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अपनी आदत से बाज नहीं आ रहा नेपाल, अब गूगल और यूएन को भेजेगा विवादित नक्शा
Sat, 01 Aug 2020 11:15 PM IST
Rajeev Rai
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडू
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडू
Published by: Rajeev Rai
Updated Sat, 01 Aug 2020 11:15 PM IST
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भारत-नेपाल
- फोटो : iStock
नेपाल अपनी कारस्तानियों से बाज नहीं आ रहा है और रोजाना एक नए विवाद को जन्म देने की कोशिश कर रहा है। भारत के साथ नक्शा विवाद को बढ़ाने के बाद अब नेपाल ने इस मामले को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ले जाने का फैसला किया है।
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नेपाली मीडिया में शनिवार को दी गई जानकारी के अनुसार कालापानी, लिंपियाधुरा और लिपुलेख को अपने नए नक्शे में शामिल करने के बाद अब नेपाल की सरकार इस नए नक्शे को संयुक्त राष्ट्र (यूएन) और गूगल को भेजने की तैयारी में है।
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भारत लंबे समय से इन तीनों इलाकों को अपना मानता आया है, लेकिन पीएम ओली द्वारा प्रस्ताव पारित करने और उसे 13 जून को नेपाल की संसद द्वारा मंजूरी मिलने के बाद लिंपियाधुरा और लिपुलेख को नए नक्शे में शामिल कर दिया गया। इसके बाद से ही दोनों देशों के रिश्तों में खटास आ गई है।
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हालांकि भारत पहले ही नेपाल द्वारा पारित किए गए नए नक्शे को दावों का कृत्रिम विस्तार बताकर खारिज कर चुका है। भारत सरकार कह चुकी है कि मौजूदा हालात के लिए नेपाल जिम्मेदार है और अब बातचीत के लिए उपयुक्त माहौल बनाने की जिम्मेदारी भी उसी की है।
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों की मानें तो प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की सरकार अपने इस कदम से भारत पर दबाव बनाना चाहती है। रिपोर्टों के मुताबिक ओली सरकार इस नए नक्शे का प्रकाशन अंग्रेजी में कराने की तैयारी में जुटी है। इसके बाद वह अपने संशोधित नक्शे को गूगल, संयुक्त राष्ट्र सहित अंतरराष्ट्रीय समुदाय को भेजेगी।