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Britain: ब्रिटेन में चले गए आराम के दिन, 70+ उम्र में भी अब काम करने की मजबूरी

Mon, 01 May 2023 05:02 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन Published by: Harendra Chaudhary Updated Mon, 01 May 2023 05:02 PM IST
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सार
नए अध्ययन के मुताबिक 2012 के पहले महिलाओं को पुरुषों की तुलना में पांच साल पहले रिटायर होने की सुविधा मिलती थी। लेकिन उसके बाद पुरुष और महिलाओं की रिटायरमेंट उम्र को समान करने की दिशा में आगे बढ़ने वाली नीति लागू कर दी गई...
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Most of the elders in britain have to keep working till the age of more than 70 years
Britain Old Age - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

ब्रिटेन में अब आराम से बुढ़ापा गुजारना लगातार मुश्किल होता जा रहा है। नए बनते हालात के बीच ज्यादातर बुजुर्गों को 70 वर्ष से भी अधिक की उम्र तक काम करते रहना पड़ रहा है। मजदूर दिवस पर जारी एक रिपोर्ट के मुताबिक आने वाले वर्षों में 70 वर्ष से अधिक उम्र तक काम करने की मजबूरी आधे से अधिक बुजुर्गों के सामने होगी। शोधकर्ताओं के मुताबिक इस नई समस्या का सबसे बड़ा कारण महंगाई है, जिसकी वजह से जीवन गुजारने का खर्च बढ़ गया है।

एक नए शोध के मुताबिक साल 2022 में 4,46,601 ऐसे व्यक्ति थे, जो 70 साल से अधिक उम्र हो जाने के बावजूद किसी ना किसी प्रकार के काम कर रहे थे। साल 2012 में ऐसे लोगों की संख्या 2,77,926 थी। यानी दस साल में ऐसे बुजुर्गों की संख्या में 61 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। रेस्टलेस नाम की संस्था के इस अध्ययन के मुताबिक 70 साल से अधिक उम्र में कार्यरत लोगों में ज्यादा संख्या पुरुषों की रही है। लेकिन हाल में ऐसी महिला श्रमिकों की संख्या भी तेजी से बढ़ी है। रेस्टलेस संस्था का मुख्य काम बुजुर्ग श्रमिकों को परामर्श देना है।

नए अध्ययन के मुताबिक 2012 के पहले महिलाओं को पुरुषों की तुलना में पांच साल पहले रिटायर होने की सुविधा मिलती थी। लेकिन उसके बाद पुरुष और महिलाओं की रिटायरमेंट उम्र को समान करने की दिशा में आगे बढ़ने वाली नीति लागू कर दी गई। उसका परिणाम बुजुर्ग महिला श्रमिकों की संख्या बढ़ने के रूप में सामने आया है। 2012 के बाद ऐसी श्रमिकों की संख्या में 66 फीसदी वृद्धि हुई है, जबकि पुरुष श्रमिकों में यह वृद्धि 58 फीसदी रही है।

रेस्टलेस संस्था के चीफ एग्जिक्यूटिव स्टुअर्ट लुइस ने अखबार द गार्जियन से कहा- ‘कोरोना महामारी आने के पहले ही दशकों में ऐसा पहली बार हुआ था, जब ब्रिटेन में जीवन प्रत्याशा (जन्म के समय शिशु के जीवित रहने की अपेक्षित औसत उम्र) घट गई थी।’ लुइस ने बताया कि आज कामकाज के स्थलों पर जितने उम्रदराज लोग दिखते हैं, एक दशक पहले उनकी उतनी संख्या वहां नजर नहीं आती थी।
शोधकर्ताओं के मुताबिक रिटायरमेंट उम्र में पहुंच चुके बहुत से लोग आज काम करते रहने को मजबूर हैं, क्योंकि उनके पास कोई दूसरा विकल्प नहीं है। लुइस ने कहा- ‘हम आज देखते हैं कि बहुत से बुजुर्ग कर्मियों को अपना जीवन गुजारने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। उनके पास रिटायरमेंट के बाद की जिंदगी के लिए पर्याप्त बचत नहीं है। ऐसे में रोजमर्रा के खर्च जुटाने के लिए उनके पास काम करने के अलावा कोई और रास्ता नहीं है।’

ब्रिटेन में सरकारी पेंशन मिलने की उम्र अब पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए 66 वर्ष हो चुकी है। साल 2026 से इस उम्र में और बढ़ोतरी होने लगेगी। 2026 में अप्रैल 1960 के बाद जन्म लोगों के सरकारी पेंशन पाने की उम्र 67 साल हो जाएगी। जानकारों के मुताबिक उसके बाद इस उम्र में और बढ़ोतरी की संभावना है। पेंशन की उम्र बढ़ाने का ट्रेंड पूरे यूरोप में दिख रहा है। फ्रांस में इसे 62 से बढ़ा कर 64 साल कर दिया गया है, जिसको लेकर वहां जोरदार जन आंदोलन चल रहा है।

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