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Ladakh: लद्दाख में कुछ बड़ा होने वाला है? लॉ एंड ऑर्डर के लिए तैनात की गईं CRPF-RAF की 12 कंपनियां
सार
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में सीआरपीएफ की 12 कंपनियां तैनात करने का फैसला किया है। हालांकि, अचानक सुरक्षाबलों की संख्या बढ़ाने के पीछे की वजह को लेकर सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
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सीआरपीएफ
- फोटो : आईएएनएस
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विस्तार
केंद्र शासित प्रदेश 'लद्दाख' में कुछ बड़ा होने वाला है। वहां पर कानून व्यवस्था की स्थिति के मद्देनजर सीआरपीएफ की 12 कंपनियों को भेजा जा रहा है। देश के सबसे बड़े केंद्रीय अर्धसैनिक बल की तैनाती, फिलहाल 30 दिन के लिए की जा रही है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इसकी मंजूरी दे दी है। सीआरपीएफ और आरएएफ की तैनाती 31 अगस्त से प्रभावी होगी और 30 सितंबर तक जारी रहेगी।
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भेजी जा रही हैं 12 कंपनियां
सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने लद्दाख के मुख्य सचिव, आयुक्त सचिव और डीजीपी को उक्त तैनाती के बारे में अवगत करा दिया है। लद्दाख के गृह विभाग के स्पेशल सेक्रेटरी ने अगस्त माह के दूसरे सप्ताह में केंद्रीय बल की तैनाती के लिए आग्रह किया था। स्पेशल सेक्रेटरी ने अपने पत्र में 12 कंपनियां भेजने की बात कही थी। उन्होंने, इस तैनाती की वजह 'कानून व्यवस्था' बनाए रखना बताई है।
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केंद्रीय गृह मंत्रालय में स्पेशल सेक्रेटरी के पत्र पर विचार विमर्श करने के बाद यह निर्णय लिया गया कि लद्दाख में सीआरपीएफ की 12 कंपनियों को भेजा जाएगा। इनमें 10 सीआरपीएफ की और दो कंपनियां इस बल की विशेष दंगारोधी इकाई 'आरएएफ' की शामिल हैं।
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सितंबर माह को 'शहीद महीने' के तौर पर मनाने की घोषणा
बता दें कि अगले महीने लद्दाख में कई बड़ी बैठकें होनी हैं। लेह एपिक्स बॉडी और कारगिल डेमोक्रेटिक एलायंस ने केंद्र सरकार से पिछले साल विरोध प्रदर्शनों के दौरान जो केस दर्ज किए गए थे, उन्हें वापस लेने की मांग की है। उन प्रदर्शनों में कई लोगों की जान चली गई थी, जबकि दर्जनों लोग घायल हुए थे। इस बीच लद्दाख प्रशासन ने प्रदर्शनों से संबंधित 25 मामले वापस लेने की बात कही है।
हालांकि इस राहत में केवल छोटी भूमिका वाले मामले शामिल किए गए हैं। गंभीर केसों में पुलिस कार्रवाई जारी रहेगी। लेह एपिक्स बॉडी ने सितंबर माह को 'शहीद महीने' के तौर पर मनाने की घोषणा की है। अगले महीने ही नई दिल्ली में लेह एपिक्स बॉडी और कारगिल डेमोक्रेटिक एलायंस की गृह मंत्रालय के अधिकारियों के साथ बैठक होनी है। इसमें संवैधानिक प्रावधान और वित्त से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा होगी।