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अमेरिकी प्रतिबंधों पर भड़का उत्तर कोरिया, कहा- इस तरह कभी नहीं होगा परमाणु निरस्त्रीकरण

Tue, 18 Dec 2018 05:40 AM IST
गौरव द्विवेदी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: गौरव द्विवेदी Updated Tue, 18 Dec 2018 05:40 AM IST
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North Korea criticizes US over nuclear restrictions

उत्तर कोरिया ने उस पर लगे ताजा प्रतिबंधों के मापदंडों को लेकर भड़क गया है। उसने अमेरिका की तीखी आलोचना करते हुए चेतावनी दी है कि इस तरह की नीतियों से कोरियाई प्रायद्वीप में हमेशा के लिए निरस्त्रीकरण का रास्ता बंद हो सकता है। सिंगापुर में ट्रंप से वार्ता के बाद पहली बार उत्तर कोरिया की यह चेतावनी अमेरिका के उस बयान के बाद आई है जिसमें कहा गया है कि मानवाधिकार उल्लंघन मामले में वह उत्तर कोरिया के तीन वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ प्रतिबंध लगा रहा है।

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बता दें कि अमेरिका ने जिन उत्तर कोरियाई अधिकारियों पर प्रतिबंध लगाने की बात कही है उनमें किम जोंग-उन के दाएं हाथ समझे जाने वाले चोए रयोंग-हाए भी शामिल हैं। उत्तर कोरिया की सरकारी संवाद एजेंसी केसीएनए में जारी बयान के अनुसार, उत्तर कोरिया ने प्योंगयांग के साथ रिश्तों को बेहतर बनाने की कोशिश करने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तारीफ की, लेकिन साथ ही कहा कि अमेरिका का विदेश मंत्रालय ‘उत्तर कोरिया व अमेरिका के रिश्तों को वहीं ले जाना चाहता है जहां ये पिछले साल थे।’ 
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बयान में कहा गया कि यदि वाशिंगटन को लगता है कि प्रतिबंध या दबाव बढ़ाने से उत्तर कोरिया परमाणु हथियार छोड़ने पर मजबूर हो जाएगा तो यह बहुत बड़ी गलती है। उत्तर कोरिया ने सख्त तेवर अपनाते हुए कहा कि इस तरह की नीति अपनाने से कोरियाई प्रायद्वीप के परमाणु निरस्त्रीकरण का रास्ता हमेशा के लिए बंद हो जाएगा।
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ट्रंप को किम जोंग से जल्द मुलाकात की उम्मीद

उत्तर कोरिया के इस बयान से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कह चुके हैं कि वे उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग से 2019 में जनवरी या फरवरी में दूसरी बार मिलने की उम्मीद कर रहे हैं। इस मुलाकात के लिए तीन स्थानों पर विचार भी किया जा रहा है। अर्जेटीना से जी20 सम्मेलन में भाग लेने के बाद ट्रंप ने वाशिंगटन लौटते वक्त इसकी पुष्टि भी की।


पैदा हो सकती हैं कई मुश्किलें

अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों का मानना है कि उत्तर कोरिया की अमेरिका को दी गई यह चुनौती बेहद गंभीर है, क्योंकि इससे पहले वह पूरी तरह अमेरिका के साथ निरस्त्रीकरण पर बातचीत के पक्ष में आ चुका था। उत्तर कोरिया ने निरस्त्रीकरण को लेकर अपनी मंशा सीधे तौर पर अमेरिका को बताई भी थी, जिसकी पुष्टि अमेरिका कर चुका है। यदि अब उत्तर कोरिया निरस्त्रीकरण पर बेपटरी हुआ तो बहुत मुश्किलें आ सकती हैं।

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