फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Nepal: After Deubas victory in the party now a new challenge before the ruling coalition know the whole matter

नेपालः पार्टी में देउबा की जीत के बाद अब सत्ताधारी गठबंधन के आगे नई चुनौती, जानिए पूरा मामला

Thu, 16 Dec 2021 07:41 PM IST
अभिषेक दीक्षित डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, काठमांडू
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, काठमांडू Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Thu, 16 Dec 2021 07:41 PM IST
सार

पार्टी नेतृत्व को राहत मिलने की असली वजह यह है कि अगर देउबा हार जाते, तो मौजूदा गठबंधन सरकार के लिए बड़ी चुनौती खड़ी हो जाती। देउबा इस समय दो कम्युनिस्ट पार्टियों के समर्थन से बनी गठबंधन सरकार का नेतृत्व कर रहे हैं।

विज्ञापन
Nepal: After Deubas victory in the party now a new challenge before the ruling coalition know the whole matter
शेर बहादुर देउबा - फोटो : Social Media

विस्तार

प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा के नेपाली कांग्रेस का फिर अध्यक्ष चुन लिए जाने से पार्टी नेतृत्व ने राहत महसूस की है। वैसे नेपाली कांग्रेस के 14वें महाधिवेशन में पदाधिकारियों के हुए चुनाव से इस बात का साफ संकेत मिला है कि देउबा अब पार्टी के निर्विवाद नेता नहीं हैं।

विज्ञापन


पार्टी नेतृत्व को राहत मिलने की असली वजह यह है कि अगर देउबा हार जाते, तो मौजूदा गठबंधन सरकार के लिए बड़ी चुनौती खड़ी हो जाती। देउबा इस समय दो कम्युनिस्ट पार्टियों के समर्थन से बनी गठबंधन सरकार का नेतृत्व कर रहे हैं। ये पार्टियां हैः पुष्प कमल दहल के नेतृत्व वाली कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (माओइस्ट सेंटर) और माधव कुमार नेपाल के नेतृत्व वाली कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (यूनिफाइड सोशलिस्ट)।
विज्ञापन


बताया जाता है कि दहल और नेपाल का देउबा से अच्छा तालमेल है। इसलिए दोनों अगले आम चुनाव तक मौजूदा गठबंधन को जारी रखना चाहते हैँ। बल्कि चर्चा यह भी है कि अगर संभव हो, तो वे अगला चुनाव नेपाली कांग्रेस के साथ गठबंधन में लड़ना चाहेंगे। मगर अगर पार्टी अध्यक्ष पद के चुनाव में देउबा हार जाते, तो ये सारा समीकरण बिगड़ जाता।
विज्ञापन
विज्ञापन


राजनेताओं का कहना है कि देउबा के फिर अध्यक्ष चुन लिए जाने से अब यह लगभग तय हो गया है कि मौजूदा सरकार अगले आम चुनाव तक चलेगी। माओइस्ट सेंटर पार्टी के वरिष्ठ नेता नारायण काजी श्रेष्ठ ने अखबार काठमांडू पोस्ट से कहा कि देउबा के नेतृत्व में गठबंधन चुनाव तक चलेगा। इसे कोई खतरा नहीं है। दहल और नेपाल की पार्टियों के अलावा जनता समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय जन मोर्चा भी देउबा के नेतृत्व वाले गठबंधन में शामिल हैं।

हालांकि, कुछ राजनीतिक पर्यवेक्षकों की राय है कि देउबा की जीत से गठबंधन में एक दूसरे तरह की दिक्कत आ सकती है। इससे देउबा की सियासी हैसियत मजबूत हुई है। ऐसे में वे बतौर प्रधानमंत्री कुछ ऐसे विधेयक पारित करवाने का इरादा दिखा सकते हैं, जिन पर गठबंधन में सहमति नहीं है। एक ऐसा ही बिल मिलेनियम चैलेंज (एमसीसी) कॉरपोरेशन कॉम्पैक्ट से जुड़ा है। ये बिल पारित होने पर नेपाल अमेरिका से 50 करोड़ डॉलर की सहायता हासिल करने में सक्षम हो जाएगा। नेपाली कांग्रेस अमेरिका से इस समझौते की समर्थक है।

दहल और नेपाल की नेतृत्व वाली कम्युनिस्ट पार्टियां इसके पक्ष में नहीं हैं। उनकी दलील है कि ये समझौता अमेरिका की इंडो-पैसिफक रणनीति का हिस्सा है। इसलिए नेपाल को इसमें शामिल नहीं होना चाहिए। नेपाली कांग्रेस के नेताओं को भरोसा है कि एमसीसी समझौते जैसे मुद्दों को लेकर गठबंधन नहीं टूटेगा। नेपाली कांग्रेस में देउबा खेमे के नेता प्रकाश शरण महत ने काठमांडू पोस्ट से कहा कि सत्ताधारी गठबंधन में एमसीसी के मुद्दे पर चर्चा नहीं हुई है। लेकिन ये बिल संसद के चालू सत्र में आएगा। हमें पूरा यकीन है कि इस मसले को लेकर सत्ताधारी गठबंधन नहीं टूटेगा।

सीपीएन (यूनिफाइड सोशलिस्ट) के प्रवक्ता जगन्नाथ खाटिवाडा ने कहा है कि एमसीसी के पारित होने की कोई संभावना मुझे नजर नहीं आती। गठबंधन में इसको लेकर कड़ा विरोध है। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का कहना है कि नए सिरे से पार्टी अध्यक्ष बने देउबा के लिए यही मुद्दा पहली बड़ी चुनौती है। उनके मुताबिक इस पर क्या होता है, उसे देखने के बाद ही सत्ताधारी गठबंधन के बारे में कोई ठोस राय बनाई जा सकेगी।

नेपाल के रक्षा मंत्री ने इस्तीफा दिया

नेपाल के रक्षा मंत्री मिनेंद्र रिजाल ने गुरुवार को इस्तीफा दे दिया। इससे पहले सत्तारूढ़ नेपाली कांग्रेस के महासचिव पद के चुनाव में उन्हें युवा नेताओं ने शिकस्त दे दी थी। नेपाली कांग्रेस के प्रतिनिधियों ने देश की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक पार्टी के 14वें आम सम्मेलन के दौरान युवा नेताओं गगन कुमार थापा और विश्व प्रकाश शर्मा को महासचिव चुना। इससे पहले प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा को लगातार चार साल के दूसरे कार्यकाल के लिए पार्टी के अध्यक्ष के रूप में फिर से चुना गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed