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Indonesia: जकार्ता में रूस के विदेश मंत्री लावरोव से मिले जयशंकर, यूक्रेन संकट-आर्थिक मामलों पर हुई चर्चा
Thu, 13 Jul 2023 03:31 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, जकार्ता
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, जकार्ता
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Thu, 13 Jul 2023 03:31 PM IST
सार
जयशंकर ने गुरुवार को ही आसियान देशों के अपने समकक्षों के साथ भी बैठकें कीं और फिनटेक से लेकर खाद्य क्षेत्र में सहयोग और नौसैनिक मामलों को लेकर प्रगति पर चर्चा की।
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रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव और एस जयशंकर।
- फोटो : Twitter/S Jaishankar
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विस्तार
भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर गुरुवार को अपने रूसी समकक्ष सर्गेई लावरोव से इंडोनेशिया के जकार्ता में मिले। दोनों नेताओं की यह मुलाकात यहां होने वाली आसियान बैठक से इतर हुई। जयशंकर ने ट्वीट में कहा कि उनके और लावरोव के बीच द्विपक्षीय आर्थिक मुद्दों और यूक्रेन संकट से जुड़े मामलों को लेकर रहा।
जयशंकर ने गुरुवार को ही आसियान देशों के अपने समकक्षों के साथ भी बैठकें कीं और फिनटेक से लेकर खाद्य क्षेत्र में सहयोग और नौसैनिक मामलों को लेकर प्रगति पर चर्चा की।
गौरतलब है कि जून में जयशंकर ने दक्षिण अफ्रीका में ब्रिक्स शिखर बैठक के दौरान लॉवरोव से मुलाकात की थी। पिछले कुछ महीने से भारत, रूस से सबसे अधिक सस्ता कच्चा तेल खरीदने वाला देश बन गया है । यह रूस के यूक्रेन पर आक्रमण की पृष्ठभूमि में पश्चिमी देशों की नाराजगी के बावजूद हुआ है। भारत ने अभी तक यूक्रेन पर रूस के हमले को लेकर उसकी निंदा नहीं की है।
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आसियान देशों के समकक्षों से भी की मुलाकात
इससे पहले जयशंकर ने सिंगापुर के भारतीय मूल के विदेश मंत्री विवियन बालाकृष्णन से मुलाकात की और समग्र सामरिक गठजोड़ के अनुपालन में हुई प्रगति का उल्लेख किया। विदेश मंत्री जयशंकर ने ट्वीट किया, ‘‘आज सुबह आसियान-भारत विदेश मंत्रियों की गर्मजोशी भरी और सार्थक बैठक हुई। मेरे साथ सह अध्यक्षता करने के लिए विवियन बाला का धन्यवाद । समग्र सामरिक गठजोड़ के अनुपालन में हुई प्रगति को नोट किया।’’
उन्होंने कहा, ‘‘डिजिटल, फिनटेक, खाद्य सुरक्षा और नौवहन जैसे क्षेत्रों में अधिक ध्यान केंद्रित करने पर चर्चा की। म्यांमा की स्थिति पर विचारों का आदान प्रदान किया।’’ जयशंकर ने कहा कि विवियन बाला से मुलाकात सुखद रही और वर्तमान वैश्विक स्थितियों एवं चुनौतियों पर अच्छी चर्चा हुई। ‘‘हमारे द्विपक्षीय संबंधों में हाल के घटनाक्रम का सकारात्मक आंकलन किया।’’
विदेश मंत्री जयशंकर ने ब्रुनेई के अपने समकक्ष दातो इराइवान पेहिन युसुफ से भी मुलाकात की। जयशंकर ने ट्वीट किया, ‘‘ आसियान-भारत विदेश मंत्रियों की बैठक से इतर ब्रुनेई के विदेश मंत्री दातो इराइवान पेहिन युसुफ से मुलाकात की । हमारा द्विपक्षीय सहयोग सतत रूप से बढ़ रहा है। कारोबार बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ हमने खाद्य सुरक्षा, आवाजाही, अंतरिक्ष सहयोग जैसे क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा की।’’ आसियान देशों में ब्रुनेई, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मलेशिया, म्यांमा, फिलिपीन, सिंगापुर, थाईलैंड, वियतनाम शामिल हैं।
ASEAN को भारत की एक्ट ईस्ट नीति का स्तंभ बताया
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एसोसिएशन ऑफ साउथ ईस्ट एशियन नेशंस (ASEAN) को भारत की एक्ट ईस्ट नीति का महत्वपूर्ण स्तंभ करार दिया। उन्होंने कहा कि आसियान इंडो-पैसिफिक में आगे बढ़ाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
जकार्ता में आसियान पोस्ट मिनिस्ट्रियल कॉन्फ्रेंस के उद्घाटन सत्र में विदेश मंत्री ने कहा, 'आसियान भारत की एक्ट ईस्ट नीति और इंडो-पैसिफिक के व्यापक दृष्टिकोण का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। यह इंडो-पैसिफिक को आगे बढ़ाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।' उन्होंने कहा कि भारत दृढ़ता के साथ आसियान का समर्थन करता है।
