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Nepal Politics: पीएम ओली की भारत और चीन यात्रा पर नजरें, सीमा विवाद सुलझाने पर रहेगा जोर

Sun, 24 Aug 2025 06:53 AM IST
ज्योति भास्कर अतुल मिश्र, काठमांडू।
अतुल मिश्र, काठमांडू। Published by: ज्योति भास्कर Updated Sun, 24 Aug 2025 06:53 AM IST
सार

नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की चीन और भारत यात्रा पर सबकी नजरें हैं। इस दौरान सीमा विवाद समाधान के लिए कूटनीतिक प्रयास किए जा सकते हैं। इसके अलावा भारत के नजरिए से नेपाली पीएम की यात्रा के दौरान लिपुलेख को लेकर उपजे विवाद के निराकरण पर भी बात की जा सकती है।

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Nepal Politics: Eyes on PM KP Sharma Oli visit to India and China emphasis will be resolving border disputes
केपी शर्मा ओली, नेपाल के प्रधानमंत्री - फोटो : X / @PM_nepal_

विस्तार

नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की आगामी भारत यात्रा पर लिपुलेक विवाद का सीधा असर पड़ने की संभावना कम दिख रही है। उच्चस्तरीय सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री ओली इस दौरे को सीमा विवाद सुलझाने के लिए कूटनीतिक प्रयास के अवसर के रूप में भी देख रहे हैं। प्रधानमंत्री ओली चीन और भारत की यात्रा की तैयारी कर रहे हैं। इसी बीच नेपाल और भारत के बीच सीमा विवाद एक बार फिर तेज हो गया है। नेपाल जिस लिपुलेक क्षेत्र को अपना अभिन्न अंग मानता है, वहां से भारत और चीन ने व्यापार शुरू करने का समझौता किया, जिसके बाद विवाद गहराया।

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लगभग 13 महीने के अपने तीसरे कार्यकाल के बाद प्रधानमंत्री ओली को भारत जाने का निमंत्रण मिला है। हाल ही में नेपाल आए भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से ओली को भारत यात्रा का औपचारिक निमंत्रण सौंपा। ओली के सचिवालय के अनुसार प्रधानमंत्री ने भी इस निमंत्रण के लिए आभार प्रकट किया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ओली १६ सितंबर को दो दिवसीय भारत यात्रा पर जाएंगे।
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हालांकि, भारत यात्रा से पहले प्रधानमंत्री ओली चीन जाएंगे। वह ३०अगस्त को शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के शिखर सम्मेलन में भाग लेने बीजिंग जाने वाले हैं। कुछ हलकों का मानना है कि सीमा विवाद की स्थिति में यात्रा करना उचित नहीं होगा, जबकि अन्य का विचार है कि विवाद सुलझाने के लिए इसी यात्रा को अवसर के रूप में लेना चाहिए। प्रधानमंत्री का सचिवालय इस विषय पर अब तक चुप है। सूत्रों के अनुसार, ओली ने प्रधानमंत्री मोदी को पहले काठमांडू आने का निमंत्रण दिया था, जिसे भारत ने स्वीकार नहीं किया। लेकिन, यदि ओली की भारत यात्रा सफल रहती है तो भविष्य में मोदी की नेपाल यात्रा की संभावना बढ़ सकती है।
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हम आपसी संवाद से चाहते हैं हर समस्या का समाधान: पोखरेल
प्रेस चौतारी नेपाल, महोत्तरी द्वारा 5 अगस्त को आयोजित पत्रकार सम्मेलन में नेकपा (एमाले) के महासचिव शंकर पोखरेल ने कहा कि भले ही चीन और भारत ने हालिया समझौते में नेपाल को शामिल नहीं किया, फिर भी ओली की सद्भावना यात्रा प्रभावित नहीं होगी। उन्होंने कहा, 'हम हर समस्या का समाधान आपसी संवाद और चर्चा से चाहते हैं, और यह अवसर ऐसे दौरों से ही मिलता है। इसलिए नेपाल की ओर से यात्रा रद्द करने का सवाल ही नहीं उठता।' पोखरेल ने यह भी कहा कि नेपाल ने पहले ही चीन और भारत दोनों को कूटनीतिक नोट भेजकर लिपुलेक प्रकरण पर असहमति जता दी है, अब इन दोनों मित्र देशों को तार्किक निष्कर्ष निकालना चाहिए। उन्होंने हाल में भारत और चीन द्वारा लिम्पियाधुरा नाका को नेपाल की सहमति बिना व्यापार के लिए खोलने की आलोचना भी की।


दोनों देशों के साथ संतुलित संबंध बनाए रखना नेपाल के लिए जरूरी
प्रधानमंत्री ओली से जुड़े उच्च स्रोतों और नेपाली कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि भारत यात्रा को सीमा विवाद पर आपसी समझदारी और कूटनीतिक समाधान की दिशा में नेपाल का प्रयास माना जाएगा। सीमा विशेषज्ञों के अनुसार, सीमा विवाद का स्थायी समाधान केवल द्विपक्षीय कूटनीतिक संवाद से ही संभव है। उनका कहना है कि नेपाल को अपनी संप्रभुता और भूभाग की रक्षा करते हुए भारत और चीन के साथ संतुलित संबंध बनाए रखना होगा। अब तक नेपाल के प्रमुख दलों ने प्रधानमंत्री ओली की होने वाली चीन और भारत यात्राओं पर कोई प्रत्यक्ष टिप्पणी नहीं की है।

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