नेपाल का अगला प्रधानमंत्री कौन?: जेन-जी विद्रोह के बाद पहली बार चुनाव, मैदान में तीन दावेदार; एक पूर्व पीएम भी
क्या नेपाल की राजनीति एक नए मोड़ पर खड़ी है? क्या अनुभवी नेतृत्व फिर सत्ता में लौटेगा या युवा चेहरों की लहर इतिहास रचेगी? 5 मार्च का मतदान सिर्फ सरकार चुनने का अवसर नहीं, बल्कि देश की दिशा और भविष्य तय करने वाली निर्णायक घड़ी बन चुका है।
क्या नेपाल की राजनीति एक नए मोड़ पर खड़ी है? क्या अनुभवी नेतृत्व फिर सत्ता में लौटेगा या युवा चेहरों की लहर इतिहास रचेगी? 5 मार्च का मतदान सिर्फ सरकार चुनने का अवसर नहीं, बल्कि देश की दिशा और भविष्य तय करने वाली निर्णायक घड़ी बन चुका है।
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नेपाल में 16वें प्रधानमंत्री के चयन के लिए राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। प्रधानमंत्री पद के लिए तीन प्रमुख उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनके भाग्य का फैसला 5 मार्च को होने वाले मतदान से होगा। इन दावेदारों में देश की अनुभवी कम्युनिस्ट पार्टी के नेता केपी शर्मा ओली, पूर्व रैपर और काठमांडू के मेयर रह चुके बालेंद्र शाह (बालेन), और देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी नेपाली कांग्रेस के युवा नेता गगन थापा शामिल हैं। नेपाली कांग्रेस को भारत के साथ घनिष्ठ संबंध रखने वाली एक उदार लोकतांत्रिक पार्टी के रूप में जाना जाता है।
युवाओं के नेतृत्व में हुए विद्रोह के बाद पहली बार चुनाव
यह चुनाव पिछले साल युवाओं (जेन-जी) के नेतृत्व में हुए भारी बवाल और विरोध प्रदर्शनों के बाद पहली बार हो रहा है। इस विद्रोह के कारण सत्ता से बेदखल हुए कम्युनिस्ट नेता केपी शर्मा ओली एक बार फिर सत्ता में वापसी की उम्मीद कर रहे हैं। उन्होंने खुद को देश में प्रधानमंत्री पद के लिए एक सशक्त उम्मीदवार बताया है। दूसरी ओर, 35 वर्षीय बालेंद्र शाह, जो चुनाव प्रचार के दौरान अपनी लोकप्रियता के चलते चर्चा में हैं, को भी प्रबल दावेदार माना जा रहा है। वे अपने खास काले कपड़ों और धूप के चश्मे में देश का दौरा कर रहे हैं। वहीं, 49 वर्षीय गगन थापा नेपाली कांग्रेस के नवनियुक्त नेता हैं और देश में अपने पुराने दल को सत्ता में वापस लाने की पैरवी कर रहे हैं।
गगन थापा का वादा: सत्ता में आने पर संपत्ति की जांच
नेपाली कांग्रेस के नेता गगन थापा ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। उन्होंने कहा है कि यदि उनकी सरकार बनती है, तो एक शक्तिशाली आयोग गठित कर सभी घोटालों की जांच की जाएगी। थापा ने यह भी स्पष्ट किया कि जांच की शुरुआत अपनी और निवर्तमान सभापति शेरबहादुर देउबा की संपत्ति से की जाएगी।
भारत-नेपाल सीमा 2 से 5 मार्च तक सील
नेपाल में होने वाले चुनावों के मद्देनजर, भारत-नेपाल की सीमा को 2 मार्च से 5 मार्च तक सील रखा जाएगा। पिथौरागढ़ से धारचूला तक 250 किलोमीटर से अधिक लंबी सीमा बंद रहेगी। नेपाल में चुनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय सीमा बंद रहने से समूचे सीमांत क्षेत्रों में कारोबार भी प्रभावित होगा, क्योंकि इन क्षेत्रों का व्यापार सीधे सीमावर्ती कस्बों और शहरों पर निर्भर करता है।
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