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PoJK Protest: पाकिस्तान सरकार ने प्रदर्शनकारियों से की दूसरे दौर की बातचीत, लेकिन अब तक नहीं निकला कोई हल

Fri, 03 Oct 2025 09:32 PM IST
शिव शुक्ला वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फराबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फराबाद Published by: शिव शुक्ला Updated Fri, 03 Oct 2025 09:32 PM IST
सार

यह समिति जम्मू-कश्मीर संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (जेकेजेएएसी) के प्रतिनिधियों से वार्ता कर रही है, जो वहां के जन आंदोलन का नेतृत्व कर रही है। वार्ता गुरुवार को मुख्य सचिव कार्यालय के कमेटी रूम में शुरू हुई और देर रात तक चली। इसके बाद शुक्रवार को भी दूसरे दौर की बातचीत हुई है।
 

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Pak govt team holds second round of talks with protest leaders in PoK to end demonstrations
पीओजेके में प्रदर्शन - फोटो : ANI

विस्तार

पाकिस्तान-प्रशासित कश्मीर (पीओजेके) में विरोध प्रदर्शनों को खत्म करने के लिए शुक्रवार को एक उच्चस्तरीय सरकारी प्रतिनिधिमंडल ने प्रदर्शनकारियों के नेताओं के साथ दूसरे दौर की बातचीत की। इन प्रदर्शनों में अब तक 10 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और सैकड़ों लोग घायल हुए हैं। 

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गौरतलब है कि यह हिंसा 29 सितंबर को हड़ताल के आह्वान के बाद शुरू हुई थी। इस पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने मंत्रियों और अन्य नेताओं की एक टीम को मुजफ्फराबाद भेजा ताकि प्रदर्शनकारियों की मांगों का शांतिपूर्ण समाधान निकाला जा सके। अभी तक कम से कम छह नागरिक और तीन पुलिसकर्मी मारे गए, जबकि लगभग 172 पुलिसकर्मी और 50 नागरिक घायल हुए हैं। 
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पहले दौर की बातचीत में प्रतिनिधिमंडल के नेता और पूर्व प्रधानमंत्री राजा परवेज अशरफ ने जम्मू कश्मीर संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (जेकेजेएएसी) के नेताओं और ट्रेडर्स के प्रतिनिधियों से चर्चा की थी। संसदीय मामलों के मंत्री तारीक फजल चौधरी ने कहा कि अधिकांश मांगों को सार्वजनिक हित में स्वीकार कर लिया गया है। शेष कुछ मांगों को पूरा करने के लिए सांविधानिक संशोधनों की जरूरत है और इस पर बातचीत जारी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हिंसा किसी समस्या का समाधान नहीं है और एक्शन कमेटी को सभी मुद्दों को शांतिपूर्ण वार्ता के माध्यम से हल करने की उम्मीद है।
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पाकिस्तान ह्यूमन राइट्स कमीशन ने जताई चिंता
इस बीच, पाकिस्तान ह्यूमन राइट्स कमीशन (एचआरसीपी) ने पीओके में जारी हिंसा को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की। एचआरसीपी ने अतिरिक्त सैन्य बल, नागरिकों और कानून प्रवर्तन अधिकारियों की मौत और संचार ब्लैकआउट की निंदा की। कमीशन ने कहा कि शांति पूर्ण विरोध का अधिकार बनाए रखना और लोगों की शिकायतों का पारदर्शी समाधान करना आवश्यक है।

किससे हो रही है वार्ता?
यह समिति जम्मू-कश्मीर संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (जेकेजेएएसी) के प्रतिनिधियों से वार्ता कर रही है, जो वहां के जन आंदोलन का नेतृत्व कर रही है। वार्ता गुरुवार को मुख्य सचिव कार्यालय के कमेटी रूम में शुरू हुई और देर रात तक चली। इसके बाद शुक्रवार को भी दूसरे दौर की बातचीत हुई है।

क्या है लोगो की मांग, पहले ये समझिए
अब पीओजेके के लोगों की मांग की बात करे तो जेकेजेएएसी के नेता शौकत नवाज मीर ने बताया कि पीओजेके के लोगों की प्रमुख मांगों में 12 रिफ्यूजी सीटों को खत्म करना, वीआईपी और एलीट वर्ग को मिलने वाली विशेष सुविधाएं बंद करना, जून 2019 के हाईकोर्ट के फैसले को लागू करना, हेल्थ कार्ड योजना लागू करना शामिल है। इसके अलावा, आंदोलनकारियों की मांग है कि मुजफ्फाराबाद, धिरकोट और अन्य इलाकों में मारे गए निर्दोष प्रदर्शनकारियों की हत्या के दोषियों को गिरफ्तार कर सजा दी जाए।


अब जानें कब और कैसे शुरू हुआ प्रदर्शन?
गौरतलब है कि प्रदर्शन पीओजेके में लगातार बढ़ती महंगाई, बिजली संकट और बुनियादी सुविधाओं की कमी के खिलाफ शुरू हुआ। आंदोलन ने उस समय उग्र रूप ले लिया जब सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी की, जिसमें कई लोग मारे गए। गुरुवार को भी क्षेत्र में पूरी तरह शटर डाउन और व्हील-जाम हड़ताल रही। सोमवार से संचार सेवाएं भी ठप हैं। हालांकि गुरुवार को किसी नए हिंसक घटना की खबर नहीं आई।
 

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