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India-Mauritius: मॉरीशस की भारत से मांग- दोहरे कराधान से बचाव, व्यापार संधि में संशोधन; CECPA पर पुनर्विचार हो

Wed, 12 Mar 2025 07:00 AM IST
दीपक कुमार शर्मा एजेंसी, पोर्ट लुई
एजेंसी, पोर्ट लुई Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Wed, 12 Mar 2025 07:00 AM IST
सार

मॉरिशस के विदेश एवं व्यापार मंत्री धनंजय रामफल ने घोषणा की कि संयुक्त समिति का दूसरा सत्र शीघ्र ही आयोजित किया जाएगा, जिसमें सीईसीपीए और डीटीएसी दोनों पर पुनर्विचार किया जाएगा, जिसका उद्देश्य व्यापार असंतुलन और कराधान संबंधी मुद्दों का समाधान करना है।

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Mauritius demands from India avoidance of double taxation amendment in trade treaty and CECPA reconsideration
पीएम मोदी के आगमन पर मॉरीशस के प्रधानमंत्री और उनका मंत्रीमंडल स्वागत के लिए पहुंचा। (फाइल) - फोटो : PTI

विस्तार

मॉरिशस के विदेश एवं व्यापार मंत्री धनंजय रामफल ने कहा कि उनका देश भारत के साथ दोहरे कराधान बचाव संधि (डीटीएसी) समेत अपने व्यापार समझौते में संशोधन चाहता है। इसके लिए प्रयास जारी हैं। उन्होंने व्यापक आर्थिक सहयोग एवं भागीदारी समझौते (सीईसीपीए) पर फिर से विचार करने की जरूरत पर जोर दिया, ताकि मॉरिशस को पसंदीदा निवेश माध्यम के रूप में स्थापित किया जा सके।

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2016 में संधि में संशोधन के बाद से इस द्वीपीय देश से भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) प्रवाह में तेजी से गिरावट आई है। अनसुलझे मुद्दों की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा, डीटीएसी में संशोधन पर अभी भी चर्चा चल रही है। एक बार यह मामला सुलझ जाए, तो वे प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर करेंगे। विदेश मंत्री ने घोषणा की कि संयुक्त समिति का दूसरा सत्र शीघ्र ही आयोजित किया जाएगा, जिसमें सीईसीपीए और डीटीएसी दोनों पर पुनर्विचार किया जाएगा, जिसका उद्देश्य व्यापार असंतुलन और कराधान संबंधी मुद्दों का समाधान करना है। रामफल ने कहा, हमने भारत के साथ व्यापक मुक्त व्यापार समझौते सीईसीपीए पर हस्ताक्षर किए हैं और, मॉरिशस की ओर से इसमें गिरावट आई है। हम भारत को उतना निर्यात नहीं करते हैं। 2000 से मॉरिशस ने भारत में 175 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश किया है, जो भारत के कुल प्रत्यक्ष विदेशी निवेश का 25 फीसदी है। 
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मॉरिशस महज साझेदार नहीं यह हमारा परिवार : मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मॉरिशस को भारत और वैश्विक दक्षिण के बीच एक सेतु बताते हुए कहा कि यह द्वीपीय राष्ट्र भारत का एक परिवार है, न कि सिर्फ साझेदार देश। मॉरिशस एक ‘मिनी इंडिया’ है। पीएम मोदी भारतीय समुदाय को संबोधित कर रहे थे।मोदी ने कहा, हमारे लिए मॉरिशस एक मजबूत रिश्ता है जिसकी जड़ें इतिहास, विरासत और मानवीय भावना से जुड़ी है। मॉरिशस भारत को व्यापक वैश्विक दक्षिण से जोड़ने वाला एक सेतु भी है। 2015 में, प्रधानमंत्री के रूप में अपने पहले कार्यकाल में, मैंने भारत के सागर विजन की घोषणा की थी। इसका मतलब है क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास। आज भी मॉरिशस इस विजन के केंद्र में है।
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जलवायु परिवर्तन की चुनौती से निपटने में मॉरीशस की सराहना
जलवायु परिवर्तन की चुनौती से निपटने में पीएम मोदी ने अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन और वैश्विक जैव ईंधन गठबंधन पहलों में मॉरिशस की भागीदारी की सराहना की। पीएम ने कहा मॉरिशस का सर्वोच्च सम्मान सिर्फ मेरा नहीं, दोनों देशों ऐतिहासिक रिश्तों का सम्मान है। मोदी ने बिहार सरकार के कदमों का जिक्र करते हुए कहा कि बिहार का मखाना जल्द ही दुनिया भर के नाश्ते के मेनू का हिस्सा बन जाएगा। पीएम ने कहा, भारत में रंगों के त्योहार ‘होली’ में अब सिर्फ तीन दिन शेष रह गए हैं। मैं यहां से यादों वाले होली के रंग अपने साथ भारत ले जाऊंगा। साथ ही कहा, संकट के समय में भारत हमेशा मॉरिशस के साथ खड़ा रहा है।

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