{"_id":"64998780e9bfadeba7017113","slug":"nepal-pashupatinath-temple-reopens-after-ciaa-successfully-completed-the-weighing-of-jalhari-gold-2023-06-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Nepal : फिर खोले गए नेपाल के पशुपति मंदिर के कपाट, जलहरी भ्रष्टाचार मामले में जांच करने पहुंचे थे अधिकारी","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
Nepal : फिर खोले गए नेपाल के पशुपति मंदिर के कपाट, जलहरी भ्रष्टाचार मामले में जांच करने पहुंचे थे अधिकारी
Mon, 26 Jun 2023 06:11 PM IST
Jeet Kumar
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडू
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडू
Published by: Jeet Kumar
Updated Mon, 26 Jun 2023 06:11 PM IST
सार
नेपाल में पशुपतिनाथ मंदिर में जलहरी को लेकर हुए भ्रष्टाचार की जांच करने के लिए भ्रष्टाचार रोधी संस्था ने रविवार को मंदिर के परिसर को खाली करा दिया था लेकिन अब मंदिर सोमवार को भक्तों के लिए फिर से खोल दिया।
विज्ञापन
पशुपतिनाथ मंदिर, नेपाल
- फोटो : Facebook
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
नेपाल में पशुपतिनाथ मंदिर में जलहरी को लेकर हुए भ्रष्टाचार की जांच करने के लिए भ्रष्टाचार रोधी संस्था ने रविवार को मंदिर के परिसर को खाली करा दिया था लेकिन अब मंदिर सोमवार को भक्तों के लिए फिर से खोल दिया। अधिकारियों ने कहा कि जलहरी में गायब सोने की जांच को लेकर जांच की थी और उसका वजन तौला था। एक रिपोर्ट अनुसार 100 किलोग्राम वजन के जलहरी से 10 किलोग्राम सोना गायब होने की बात सामने आई थी जिसका मुद्दा नेपाल संसद में भी उठा था जिसके बाद जांच बैठाई गई है।
विज्ञापन
सीआईएए की एक विशेष टीम ने सोने का वजन सफलतापूर्वक पूरा किया। तौल प्रक्रिया रविवार शाम 6 बजे शुरू हुई और सोमवार सुबह 2 बजे समाप्त हुई। सीआईएए के प्रवक्ता भोला दहल ने कहा कि हम मामले की जांच कर रहे हैं और किसी निष्कर्ष पर पहुंचने में कुछ समय लगेगा। जांच पूरी होने तक हम आभूषण के बारे में कुछ नहीं कह सकते। दहल के मुताबिक, जांच को फिलहाल गुप्त रखा गया है। सीआईएए वजन माप रहा है और आभूषण की गुणवत्ता चेक की जा रही है।
विज्ञापन
पशुपतिनाथ मंदिर काठमांडू का सबसे पुराना हिंदू मंदिर है। जलहरी एक सोने का आभूषण है जो पिछले साल महा शिवरात्रि के दौरान मंदिर के अंदर शिवलिंग के चारों ओर स्थापित किया गया था। इस शिवलिंग के आभूषण से 10 किलोग्राम सोना गायब होने की रिपोर्ट के बाद संसद में सवाल उठाए जाने के बाद सरकार ने प्राधिकरण के दुरुपयोग की जांच आयोग (सीआईएए) को जांच शुरू करने का निर्देश दिया।
विज्ञापन
पशुपति क्षेत्र विकास प्राधिकरण ने दावा किया कि उसने जलहरी बनाने के लिए 103 किलोग्राम सोना खरीदा था लेकिन आभूषण से 10 किलोग्राम सोना गायब होने की बात कही थी। वहीं रविवार को जांच प्रक्रिया जारी रहने के दौरान पशुपति मंदिर परिसर में नेपाल सेना के जवानों सहित दर्जनों सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया और मंदिर को परिसर को बंद कर दिया था।
तत्कालीन राष्ट्रपति बिद्या देवी भंडारी ने निर्धारित तिथि से तीन दिन पहले 24 फरवरी, 2021 को जलहरी का अनावरण किया थाा। करीब एक अरब रुपये की कीमत वाली जलहरी का मुद्दा नेपाल संसद में भी उठा था।