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पाकिस्तान में बारिश ने मचाई तबाही: अब तक 266 लोगों की मौत, 600 से अधिक घायल
Fri, 25 Jul 2025 02:37 PM IST
राहुल कुमार
आईएएनएस, इस्लामाबाद
आईएएनएस, इस्लामाबाद
Published by: राहुल कुमार
Updated Fri, 25 Jul 2025 02:37 PM IST
सार
पाकिस्तान में लगातार हो रही मूसलाधार मानसूनी बारिश ने भीषण तबाही मचाई है। 26 जून से अब तक कम से कम 266 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 126 बच्चे शामिल हैं, जबकि 628 अन्य लोग घायल हुए हैं। यह जानकारी राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने शुक्रवार को अपनी ताज़ा रिपोर्ट में दी। रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 24 घंटों में ही बारिश से जुड़ी घटनाओं में 14 लोगों की मौत हुई है और 17 लोग घायल हुए हैं।
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उत्तरी पाकिस्तान में भारी बारिश के बाद हुआ भूस्खलन।
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
पाकिस्तान में जारी भारी मानसून की बारिश का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीते 24 घंटों में देशभर में बारिश से जुड़ी घटनाओं में 14 लोगों की मौत हुई है और 17 लोग घायल हुए हैं। अब तक की कुल मौतों की संख्या 266 हो गई है। यह जानकारी पाकिस्तान की राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) की ताजा रिपोर्ट में दी गई है।
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रिपोर्ट के अनुसार, हालिया आठ मौतों में से तीन खैबर पख्तूनख्वा में हुईं, जहां पांच लोग घायल भी हुए हैं। वहीं, इस्लामाबाद और पाकिस्तान अधिकृत गिलगित-बाल्टिस्तान में दो-दो मौतें हुईं, जबकि सिंध में एक व्यक्ति की जान गई।
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मौसम विभाग के अनुसार, मानसून सीजन की शुरुआत जून के अंत में हुई थी, तब से अब तक देशभर में 94 पुरुष, 46 महिलाएं और 126 बच्चों सहित कुल 266 लोगों की जान जा चुकी है। वहीं, 628 लोग बारिश और उससे संबंधित हादसों में घायल हुए हैं।
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पंजाब प्रांत इस समय सबसे अधिक प्रभावित है, जहां सबसे ज्यादा 144 मौतें और 488 घायल दर्ज किए गए हैं। हाल ही में रावलपिंडी में आई बाढ़ के बाद जिला प्रशासन ने शहर के 19 शहरी इलाकों को संभावित फ्लैश फ्लड (अचानक बाढ़) के लिहाज से अति संवेदनशील घोषित किया है। डिप्टी कमिश्नर हसन वकार चीमा ने संबंधित क्षेत्रों में सहायक आयुक्तों, तहसीलदारों और विभागीय अधिकारियों को निगरानी अधिकारी नियुक्त किया है।
इन इलाकों में भारी खतरा
नए खतरे वाले क्षेत्रों में न्यू कतारियां, लाई ब्रिज, बंगश कॉलोनी, जियाउल हक कॉलोनी, बोरिंग रोड, पीरवधाई ब्रिज, ढोक नाजू, ढोक दलाल, ढोक हसू ब्रिज, हजारा कॉलोनी, ढोक रत्ता, ग्वालमंडी, ढोक इलाही बख्श, सादिकाबाद, जावेद कॉलोनी, नदीम कॉलोनी, ताहली मोहरी, जान कॉलोनी, टेंच भट्टा लास्ट स्टॉप, बनारस कॉलोनी और शेरॉन कॉलोनी (सावन कैंप) शामिल हैं।
रावलपिंडी के नदीम कॉलोनी, जावेद कॉलोनी और ढोक इलाही बख्श के कई निवासियों ने स्थिति पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि पिछले 50 वर्षों से उनका इलाका लगातार बाढ़ की चपेट में आता रहा है, लेकिन हर बार सरकारी उपेक्षा ही देखने को मिलती है। उन्होंने आरोप लगाया कि हालिया बाढ़ के दौरान कोई भी सरकारी अधिकारी मदद के लिए मौजूद नहीं था और पूरा इलाका पानी में डूबा रहा।