फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Mike Pompeo urged Pakistan to do more to stop abuse of blasphemy laws after release of Asia Bibi

माइक पॉम्पियो ने पाकिस्तान से कहा- ईशनिंदा कानून के दुरुपयोग को रोकें

Sat, 22 Jun 2019 09:24 AM IST
Sneha Baluni वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: Sneha Baluni Updated Sat, 22 Jun 2019 09:24 AM IST
विज्ञापन
Mike Pompeo urged Pakistan to do more to stop abuse of blasphemy laws after release of Asia Bibi
अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो (फाइल फोटो) - फोटो : Instagram

अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो ने शुक्रवार को पाकिस्तान से अनुरोध किया कि वह ईशनिंदा कानून के दुरुपयोग को रोकने के लिए और कदम उठाए। उन्होंने यह आग्रह आसिया बीबी की रिहाई के बाद किया है। उन्हें 2010 में ईशनिंदा के आरोप में मौत की सजा सुनाई गई थी। बीते साल 31 अक्तूबर को पाकिस्तान की उच्चतम न्यायालय ने उन्हें बरी कर दिया था। उनकी सजा का अतंरराष्ट्रीय स्तर पर विरोध हुआ था। आसिया ने आठ साल पाकिस्तान की जेल में बिताए थे।

विज्ञापन


अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता पर एक वार्षिक रिपोर्ट जारी करते हुए पॉम्पियो ने कहा कि 40 अन्य लोग पाकिस्तान में ईशनिंदा के आरोप में आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं। उन्होंने कहा, 'हम लगातार उनकी रिहाई की मांग कर रहे हैं और सरकार को विभिन्न धार्मिक स्वतंत्रता चिंताओं को दूर करने के लिए एक दूत नियुक्त करने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं।'
विज्ञापन


विदेश मंत्री ने कहा, 'पाकिस्तान के उच्चतम न्यायालय ने लगभग एक दशक जेल में बिताने वाली ईशनिंदा की आरोपी ईसाई आसिया बीबी को मिली मौत की सजा खत्म करते हुए उन्हें बरी कर दिया था। हालांकि पाकिस्तान की जेलों में ईशनिंदा के आरोप में 40 अन्य लोग आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं।'
विज्ञापन
विज्ञापन





मुस्लिम बहुल देश पाकिस्तान में ईशनिंदा एक बहुत बड़ा मुद्दा है। यहां इस्लाम का अपमान करने के आरोप को लेकर भीड़ हिंसा के मामले सामने आते रहते हैं। हालांकि सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि कई बार अपने निजी मतभेदों के कारण इस तरह के आरोप लगाए जाते हैं। आसिया बीबी को लोगों के विरोध के बावजूद  पिछले साल उच्चतम न्यायालय ने बरी कर दिया था। माना जा रहा है कि मई में वह देश छोड़कर जा चुकी हैं।

पॉम्पियो ने चीन और ईरान की आलोचना की। चीन ने लगभग एक मिलियन (10 लाख) मुस्लिमों को हिरासत में लिया हुआ है जिसमें से ज्यादातर उइगुर अल्पसंख्यक समुदाय से हैं। इसके अलावा तिब्बत के बौद्ध, ईसाई और फालुनगोंग आध्यात्मिक आंदोलन से ताल्लुक रखने वालों को भी हिरासत में रखा गया है। 

क्या था आसिया बीबी का मामला? 
कहानी 14 जून, 2009 से शुरू होती है। आसिया बीबी का तीन मुस्लिम महिलाओं से विवाद हो गया था। वह लाहौर के शेखपुरा स्थित अपने खेतों में काम कर रही थीं। तेज घूप में काम करने के कारण उन्हें प्यास लगी और उन्होंने कुएं के पास मुस्लिम महिलाओं के लिए रखे पानी के गिलास से पानी पी लिया। मुस्लिम महिलाओं ने इस बात का काफी विरोध किया।


इसके कुछ दिनों बाद मुस्लिम महिलाओं ने विरोध दर्ज कराया कि आसिया ने ईसा मसीह और पैगंबर महोम्मद की तुलना की है। उन्होंने आसिया पर ईश निंदा के तहत मामला भी दर्ज करा दिया। इसके बाद पाकिस्तान पेनल कोर्ट की धारा 295-सी के तहत आसिया को गिरफ्तार किया गया। इस कानून के  तहत आरोपी को मौत की सजा सुनाई जाती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed