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नासिक TCS केस: तीन दिन तक पुलिस की हिरासत में निदा खान, AIMIM पार्षद पर शरण देने का आरोप; भाजपा हमलावर
Sat, 09 May 2026 01:26 AM IST
राकेश कुमार
पीटीआई, नासिक
पीटीआई, नासिक
Published by: राकेश कुमार
Updated Sat, 09 May 2026 01:26 AM IST
सार
टीसीएस नासिक कांड की मुख्य आरोपी निदा खान की गिरफ्तारी से बड़े धर्मांतरण नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। बुर्का पहनाने से लेकर विदेश भेजने की इस साजिश ने कॉरपोरेट जगत और राजनीति में हड़कंप मचा दिया है। इस मामले में और क्या-क्या खुलासे हुए हैं? खबर में जानिए...
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नासिक टीसीएस कार्यालय में धर्म परिवर्तन और यौन शोषण का मामला।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
टीसीएस के नासिक यूनिट में कथित धार्मिक धर्मांतरण और यौन उत्पीड़न मामले की मुख्य आरोपी निदा खान आखिरकार पुलिस की गिरफ्त में है। पिछले कई दिनों से फरार चल रही निदा को पुलिस ने मध्य महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर से गिरफ्तार किया। पुलिस का दावा है कि एक स्थानीय एआईएमआईएम पार्षद मतीन पटेल ने उसे अपने घर में पनाह दी थी।
कोर्ट ने 11 मई तक पुलिस हिरासत में भेजा
गिरफ्तारी के बाद निदा खान को शुक्रवार को नासिक रोड सेशन कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने पुलिस की दलीलों को सुनने के बाद उसे 11 मई तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया है। इससे पहले निदा ने अपनी तीन महीने की गर्भावस्था का हवाला देते हुए अग्रिम जमानत मांगी थी। हालांकि, दो मई को अदालत ने उसकी अर्जी यह कहते हुए खारिज कर दी थी कि यहां पीड़ितों के व्यवस्थित ब्रेनवॉशिंग की योजना दिखाई दे रही है।
बुर्का, नमाज और मलेशिया भेजने की साजिश
सरकारी वकील एएस मिसार ने अदालत में चौंकाने वाले दावे किए। उन्होंने बताया कि एक पीड़िता को जबरन बुर्का पहनाया गया और नमाज पढ़ने की ट्रेनिंग दी गई। निदा खान पर आरोप है कि वह पीड़िता के घर जाती थी और वहां धार्मिक गतिविधियां चलाती थी। जांच में सामने आया है कि पीड़िता का नाम बदलकर हनिया करने और उसे मलेशिया भेजने की तैयारी थी। पुलिस अब उन इंस्टाग्राम रील और यूट्यूब लिंक की जांच कर रही है, जो पीड़िता को बार-बार भेजे जाते थे।
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सीएम फडणवीस का सख्त रुख
इस मामले पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि एमआईएम पार्षद की भूमिका स्पष्ट है और सरकार इस धर्मांतरण रैकेट की तह तक जाएगी। वहीं, नासिक पुलिस की विशेष जांच टीम एसआईटी अब तक इस मामले में कुल आठ लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। निदा पर एससी-एसटी एक्ट के तहत भी मामला दर्ज है। इस बीच, विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है।
यह भी पढ़ें: Maharashtra: महाराष्ट्र में सोशल मीडिया पर फेक पोस्ट फैलाना पड़ेगा भारी! कानून मजबूत करने के लिए बनी समिति
संजय शिरसाट का बड़ा आरोप
महाराष्ट्र के मंत्री संजय शिरसाट ने इस मामले में एक गहरी साजिश का आरोप लगाते हुए कहा है कि निदा खान को उनके निर्वाचन क्षेत्र संभाजीनगर में 43 दिनों तक छिपाकर रखा गया था। उन्होंने दावा किया कि इस काम में एआईएमआईएम के एक कॉर्पोरेटर ने मदद की और पूर्व सांसद इम्तियाज जलील इसमें मुख्य रूप से शामिल हैं। शिरसाट के अनुसार, पकड़ा गया आरोपी महज एक मोहरा है और इसके पीछे बड़े चेहरों का हाथ है, जो जबरन धर्म परिवर्तन जैसे गंभीर अपराधों के रैकेट का हिस्सा हो सकते हैं।
