रहे हैं। इमरान खान ने दावा किया कि जनरल बाजवा ने उन्हें ऐसा ना करने को कहा था। उन्होंने कहा कि एक दिन मैं जनरल बाजवा से बात कर रहा था। उन्होंने कहा कि मुझ फजलुर रहमान को डीजल नहीं कहना चाहिए। लेकिन मैंने उनसे कहा मैंने यह नाम उन्हें नहीं दिया है। ये नाम उन्हें जनता ने दिया है। गौरतलब है कि पहले इमरान खान ये आरोप लगा चुके हैं कि फजलुर रहमान डीजल का परमिट बेचने का काम करते हैं।