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नेपाल के पीएम ओली के बेतुके बोल, अब अयोध्या को लेकर दिया विवादित बयान

Mon, 13 Jul 2020 11:12 PM IST
गौरव पाण्डेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडो
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडो Published by: गौरव पाण्डेय Updated Mon, 13 Jul 2020 11:12 PM IST
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Nepal PM KP Sharma Oli said that real ayodhya is in Nepal not in India alleging of Cultural encroachment
नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली (फाइल फोटो) - फोटो : एएनआई

बीते कई दिनों से भारत विरोधी रुख दिखा रहे नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने एक बार फिर भारत पर आरोप लगाया है। ओली ने इस बार हिंदुओं के आराध्य भगवान श्रीराम की जन्मस्थली अयोध्या को लेकर भारत पर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि भारत ने सांस्कृतिक अतिक्रमण करने के लिए वहां फर्जी अयोध्या का निर्माण कराया। जबकि असली अयोध्या नेपाल के शहर बीरगंज के पश्चिम में स्थित एक गांव था। 

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नेपाल को सांस्कृतिक रूप से दबाया गया है : ओली

कवि भानुभक्त आचार्य की जयंती पर प्रधानमंत्री आवास पर आयोजित एक कार्यक्रम में ओली ने आरोप लगाया कि नेपाल को सांस्कृतिक रूप से दबाया गया है।  

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उन्होंने कहा, 'हमें सांस्कृतिक रूप से दबाया गया है। तथ्यों से छेड़छाड़ की गई है। हम अब भी मानते हैं कि हमने भारतीय राजकुमार राम को सीता दी थी। लेकिन हमने भारत की अयोध्या के राजकुमार को सीता नहीं दी थी। असली अयोध्या बीरगंज के पश्चिम में स्थित एक गांव है, न कि वह जिसे अब बनाया गया है।'

'अयोध्या अगर भारत में तो इतनी दूर कैसे आए राम'

अपनी बात को साबित करने के लिए ओली ने सवाल किया कि अगर असली अयोध्या वही है जो भारत में है तो राजकुमार विवाह के लिए इतनी दूर जनकपुर कैसे आ सकते थे। उन्होंने दावा किया कि  ज्ञान-विज्ञान की उत्पत्ति और विकास नेपाल में हुआ। उन्होंने इस पर खेद जताया कि इसे जारी नहीं रखा जा सका। पहले भी भारत पर नेपाल की सीमा पर कब्जा करने का आरोप लगा चुके ओली का यह बयान उनकी भारत के प्रति मानसिकता को दर्शाता है। 

जमीन से शुरू हुआ विवाद अब आस्था तक पहुंचा

नेपाल ने हाल ही में अपने नक्शे को संशोधित किया था और भारत के उत्तराखंड के चार इलाकों के नेपाल का होने का दावा किया था। दरअसल, भारत ने लिपुलेख दर्रे को धारचुला से जोड़ने वाली एक रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सड़क का उद्धाटन किया था। तब से ही ओली सरकार दावा करती आ रही है कि कालापानी, लिपुलेख और लिंपियाधुरा के क्षेत्र नेपाल के हिस्से में आते हैं। इसे लेकर नेपाल की संसद ने नए नक्शे को भी मान्यता दे दी है। 

ओली भारत पर लगा चुके हैं साजिश रचने का आरोप

बेसिरपैर के बयान दे रहे ओली की कुर्सी पर संकट पहले से ही मंडरा रहा है। एक तरफ जहां उन्हें पद से हटाने के लिए उनकी ही पार्टी के भीतर घमासान मचा है तो दूसरी ओर देश की जनता भी सरकार के खिलाफ गुस्से में हैं। अपनी पार्टी में मचे घमासान को लेकर ओली ने भारत पर भी आरोप लगाया था। बीते दिनों उन्होंने कहा था कि एक दूतावास उनकी सरकार के खिलाफ होटल में साजिश रच रहा है।

देश में कोरोना के लिए बताया था भारत को जिम्मेदार

ओली ने बीते दिनों अपने देश में कोरोना वायरस के प्रसार के लिए भी भारत को जिम्मेदार ठहराया था। ओली ने कहा था कि नेपाल में कोरोना वायरस के कुल मामलों में से 85 फीसदी मामले भारत से आए हैं। ओली ने इससे पहले भी कहा था कि नेपाल को चीन और इटली से आने वाले लोगों से कोरोना का इतना खतरा नहीं है, जितना भारत से आने वाले लोगों से है। भारत ने इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया था।

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