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नाटो बैठक: नेता बोले, चीन की सुरक्षा चुनौतियां वास्तविक हैं, इससे निपटेंगे
Wed, 16 Jun 2021 01:21 AM IST
देव कश्यप
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस, ब्रुसेल्स
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस, ब्रुसेल्स
Published by: देव कश्यप
Updated Wed, 16 Jun 2021 01:21 AM IST
सार
- अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन की पहली और मर्केल की आखिरी नाटो बैठक में छाया रहा चीन
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NATO Summit 2021
- फोटो : ट्विटर/नाटो
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विस्तार
अमेरिकी राष्ट्रपति के तौर पर जहां जो बाइडन के लिए यह नाटो बैठक पहली रही वहीं जर्मनी की चांसलर एंजेला मर्केल ने इस साल चुनाव न लड़ने के कारण उनकी यह बैठक अंतिम रही। यह अहम बैठक चीन से पेश आ रही गंभीर सुरक्षा चुनौतियों पर केंद्रित रही। बाइडन ने चीन को गंभीर खतरे के रूप में पेश करते हुए निपटने के उपाय रखे। नाटो नेताओं ने भी कहा कि चीन की चुनौती वास्तविक है।
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शीत युद्ध के दौरान सोवियत संघ से यूरोप की रक्षा करने के लिए बनाए गए नाटो गठबंधन के रवैये में यह एक बड़ा बदलाव है, कि अब वह चीन को अपनी मुख्य चुनौती मान रहा है। शिखर वार्ता के बाद जारी किए गए विस्तृत बयान में चीन के रवैये की ही आलोचना की गई है। नाटो नेताओं ने कहा, चीन की जगजाहिर महत्वाकांक्षाओं व दबंग रवैया अपनाने के चलते नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था और गठजोड़ से जुड़े क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए वास्वितक खतरा हैं।
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एक दिन पहले ही जी-7 ने भी अपने बयान में चीन पर हमला बोला था और मानवाधिकारों के उल्लंघन को लेकर उसकी तीखी आलोचना की थी। नाटो बैठक में बाइडन ने एक-दूसरे की रक्षा के समझौते को पवित्र जिम्मेदारी बताया जबकि मर्केल ने राष्ट्रपति बाइडन के आगमन को एक नए अध्याय की शुरुआत बताया। उन्होंने नपेतुले शब्दों में चीन के खतरे को लेकर गंभीरता जताई।
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चीन बौखलाया, नाटो के बयान की निंदा की
नाटो देशों के चीन विरोधी रवैये से बीजिंग बौखला गया है। यूरोपीय संघ (ईयू) में चीन के मिशन ने बीजिंग को ‘सुरक्षा चुनौती’ बताने वाले नाटो के बयान की मंगलवार को निंदा की और कहा कि चीन तो वास्तव में शांति के लिए काम करने वाली ताकत है, जो खतरा आने पर स्वयं की रक्षा करेगा। चीन ने कहा, नाटो का बयान चीन के शांतिपूर्ण विकास को बदनाम करने वाला, वैश्विक हालात व स्वयं नाटो की भूमिका का गलत आकलन करने वाला है।यह बयान शीतयुद्ध की सोच तथा संगठनात्मक राजनीतिक मनोवृत्ति को दर्शाने वाला है।
अंतरिक्ष में होने वाले हमलों के खिलाफ भी मिलकर लड़ेंगे नाटो देश
नाटो के सदस्य देशों ने सामूहिक रक्षा प्रावधान ‘सबके लिए एक, एक के लिए सब’ को और व्यापक करते हुए इसमें अंतरिक्ष में होने वाले हमलों के खिलाफ भी मिलकर लड़ने का आह्वान भी किया। नाटो समझौते के अनुच्छेद-5 के मुताबिक, गठबंधन के 30 में से किसी भी सहयोगी पर हमले को सभी पर हमला माना जाएगा। अब तक यह केवल परंपरागत जल, थल और वायु हमलों से संबंधित था। हाल ही में इसमें साइबर हमलों को भी जोड़ा गया था। नाटो के नेताओं ने कहा कि अंतरिक्ष में, अंतरिक्ष से और अंतरिक्ष पर हमला नाटो के लिए चुनौती हो सकता है। ऐसे में भी अनुच्छेद-5 प्रभावी माना जाएगा।