शारदापीठ कॉरिडोर को पाक की हरी झंडी, पीओके में पवित्र हिंदू धर्मस्थल के दर्शन कर सकेंगे श्रद्धालु
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करतारपुर के बाद पाकिस्तान सरकार ने शारदापीठ कॉरिडोर के लिए भी हरी झंडी दे दी है। पाकिस्तान की मीडिया के अनुसार पीओके स्थित प्राचीन हिंदू मंदिर और सांस्कृतिक स्थल शारदापीठ की यात्रा के लिए सरकार ने सोमवार को कॉरिडोर बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इसके जरिये भारत के हिंदू तीर्थयात्री यहां आ सकेंगे। बता दें कि कश्मीरी पंडितों के संगठन पिछले कई वर्षों से शारदापीठ कॉरिडोर खोलने की मांग कर रहे हैं।
एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के सूत्रों के हवाले से बताया कि भारत ने कॉरिडोर खोलने के लिए पाकिस्तान को एक प्रस्ताव भेजा था। सूत्रों ने कहा, करतारपुर के बाद हिंदुओं के लिए बहुत बड़ी खबर है।
कुछ सरकारी अधिकारी क्षेत्र का दौरा करेंगे और बाद में प्रधानमंत्री को एक रिपोर्ट सौंपेंगे। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के नेता और हिंदू सांसद रमेश कुमार ने कहा कि सरकार ने शारदा मंदिर खोलने का फैसला लिया है। परियोजना पर इसी साल से काम शुरू होगा, जिसके बाद पाकिस्तान के हिंदू भी वहां जा सकेंगे। मैं कुछ दिनों बाद वहां का दौरा करूंगा। इसके बाद प्रधानमंत्री इमरान खान को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
पांच हजार साल पुराना है मंदिर का इतिहास
इस मंदिर का निर्माण अशोक के शासनकाल के दौरान 237 ईसा पूर्व किया गया था। करीब पांच हजार साल पुराना शारदापीठ मंदिर मां सरस्वती को समर्पित है। 6वीं से 12वीं शताब्दी के बीच शारदापीठ भारतीय उपमहाद्वीप के अग्रणी मंदिर विश्वविद्यालयों में से एक था। यह कश्मीरी पंडितों के लिए तीन प्रसिद्ध पवित्र स्थलों में से भी एक है। अन्य दो अनंतनाग में मार्तंड सूर्य मंदिर और अमरनाथ मंदिर हैं।