माइक पॉम्पियो ने पाकिस्तान से कहा- ईशनिंदा कानून के दुरुपयोग को रोकें
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अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो ने शुक्रवार को पाकिस्तान से अनुरोध किया कि वह ईशनिंदा कानून के दुरुपयोग को रोकने के लिए और कदम उठाए। उन्होंने यह आग्रह आसिया बीबी की रिहाई के बाद किया है। उन्हें 2010 में ईशनिंदा के आरोप में मौत की सजा सुनाई गई थी। बीते साल 31 अक्तूबर को पाकिस्तान की उच्चतम न्यायालय ने उन्हें बरी कर दिया था। उनकी सजा का अतंरराष्ट्रीय स्तर पर विरोध हुआ था। आसिया ने आठ साल पाकिस्तान की जेल में बिताए थे।
अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता पर एक वार्षिक रिपोर्ट जारी करते हुए पॉम्पियो ने कहा कि 40 अन्य लोग पाकिस्तान में ईशनिंदा के आरोप में आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं। उन्होंने कहा, 'हम लगातार उनकी रिहाई की मांग कर रहे हैं और सरकार को विभिन्न धार्मिक स्वतंत्रता चिंताओं को दूर करने के लिए एक दूत नियुक्त करने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं।'
विदेश मंत्री ने कहा, 'पाकिस्तान के उच्चतम न्यायालय ने लगभग एक दशक जेल में बिताने वाली ईशनिंदा की आरोपी ईसाई आसिया बीबी को मिली मौत की सजा खत्म करते हुए उन्हें बरी कर दिया था। हालांकि पाकिस्तान की जेलों में ईशनिंदा के आरोप में 40 अन्य लोग आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं।'
US Secretary of State Mike Pompeo: We continue to call for their release, and encourage the government to appoint an envoy to address the various religious freedom concerns. https://t.co/ZcDo2fylBD
— ANI (@ANI) June 22, 2019
मुस्लिम बहुल देश पाकिस्तान में ईशनिंदा एक बहुत बड़ा मुद्दा है। यहां इस्लाम का अपमान करने के आरोप को लेकर भीड़ हिंसा के मामले सामने आते रहते हैं। हालांकि सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि कई बार अपने निजी मतभेदों के कारण इस तरह के आरोप लगाए जाते हैं। आसिया बीबी को लोगों के विरोध के बावजूद पिछले साल उच्चतम न्यायालय ने बरी कर दिया था। माना जा रहा है कि मई में वह देश छोड़कर जा चुकी हैं।
पॉम्पियो ने चीन और ईरान की आलोचना की। चीन ने लगभग एक मिलियन (10 लाख) मुस्लिमों को हिरासत में लिया हुआ है जिसमें से ज्यादातर उइगुर अल्पसंख्यक समुदाय से हैं। इसके अलावा तिब्बत के बौद्ध, ईसाई और फालुनगोंग आध्यात्मिक आंदोलन से ताल्लुक रखने वालों को भी हिरासत में रखा गया है।
क्या था आसिया बीबी का मामला?
कहानी 14 जून, 2009 से शुरू होती है। आसिया बीबी का तीन मुस्लिम महिलाओं से विवाद हो गया था। वह लाहौर के शेखपुरा स्थित अपने खेतों में काम कर रही थीं। तेज घूप में काम करने के कारण उन्हें प्यास लगी और उन्होंने कुएं के पास मुस्लिम महिलाओं के लिए रखे पानी के गिलास से पानी पी लिया। मुस्लिम महिलाओं ने इस बात का काफी विरोध किया।
इसके कुछ दिनों बाद मुस्लिम महिलाओं ने विरोध दर्ज कराया कि आसिया ने ईसा मसीह और पैगंबर महोम्मद की तुलना की है। उन्होंने आसिया पर ईश निंदा के तहत मामला भी दर्ज करा दिया। इसके बाद पाकिस्तान पेनल कोर्ट की धारा 295-सी के तहत आसिया को गिरफ्तार किया गया। इस कानून के तहत आरोपी को मौत की सजा सुनाई जाती है।
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