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पाकिस्तान: शिक्षण संस्थानों-कार्यस्थलों पर महिलाओं को सुरक्षा नहीं दे पा रही इमरान सरकार, मीडिया में हो रही आलोचना

Tue, 15 Feb 2022 09:07 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र Updated Tue, 15 Feb 2022 09:07 PM IST
सार

सिंध प्रांत में एक मेडिकल यूनिवर्सिटी की दो छात्राओं द्वारा हाल ही में की गई आत्महत्या ने पाकिस्तान में शैक्षणिक संस्थानों से लेकर कार्यस्थलों तक सुरक्षा के संबंध में गंभीर खामियां उजागर कर दी हैं।

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Pakistan fails to ensure safety for women in educational institutions workplace news and updates
सांकेतिक फोटो - फोटो : Social Media

विस्तार

पाकिस्तान की इमरान खान सरकार कानून व्यवस्थाएं बनाए रखने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है। सिंध प्रांत में एक मेडिकल यूनिवर्सिटी की दो छात्राओं द्वारा हाल ही में की गई आत्महत्या ने पाकिस्तान में शैक्षणिक संस्थानों से लेकर कार्यस्थलों तक सुरक्षा के संबंध में गंभीर खामियां उजागर कर दी हैं। इस घटना के सामने आने के साथ ही पाकिस्तान एक बार महिलाओं के लिए एक सुरक्षित राष्ट्र के तौर पर उभरने में नाकाम साबित हो गया है। 
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द एक्सप्रेस ट्रिब्यून अखबार के मुताबिक, "कथित तौर पर यौन उत्पीड़न के कारण दोनों मेडिकल छात्रों को मजबूरी में यह अंतिम कदम उठाना पड़ा। अखबार ने लिखा कि पाकिस्तान में हो रही इस तरह की घटनाएं शैक्षणिक संस्थानों, कार्यस्थलों और विभिन्न अन्य स्थानों में महिलाओं के उत्पीड़न के बहुत गंभीर मुद्दे के समाधान के लिए इस तरह की अत्यधिक शर्मनाक घटनाओं को पूरे समाज का ध्यान आकर्षित करना चाहिए।
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ऐसे ही एक मामला नवंबर 2021 में आया था, जब मेडिकल यूनिवर्सिटी के चौथे वर्ष की छात्रा ने अपने छात्रावास के कमरे में आत्महत्या कर ली थी। उसी विश्वविद्यालय के एक अन्य छात्रा ने भी ऐसा ही किया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों महिलाओं ने खुद को इतना घिरा पाया कि उन्होंने यह अंतिम कदम उठाना पसंद किया था।
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वहीं, हाल ही में हुए मामले को लेकर द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार प्रांतीय विधानसभा के एक सदस्य ने प्रांत के एक अन्य चिकित्सा विश्वविद्यालय के कुलपति के खिलाफ उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए लिखित शिकायत दर्ज कराई है। महिलाओं पर आपराधिक हमले की बढ़ती घटनाओं से संकेत मिलता है कि उन्हें कार्यस्थल, शैक्षणिक संस्थानों, सड़कों और सड़कों पर खतरों का सामना करना पड़ता है।

इस बीच, पाकिस्तान के सिंध प्रांत के लरकाना शहर में शहीद मोहतर्मा बेनजीर भुट्टो मेडिकल यूनिवर्सिटी (एसएमबीबीएमयू) के बाहर पत्रकारों, लेखकों और नागरिक समाज के कार्यकर्ताओं सहित सैकड़ों लोगों ने दो मेडिकल छात्रों की मौत के लिए जिम्मेदार ब्लैकमेलर्स को गिरफ्तार करने में पुलिस की विफलता को लेकर धरना दिया है।


यह घटना पाकिस्तान के मानवाधिकार आयोग द्वारा वर्ष 2020 के लिए जारी पाकिस्तान में मानवाधिकारों के राज्य की वार्षिक रिपोर्ट के बीच आई है, जिसने देश में महिलाओं के खराब हालात को लेकर चेतावनी जारी कर दी है। 
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