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Pakistan Army: बोलने की आजादी पर सेना और सरकार का साझा हमला, सोशल मीडिया यूजर्स हो रहे गिरफ्तार
Wed, 17 Aug 2022 05:31 PM IST
Amit Mandal
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Amit Mandal
Updated Wed, 17 Aug 2022 05:31 PM IST
सार
पाकिस्तान की सेना बीते महीनों में सोशल मीडिया पर हुई अपनी आलोचना से विचलित रही है। अब लगता है कि शहबाज शरीफ सरकार को उसने ऐसी बातें लिखने वोलों को सबक सिखाने के लिए राजी कर लिया है।
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पाकिस्तानी सेना
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
पाकिस्तान में अब सेना से जुड़े मामलों पर सोशल मीडिया पर कोई आलोचनात्मक टिप्पणी करना खतरनाक हो गया है। पाकिस्तान सरकार ने एलान किया है कि बलूचिस्तान में बीते एक अगस्त को हुए हेलीकॉप्टर हादसे के बारे में जिन लोगों ने अटकलें लगाने वाले पोस्ट सोशल मीडिया पर डाले, उन सभी को गिरफ्तार किया जाएगा। शहबाज शरीफ के नेतृत्व वाली पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट (पीडीएम) सरकार ने ऐसे पोस्ट डालने वाले लोगों को ‘अपराधी’ घोषित कर दिया है।
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पाकिस्तानी सेना आलोचना से विचलित हुई
पाकिस्तान की सेना बीते महीनों में सोशल मीडिया पर हुई अपनी आलोचना से विचलित रही है। अब लगता है कि शहबाज शरीफ सरकार को उसने ऐसी बातें लिखने वोलों को सबक सिखाने के लिए राजी कर लिया है। पाकिस्तान के टीवी चैनल जिओ टीवी ने एक विशेष रिपोर्ट में बताया है कि लासबेला जिले में हुए हेलीकॉप्टर हादसे से जुड़े पोस्ट के लिए कई लोग गिरफ्तार कर लिए गए हैं। बाकी लोगों को भी जल्द ही पकड़ा जाएगा। हेलीकॉप्टर हमले में छह पाकिस्तन सैनिक मारे गए थे।
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हेलीकॉप्टर हादसे पर चला सोशल मीडिया में अभियान
पाकिस्तान के सरकारी सूत्रों का आरोप है कि हेलीकॉप्टर हादसे को लेकर जानबूझ कर बदनीयत भरा अभियान चलाया गया। उन्होंने दावा किया है कि इसके पीछे भारत से संचालित कुछ सोशल मीडिया एकाउंट्स का हाथ है। इन सूत्रों ने कथित तौर पर ऐसे 17 भारतीय एकाउंट्स की पहचान करने का दावा भी किया है।
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पाकिस्तान के सोशल मीडिया पर हेलीकॉप्टर हादसा काफी समय तक ट्रेंड करता रहा। तब शरीफ सरकार ने उसकी जांच पाकिस्तान की फेडरल जांच एजेंसी (एफआईए) के क्राइम विंग को सौंपी। साइबर क्राइम विभाग के अतिरिक्त महानिदेशक मोहम्मद जफर इस जांच दल की अगुआई कर रहे हैं। जांच दल में कई वरिष्ठ अफसरों को शामिल किया गया है।
सोशल मीडिया पर डाले गए पोस्ट की आलोचना सबसे पहले प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने की थी। उन्होंने इस कथित सोशल मीडिया अभियान को ‘भयानक’ बताया था। एक ट्वीट में उन्होंने कहा था कि हमारे शहीदों का मखौल उड़ाने के लिए सोशल मीडिया पर अभियान चलाया गया है। इस अपमानजनक अभियान के पीछे खुद को हमेशा सबसे सही मानने वाले राजनीतिक लोगों का हाथ है। तब इसका अर्थ यह निकाला गया था कि शरीफ ने इसके बहाने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान पर निशाना साधा है।
सेना ने सोशल मीडिया अभियान की निंदा की
इसी बीच सेना ने भी दखल दिया। सेना के जन संपर्क विभाग के महानिदेशक मेजर जनरल बाबर इफ्तिखार ने जिओ टीवी के एक कार्यक्रम में हेलीकॉप्टर हादसे के बाद छेड़े गए नकारात्मक प्रचार अभियान की निंदा की। उन्होंने कहा कि इस अभियान से हमें बहुत दुख पहुंचा है। खास कर इससे शहीदों के परिजनों को पीड़ा हुई है। हादसे से जुड़ी अफवाहों को सिरे से ठुकरा दिया जाना चाहिए।
लेकिन पर्यवेक्षकों ने ध्यान दिलाया है कि सोशल मीडिया के यूजर्स से सेना और वर्तमान सरकार की यह पहली नाराजगी नहीं है। गुजरे महीनों में इमरान खान सरकार को गिराने में सेना और अमेरिका की कथित भूमिका की चर्चा से भी वे उद्वेलित रही हैं। अब शायद सैनिकों की शहादत की आड़ में उन्हें आलोचकों को ठिकाने का लगाने का बहाना मिल गया है।