जयशंकर ने कहा, 'हम रणनीतिक साझेदार के रूप में आपसी सहयोग को और मजबूत करने का साथ-साथ आसियान में नए क्षेत्रों को शामिल करना चाहते हैं। विशेष रूप से साइबर, वित्तीय और समुद्री सुरक्षा डोमेन में।'
आसियान-भारत के संबंधों की 30वीं वर्षगांठ
इस दौरान उन्होंने याद किया कि पिछले साल किस तरह आसियान-भारत के संबंधों की 30वीं वर्षगांठ मनाई गई थी। विदेश मंत्री ने कहा कि हमने साझेदारी के सभी आयामों पर ध्यान केंद्रित किया था, जिसमें दिल्ली में विदेश मंत्रियों की बैठक, संसदीय प्रतिनिधिमंडलों का एक्सचेंज, आर्टिस्ट कैंप, संगीत समारोह और रक्षा मंत्रियों की बैठक शामिल थी।
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जयशंकर ने गुरुवार को ही आसियान देशों के अपने समकक्षों के साथ भी बैठकें कीं और फिनटेक से लेकर खाद्य क्षेत्र में सहयोग और नौसैनिक मामलों को लेकर प्रगति पर चर्चा की।
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गौरतलब है कि जून में जयशंकर ने दक्षिण अफ्रीका में ब्रिक्स शिखर बैठक के दौरान लॉवरोव से मुलाकात की थी। पिछले कुछ महीने से भारत, रूस से सबसे अधिक सस्ता कच्चा तेल खरीदने वाला देश बन गया है । यह रूस के यूक्रेन पर आक्रमण की पृष्ठभूमि में पश्चिमी देशों की नाराजगी के बावजूद हुआ है। भारत ने अभी तक यूक्रेन पर रूस के हमले को लेकर उसकी निंदा नहीं की है।
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आसियान देशों के समकक्षों से भी की मुलाकात
इससे पहले जयशंकर ने सिंगापुर के भारतीय मूल के विदेश मंत्री विवियन बालाकृष्णन से मुलाकात की और समग्र सामरिक गठजोड़ के अनुपालन में हुई प्रगति का उल्लेख किया। विदेश मंत्री जयशंकर ने ट्वीट किया, ‘‘आज सुबह आसियान-भारत विदेश मंत्रियों की गर्मजोशी भरी और सार्थक बैठक हुई। मेरे साथ सह अध्यक्षता करने के लिए विवियन बाला का धन्यवाद । समग्र सामरिक गठजोड़ के अनुपालन में हुई प्रगति को नोट किया।’’
उन्होंने कहा, ‘‘डिजिटल, फिनटेक, खाद्य सुरक्षा और नौवहन जैसे क्षेत्रों में अधिक ध्यान केंद्रित करने पर चर्चा की। म्यांमा की स्थिति पर विचारों का आदान प्रदान किया।’’ जयशंकर ने कहा कि विवियन बाला से मुलाकात सुखद रही और वर्तमान वैश्विक स्थितियों एवं चुनौतियों पर अच्छी चर्चा हुई। ‘‘हमारे द्विपक्षीय संबंधों में हाल के घटनाक्रम का सकारात्मक आंकलन किया।’’
विदेश मंत्री जयशंकर ने ब्रुनेई के अपने समकक्ष दातो इराइवान पेहिन युसुफ से भी मुलाकात की। जयशंकर ने ट्वीट किया, ‘‘ आसियान-भारत विदेश मंत्रियों की बैठक से इतर ब्रुनेई के विदेश मंत्री दातो इराइवान पेहिन युसुफ से मुलाकात की । हमारा द्विपक्षीय सहयोग सतत रूप से बढ़ रहा है। कारोबार बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ हमने खाद्य सुरक्षा, आवाजाही, अंतरिक्ष सहयोग जैसे क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा की।’’ आसियान देशों में ब्रुनेई, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मलेशिया, म्यांमा, फिलिपीन, सिंगापुर, थाईलैंड, वियतनाम शामिल हैं।
ASEAN को भारत की एक्ट ईस्ट नीति का स्तंभ बताया
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एसोसिएशन ऑफ साउथ ईस्ट एशियन नेशंस (ASEAN) को भारत की एक्ट ईस्ट नीति का महत्वपूर्ण स्तंभ करार दिया। उन्होंने कहा कि आसियान इंडो-पैसिफिक में आगे बढ़ाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
जकार्ता में आसियान पोस्ट मिनिस्ट्रियल कॉन्फ्रेंस के उद्घाटन सत्र में विदेश मंत्री ने कहा, 'आसियान भारत की एक्ट ईस्ट नीति और इंडो-पैसिफिक के व्यापक दृष्टिकोण का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। यह इंडो-पैसिफिक को आगे बढ़ाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।' उन्होंने कहा कि भारत दृढ़ता के साथ आसियान का समर्थन करता है।
जयशंकर ने कहा, 'हम रणनीतिक साझेदार के रूप में आपसी सहयोग को और मजबूत करने का साथ-साथ आसियान में नए क्षेत्रों को शामिल करना चाहते हैं। विशेष रूप से साइबर, वित्तीय और समुद्री सुरक्षा डोमेन में।'
आसियान-भारत के संबंधों की 30वीं वर्षगांठ
इस दौरान उन्होंने याद किया कि पिछले साल किस तरह आसियान-भारत के संबंधों की 30वीं वर्षगांठ मनाई गई थी। विदेश मंत्री ने कहा कि हमने साझेदारी के सभी आयामों पर ध्यान केंद्रित किया था, जिसमें दिल्ली में विदेश मंत्रियों की बैठक, संसदीय प्रतिनिधिमंडलों का एक्सचेंज, आर्टिस्ट कैंप, संगीत समारोह और रक्षा मंत्रियों की बैठक शामिल थी।