अमृता फडणवीस ने साधा निशाना
मुख्यमंत्री की पत्नी अमृता फडणवीस ने आरोपी को 'मानव रूप में राक्षस' बताते हुए कड़ी निंदा की और कहा कि ऐसे अपराधियों को कभी भी आसानी से बाहर आने की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए। उन्होंने समाज और परिवारों को सतर्क रहने की सलाह दी क्योंकि अक्सर परिचित और भरोसेमंद लोग ही ऐसे घिनौने कृत्यों को अंजाम देते हैं। फडणवीस ने स्कूलों में 'गुड टच और बैड टच' के बारे में जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया।
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कोर्ट ने 11 मई तक पुलिस हिरासत में भेजा
गिरफ्तारी के बाद निदा खान को शुक्रवार को नासिक रोड सेशन कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने पुलिस की दलीलों को सुनने के बाद उसे 11 मई तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया है। इससे पहले निदा ने अपनी तीन महीने की गर्भावस्था का हवाला देते हुए अग्रिम जमानत मांगी थी। हालांकि, दो मई को अदालत ने उसकी अर्जी यह कहते हुए खारिज कर दी थी कि यहां पीड़ितों के व्यवस्थित ब्रेनवॉशिंग की योजना दिखाई दे रही है।
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बुर्का, नमाज और मलेशिया भेजने की साजिश
सरकारी वकील एएस मिसार ने अदालत में चौंकाने वाले दावे किए। उन्होंने बताया कि एक पीड़िता को जबरन बुर्का पहनाया गया और नमाज पढ़ने की ट्रेनिंग दी गई। निदा खान पर आरोप है कि वह पीड़िता के घर जाती थी और वहां धार्मिक गतिविधियां चलाती थी। जांच में सामने आया है कि पीड़िता का नाम बदलकर हनिया करने और उसे मलेशिया भेजने की तैयारी थी। पुलिस अब उन इंस्टाग्राम रील और यूट्यूब लिंक की जांच कर रही है, जो पीड़िता को बार-बार भेजे जाते थे।
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सीएम फडणवीस का सख्त रुख
इस मामले पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि एमआईएम पार्षद की भूमिका स्पष्ट है और सरकार इस धर्मांतरण रैकेट की तह तक जाएगी। वहीं, नासिक पुलिस की विशेष जांच टीम एसआईटी अब तक इस मामले में कुल आठ लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। निदा पर एससी-एसटी एक्ट के तहत भी मामला दर्ज है। इस बीच, विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है।
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संजय शिरसाट का बड़ा आरोप
महाराष्ट्र के मंत्री संजय शिरसाट ने इस मामले में एक गहरी साजिश का आरोप लगाते हुए कहा है कि निदा खान को उनके निर्वाचन क्षेत्र संभाजीनगर में 43 दिनों तक छिपाकर रखा गया था। उन्होंने दावा किया कि इस काम में एआईएमआईएम के एक कॉर्पोरेटर ने मदद की और पूर्व सांसद इम्तियाज जलील इसमें मुख्य रूप से शामिल हैं। शिरसाट के अनुसार, पकड़ा गया आरोपी महज एक मोहरा है और इसके पीछे बड़े चेहरों का हाथ है, जो जबरन धर्म परिवर्तन जैसे गंभीर अपराधों के रैकेट का हिस्सा हो सकते हैं।
अमृता फडणवीस ने साधा निशाना
मुख्यमंत्री की पत्नी अमृता फडणवीस ने आरोपी को 'मानव रूप में राक्षस' बताते हुए कड़ी निंदा की और कहा कि ऐसे अपराधियों को कभी भी आसानी से बाहर आने की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए। उन्होंने समाज और परिवारों को सतर्क रहने की सलाह दी क्योंकि अक्सर परिचित और भरोसेमंद लोग ही ऐसे घिनौने कृत्यों को अंजाम देते हैं। फडणवीस ने स्कूलों में 'गुड टच और बैड टच' के बारे में जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया।