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Pakistan: पाकिस्तान ने तालिबान सरकार को चेताया, कहा- अमेरिका से जुड़े आरोप द्विपक्षीय संबंधों के लिए हानिकारक

Mon, 05 Sep 2022 04:21 PM IST
शिव शरण शुक्ला वर्ल्ड न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Mon, 05 Sep 2022 04:21 PM IST
सार

31 जुलाई को अफगानिस्तान में किए गए अमेरिकी ड्रोन हमले में अल-कायदा नेता अयमान अल-जवाहिरी को मार गिराया गया था। इस घटना के लगभग एक महीने बाद अफगान अंतरिम रक्षा मंत्री मुल्ला मुहम्मद याकूब ने पिछले हफ्ते आरोप लगाया था कि पाकिस्तान अमेरिका को युद्धग्रस्त देश के खिलाफ अपनी धरती से ड्रोन संचालित करने की अनुमति दे रहा है।

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Pakistan expresses displeasure over Taliban allegation of allowing US to use its airspace for drone strikes
पाकिस्तान तालिबान - फोटो : twitter

विस्तार

आतंकी संगठन अलकायदा के प्रमुख अयमान अल-जवाहिरी को मारने के लिए अमेरिका ने पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल किया था। अफगानिस्तान में सत्तारूढ़ तालिबान सरकार के इस दावे पर पाकिस्तान ने नाराजगी जताई है। इस्लामाबाद ने  इस आरोपों पर अफगानिस्तान की तालिबान सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी है। पाकिस्तान ने कहा कि तालिबान के इस तरह के आरोप दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों के लिए हानिकारक होंगे। 

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अयमान अल-जवाहिरी की ड्रोन हमले में मौत के बाद तालिबान ने लगाए थे आरोप
दरअसल, 31 जुलाई को अफगानिस्तान में किए गए अमेरिकी ड्रोन हमले में अल-कायदा नेता अयमान अल-जवाहिरी को मार गिराया गया था। इस घटना के लगभग एक महीने बाद अफगान अंतरिम रक्षा मंत्री मुल्ला मुहम्मद याकूब ने पिछले हफ्ते आरोप लगाया था कि पाकिस्तान अमेरिका को युद्धग्रस्त देश के खिलाफ अपनी धरती से ड्रोन संचालित करने की अनुमति दे रहा है। उन्होंने अमेरिकी सेना पर पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र का प्रयोग करने का भी आरोप लगाया था। 
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पाकिस्तान के रास्ते अफगानिस्तान में प्रवेश कर रहे हैं अमेरिकी ड्रोन- मुल्ला याकूब 
अफगानिस्तान के कार्यवाहक रक्षा मंत्री मुल्ला याकूब ने बीते रविवार को कहा था कि हमारी जानकारी के अनुसार, ड्रोन पाकिस्तान के रास्ते अफगानिस्तान में प्रवेश कर रहे हैं।  वे पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र का उपयोग करते हैं।  अफगानिस्तान के हवाई क्षेत्र में गश्त के लिए ड्रोन का नाजायज इस्तेमाल देश की सीमाओं का उल्लंघन है। अमेरिकी ड्रोन के जरिए दागी गई दो हेलफायर मिसाइलों ने अलकायदा प्रमुख जवाहिरी को मार डाला था। इन मिसाइलों से अन्य को मामूली नुकसान पहुंचा था।
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पाकिस्तान ने किया पलटवार
आधिकारिक सूत्रों का हवाला देते हुए रविवार को आई एक रिपोर्ट में कहा गया कि पाकिस्तान याकूब के आरोपों से निराश है। उनका बयान पिछले अफगान प्रशासन की उसी मानसिकता को दर्शाता है जिसने इस्लामाबाद पर अपनी खुद की मूर्खता का आरोप लगाया था। इस रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान ने कहा कि  वरिष्ठ अफगान तालिबान नेता से इस तरह के सार्वजनिक बयान की उम्मीद नहीं थी। गौरतलब है कि पिछले साल तालिबान के सत्ता में आने के बाद से पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पर तनाव बढ़ गया है। इस्लामाबाद ने कई बार दावा किया है कि आतंकवादी समूह पड़ोसी देश से नियमित हमले कर रहे हैं।

पाकिस्तान ने पहले भी आरोपों से किया था इनकार
पिछले हफ्ते याकूब के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के प्रवक्ता असीम इफ्तिखार ने कहा था कि किसी भी सबूत के अभाव में याकूब के अनुमान पर आधारित आरोप बेहद खेदजनक हैं और जिम्मेदार राजनयिक आचरण के मानदंडों की अवहेलना करते हैं। उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान ने सभी राज्यों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता में अपने विश्वास की पुष्टि की और आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों की निंदा की।

गौरतलब है कि याकूब का यह बयान ऐसे समय आया जब अलकायदा ने तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी), उर्फ पाकिस्तानी तालिबान और पाकिस्तान सरकार के बीच शांति वार्ता में मध्यस्थता की है। टीटीपी, जिसे पाकिस्तान तालिबान के नाम से जाना जाता है, ने हाल ही में खैबर पख्तूनख्वा की स्वात घाटी में प्रतिबंधित समूह के फिर से प्रकट होने के बाद इस्लामाबाद में खतरे की चेतावनी दी थी। 


बता दें, वैश्विक आतंकी संगठन अलकायदा के नेता ओसामा बिन लादेन की मौत के बाद जवाहिरी इसका प्रमुख बना था। अमेरिका ने लादेन के बाद जवाहिरी को भी मार गिराया है। सीआईए ने जुलाई में काबुल में उस घर पर ड्रोन हमला किया, जहां जवाहिरी रहता था। यह घर तालिबान के बड़े नेता हक्कानी का बताया गया था। हमले में मकान को कोई खास नुकसान नहीं पहुंचा, क्योंकि मिसाइल ने जवाहिरी पर अचूक निशाना साधा था। बीते साल 31 अगस्त को वाशिंगटन द्वारा युद्धग्रस्त देश से अपनी सेना वापस बुलाने के बाद से अफगानिस्तान में अमेरिका द्वारा किया गया यह पहला ज्ञात हमला था।

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