फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Nearly 500-year-old well found near gurdwara on Kartarpur corridor

करतारपुर साहिब गुरुद्वारे के करीब खुदाई में मिला 500 साल पुराना कुआं

Sun, 28 Apr 2019 08:48 PM IST
तिवारी अभिषेक वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: तिवारी अभिषेक Updated Sun, 28 Apr 2019 08:48 PM IST
विज्ञापन
Nearly 500-year-old well found near gurdwara on Kartarpur corridor
फाइल फोटो

करतारपुर स्थित गुरुद्वारा दरबार साहिब के पास खुदाई के दौरान करीब 500 साल पुराना कुआं मिला है। माना जा रहा है कि इस कुएं का निर्माण सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव के सामने हुआ था। यह कुआं गुरु नानक देव के आखिरी दिनों के साक्षी गुरुद्वारा दरबार साहिब तक भारतीय सिख श्रद्धालुओं की आसान पहुंच बनाने को निर्मित किए जा रहे कॉरिडोर के लिए चिह्नित जमीन पर उस समय मिला, जब लाहौर से 125 किलोमीटर दूर स्थित करतारपुर में गुरुद्वारा साहिब के पास इसका प्रवेश द्वार निर्मित करने के लिए खुदाई शुरू की गई। 

विज्ञापन


गुरुद्वारा दरबार साहिब के केयरटेकर सरदार गोविंद सिंह ने बताया कि 20 फुट गहरा कुआं छोटी लाल ईंटों से बनाया गया था। विशेषज्ञों द्वारा कुएं को गुरु नानक देव के समय निर्मित होने की संभावना जताए जाने के कारण इसका पुनरुद्धार कराया जाएगा और इसके बाद इसे श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिया जाएगा। 
विज्ञापन


सिंह ने कहा, कुआं (खो साहिब) बैसाखी व अन्य अवसरों पर यहां आने वाले सिख श्रद्धालुओं के लिए वरदान जैसा था, जो इसका मीठा पानी पीते थे। उन्होंने दावा किया कि इस कुएं के पानी में बीमारियां मिटाने की आश्चर्यजनक क्षमता थी। बता दें कि साल 2019 को सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव के 550वें जन्मोत्सव के तौर पर मनाया जा रहा है। गुरु नानक देव का जन्म श्री ननकाना साहिब में हुआ था, जो इस समय पाकिस्तान में ही है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


पिछले साल नवंबर में भारत और पाकिस्तान की सरकारों ने पाकिस्तानी सीमा में महज 4 किलोमीटर अंदर नारोवाल जिले में रावी नदी के किनारे करतारपुर स्थित गुरुद्वारा दरबार साहिब को भारतीय सीमा में गुरदासपुर जिले के डेरा बाबा नानक से विशेष कॉरिडोर के जरिए जोड़ने पर सहमति बनाई थी। 


इस कॉरिडोर के जरिए भारतीय श्रद्धालु बिना वीजा लिए गुरुद्वारा दरबार साहिब जाकर दर्शन कर पाएंगे। गुरुद्वारा दरबार साहिब की स्थापना वर्ष 1522 में गुरु नानक देव ने की थी और यहीं पर उन्होंने अपने जीवन के अंतिम वर्ष गुजारे थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed