{"_id":"6958736a76a7fffabc072f45","slug":"pakistan-backs-china-claim-of-mediation-during-operation-sindoor-raises-diplomatic-questions-2026-01-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"China Mediation Claim Row: भारत-PAK संघर्ष पर चीन के दावे का पाकिस्तान ने किया समर्थन, MEA ने दिखाया आईना","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
China Mediation Claim Row: भारत-PAK संघर्ष पर चीन के दावे का पाकिस्तान ने किया समर्थन, MEA ने दिखाया आईना
Sat, 03 Jan 2026 07:12 AM IST
शिवम गर्ग
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
Published by: शिवम गर्ग
Updated Sat, 03 Jan 2026 07:12 AM IST
सार
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान चीन की मध्यस्थता के दावे को पाकिस्तान ने समर्थन दिया है। इस बयान से भारत-पाक संघर्ष विराम को लेकर कूटनीतिक बहस तेज हो गई है।
विज्ञापन
पाकिस्तान प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग।
- फोटो : ANI
विस्तार
मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए सैन्य तनाव को लेकर अब एक नया कूटनीतिक मोड़ सामने आया है। पाकिस्तान ने पहली बार सार्वजनिक रूप से चीन के उस दावे का समर्थन किया है, जिसमें बीजिंग ने भारत-पाक संघर्ष के दौरान मध्यस्थता की भूमिका निभाने की बात कही थी।
विज्ञापन
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने गुरुवार को प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि संघर्ष के दौरान चीनी नेतृत्व लगातार पाकिस्तान के शीर्ष नेतृत्व के संपर्क में था। उन्होंने यह भी दावा किया कि 7 से 10 मई के बीच चीन ने भारतीय नेतृत्व से भी संपर्क साधा था। अंद्राबी के अनुसार, इन संवादों ने हालात को शांत करने और क्षेत्र में शांति व सुरक्षा बहाल करने में भूमिका निभाई। उन्होंने कहा ये संपर्क सकारात्मक कूटनीतिक आदान-प्रदान थे, जिनसे तनाव कम करने और शांति स्थापित करने में मदद मिली। इसलिए चीन द्वारा मध्यस्थता किए जाने का दावा सही है। पाकिस्तान ने इसे शांति, समृद्धि और सुरक्षा के लिए कूटनीति करार दिया।
विज्ञापन
देर से आया बयान, उठे सवाल
हालांकि, पाकिस्तान का यह बयान कई सवाल भी खड़े कर रहा है। अब तक इस चार दिन चले सैन्य टकराव के बाद संघर्ष विराम का श्रेय पाकिस्तान पूरी तरह से अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को देता रहा था। ऐसे में महीनों बाद चीन की भूमिका को स्वीकार करना कूटनीतिक हलकों में हैरानी का कारण बना है।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें:- हिंसा में बुरी तरह झुलसे खोकन चंद्र दास के भतीजे ने बयां की भयावहता, कहा- खून की प्यासी थी भीड़
भारत का रुख साफ
भारत पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि संघर्ष विराम किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता का नतीजा नहीं था। नई दिल्ली के अनुसार, सैन्य कार्रवाई रोकने का फैसला पाकिस्तान के डीजीएमओ द्वारा भारत के डीजीएमओ से संपर्क किए जाने के बाद लिया गया था। भारत ने चीन के विदेश मंत्री वांग यी के उस बयान को भी खारिज कर दिया था, जिसमें बीजिंग ने मध्यस्थता का दावा किया था।
चीन बनाम अमेरिका के दावे
दिलचस्प बात यह है कि चीन का यह दावा अमेरिका के उन बयानों से मेल खाता है, जिनमें डोनाल्ड ट्रंप ने बार-बार कहा था कि वाशिंगटन ने दोनों परमाणु संपन्न देशों के बीच टकराव खत्म कराने में निर्णायक भूमिका निभाई। अब पाकिस्तान का ताजा बयान इस कूटनीतिक खींचतान को और जटिल बनाता दिख रहा है।
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन