Pakistan: 'इमरान के खिलाफ धांधली में ECP व अदालत भी शामिल'; आरोप पर काकर बोले- निष्पक्ष न्याय के लिए प्रतिबद्ध
Pakistan Election 2024: रावलपिंडी कमिश्नर लियाकत अली चट्ठा ने आरोप लगाया कि पीटीआई समर्थित निर्दलीय उम्मीदवारों की स्पष्ट जीत को जबरन और धोखे से हार में बदल दिया गया। चट्ठा ने धांधली की जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, जिसके बाद उन्हें तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया। दूसरी तरफ कार्यवाहक सरकार के प्रधानमंत्री काकर ने कहा है कि सरकार निष्पक्ष न्याय के लिए प्रतिबद्ध है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पाकिस्तान में मतदान के बाद से सत्ता के लिए रस्साकस्सी जारी है। इस बीच पाकिस्तान के एक वरिष्ठ नौकरशाह ने एक ऐसा बयान दिया, जिससे पाकिस्तान में खलबली मच गई है। नौकरशाह अफसर ने न्यायपालिका और पाकिस्तान चुनाव आयोग (ईसीपी) की आलोचना करते हुए कहा कि चुनावी गड़बड़ियों में सेना से लेकर सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस तक शामिल हैं। ईसीपी और न्यायपालिका की सहायता से पीटीआई के खिलाफ धांधली की जा रही है। अफसर के इन बयानों से पीटीआई के दावों को बल मिल गया है, जिसमें वे बार-बार आरोप लगा रहे थे कि उनका जनादेश चोरी किया गया है।
पंजाब के कांग्रेस विधायक ने ट्वीट किया रावलपिंडी का वीडियो
If this video from Pakistan related to Commissioner Rawalpindi is true & genuine i salute the boldness of Commissioner for publicly admitting to rigging elections in Pakistan. Although he committed murder of democracy there but yet it takes massive courage to expose the rot. I… pic.twitter.com/Nb6hN1R0Su
— Sukhpal Singh Khaira (@SukhpalKhaira) February 18, 2024विज्ञापन
धांधली का आरोप, सीजेपी और ईसीपी ने किया खारिज
रावलपिंडी कमिश्नर लियाकत अली चट्ठा ने आरोप लगाया कि पीटीआई समर्थित निर्दलीय उम्मीदवारों की स्पष्ट जीत को जबरन और धोखे से हार में बदल दिया गया। लियाकत ने मीडिया से कहा कि उनके सामने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पीटीआई के समर्थक निर्दलीय उम्मीदवार को जबरन हराया गया, जबकि वह 80 हजार वोटों से आगे था। लियाकत ने कहा, सेना के दबाव में पोलिंग अधिकारियों ने नकली बैलेट पेपर से उसे हराया। चट्ठा ने कहा कि चुनाव में धांधली करने के लिए उनपर इतना ज्यादा दबाव था कि उन्हें आत्महत्या तक का विचार आने लगा था। चट्ठा ने कहा कि वे तमाम अधिकारियों से अनुरोध करेंगे कि वे नेताओं के इशारों पर देश को बर्बाद करने वाले कदम न उठाएं। चट्ठा ने कहा कि उन्हें पाकिस्तान में न्याय की उम्मीद नहीं है, क्योंकि इस धांधली में सेना के साथ-साथ चुनाव आयोग के अध्यक्ष और पाकिस्तान के चीफ जस्टिस भी शामिल हैं। कई दर्जन ऐसे उम्मीदवारों को 50-50 हजार वोटों के अंतर से जिताया गया है, जो असल में इतने ही अंतर से हार रहे थे। सब जानते हैं कि यह सब पीटीआई समर्थक निर्दलीय उम्मीदवारों को हराने के लिए किया गया।
उन्होंने कहा कि वे अपना जुर्म कबूलते हुए इसके नतीजों की पूरी जिम्मेदारी लेते हैं। चट्ठा ने धांधली की जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया, जिसके बाद उन्हें तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया। पाकिस्तान के मुख्य न्यायाधीश (सीजेपी) काजी फैज ईसा ने रावलपिंडी कमिश्नर के आरोपों को निराधार बताया। सीजेपी ने चट्ठा से सबूतों की मांग की। वहीं, चुनाव आयोग ने आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि आयोग के किसी भी अधिकारी ने चट्ठा को चुनाव परिणाम बदलने के संबंध में कोई भी निर्देश नहीं दिए हैं।
पीएमएलएन ने साधा निशाना
चट्ठा के आरोपों पर नवाज शरीफ की पार्टी पीएमएलएन ने आलोचना की है। उन्होंने कहा कि यह राजनीतिक निष्ठा की ओर ध्यान आकर्षित किया है। चट्ठा एक सीट से पीटीआई समर्थित उम्मीदवार अहमद चट्ठा के चचेरे भाई हैं। पीएमएलएन ने एक्स पर आरोप लगाया कि चट्ठा का मलिक रियाज के साथ संबंध था। रियाज लंदन में पीटीआई का सक्रिय सदस्य है। हालांकि, रियाज ने आरोपों से इनकार कर दिया है।
कार्यवाहक पीएम ने कानूनी मदद का किया आह्वान
इन सबके बीच, कार्यवाहक प्रधान मंत्री अनवार उल-हक काकर ने कहा कि जो भी चुनावी गड़बड़ियों को लेकर चिंतित है, उसे कानूनी मदद के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। पाकिस्तान की विधायी, न्यायिक और कार्यकारी शाखाएं सभी को निष्पक्ष न्याय देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। शांतिपूर्ण विरोध और सभा लोगों का बुनियादी अधिकार है। लेकिन किसी भी तरह का आंदोलन या हिंसा बर्दाश्त नहीं होगा।