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पाकिस्तान: सभी खुफिया एजेंसियां होंगी आईएसआई के अधीन, सेना होगी और हावी
Wed, 25 Nov 2020 12:35 AM IST
Amit Mandal
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
Published by: Amit Mandal
Updated Wed, 25 Nov 2020 12:35 AM IST
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पाक सेना प्रमुख जनरल कमर बाजवा और पाक प्रधानमंत्री इमरान खान
पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसएआई और ताकतवर होने जा रही है। प्रधानमंत्री इमरान खान ने मंगलवार को आईएसआई प्रमुख की अध्यक्षता में देश के दो दर्जन से अधिक खुफिया संगठनों के समन्वय के लिए राष्ट्रीय खुफिया समन्वय समिति (एनआईसीसी) की स्थापना को मंजूरी दे दी। आईएसआई को इसकी कमान मिलने से उसकी और सेना की ताकत में और इजाफा होगा।
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समाचार पत्र ‘डॉन’ ने एक वरिष्ठ सुरक्षा सूत्र के हवाले से कहा कि समन्वय मंच की स्थापना के बारे में चर्चा हुई है, लेकिन एक बार औपचारिक रूप से इसे आकार देने के बाद ही इसकी कार्यप्रणाली पर निर्णय किया जाएगा। उसने कहा कि नई समिति का नेतृत्व इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) के महानिदेशक करेंगे। वह उसके अध्यक्ष होंगे।
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खुफिया एजेंसियों ने इस मुद्दे पर कम से कम दो दौर की चर्चा की है, जिसके बाद प्रस्ताव को मंजूरी के लिए प्रधानमंत्री के सामने प्रस्तुत किया गया। समन्वय निकाय की पहली बैठक अगले सप्ताह की शुरुआत में हो सकती है।
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एनआईसीसी देश के दो दर्जन से अधिक खुफिया संगठनों के समन्वय के लिए एक तंत्र के रूप में काम करेगा। राष्ट्रीय आतंकवाद रोधी प्राधिकरण भी नए ढांचे का हिस्सा होगा। इसे आईएसआई प्रमुख फैज हमीद के दिमाग की उपज बताया जता है।
खबर के अनुसार, यह कदम खुफिया तंत्र के लंबे समय से प्रतीक्षित सुधार का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य संबंधित एजेंसियों की भूमिका को स्पष्ट करना, उनके समन्वय में सुधार करना और उनकी क्षमताओं का अनुकूलन करना है।
साल 2008 में सैन्य इंटेलीजेंस को प्रशासनिक नियंत्रण में लाने की कोशिश की गई थी, लेकिन नाकाम रही। तब पीपीपी सरकार ने आईएसआई और आईबी को प्रशासनिक, वित्तीय और ऑपरेशनल कंट्रोल में लाने की कोशिश करते हुए अधिसूचना भी जारी कर दी थी। लेकिन भारती विरोध के बाद इस फैसले को 24 घंटे के भीतर ही वापस ले लिया गया था।