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Germany Market Crash: बेकाबू कार मामले में पुलिस ने सऊदी अरब के डॉक्टर को दबोचा; इस्लाम का निकला कट्टर आलोचक
Sat, 21 Dec 2024 10:36 AM IST
काव्या मिश्रा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बर्लिन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बर्लिन
Published by: काव्या मिश्रा
Updated Sat, 21 Dec 2024 10:36 AM IST
सार
जर्मनी के क्रिसमस बाजार में एक बेकाबू कार ने लोगों को रौंद दिया। इसकी वजह से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि 68 लोग घायल हो गए। इस हादसे के आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
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जर्मनी में संदिग्ध हमला (प्रतीकात्मक)
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
जर्मनी में शुक्रवार शाम को एक बेकाबू कार का आतंक देखने को मिला। कार इतनी रफ्तार में थी कि इसने एक बाजार में 68 लोगों को रौंद दिया, जबकि दो की मौत हो गई। हालांकि, जर्मन पुलिस ने इस मामले में सऊदी अरब के 50 वर्षीय डॉक्टर को गिरफ्तार किया है।
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50 वर्षीय शख्स इस्लाम का आलोचक
आरोपी का नाम तालेब ए है, जो एक पूर्व मुसलमान, इस्लाम का कट्टर आलोचक और जर्मनी के दक्षिणपंथी राजनीतिक दल 'आल्टरनेटिव फॉर जर्मनी' (एफडी) का समर्थक है, जो आप्रवासन विरोधी रुख रखता है।
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जर्मनी में साल 2006 से रह रहा
तालेब 2006 से जर्मनी में रह रहा था और वह मानसिक रोग विशेषज्ञ था। अधिकारियों के अनुसार, यह हमला अकेले तालेब द्वारा किया गया था। उसने एक बीएमडब्ल्यू कार का इस्तेमाल किया था, जिसे उसने हमले के लिए किराए पर लिया था। तालेब की सोशल मीडिया प्रोफाइल से पता चलता है कि वह सऊदी अरब में रहते हुए अपने नास्तिक विचारों को व्यक्त करने में असमर्थ था, क्योंकि सऊदी अरब में केवल इस्लाम को कानूनी रूप से मान्यता प्राप्त है।
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सऊदी अरब को इसलिए छोड़ा
तालेब का जन्म 1974 में सऊदी अरब के शहर होफुफ में हुआ था और उन्होंने 2006 में जर्मनी के लिए स्थायी निवास की अनुमति हासिल की थी। उन्हें 2016 में शरणार्थी के रूप में मान्यता दी गई थी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, वह सऊदी अरब में अपने नास्तिक विचारों और दृष्टिकोणों को व्यक्त करने में असमर्थ था, एक ऐसा देश जहां केवल इस्लाम ही एकमात्र धर्म है जिसे कानून के तहत मान्यता प्राप्त है।
उसने जर्मनी आने के बाद एक वेबसाइट बनाई, जिसका उद्देश्य सऊदी अरब और अन्य खाड़ी देशों के पूर्व मुसलमानों की मदद करना था, ताकि वे इन देशों से भागकर जर्मनी जैसे देशों में शरण ले सकें। हालांकि, सऊदी अरब ने तालेब पर आतंकवाद और मध्य-पूर्व की लड़कियों को यूरोपीय देशों में तस्करी करने का आरोप लगाया था, लेकिन जर्मनी ने उसे सऊदी अरब को प्रत्यर्पित करने से इनकार कर दिया और उसे शरण दी।
राष्ट्रपति और पीएम ने जताया दुख
प्रधानमंत्री हेसलॉफ ने कहा, 'हमने अपराधी को गिरफ्तार कर लिया है। वह सऊदी अरब का एक व्यक्ति है तथा 2006 से जर्मनी में रह रहा है। वर्तमान में हमें पता चला है कि वह अकेला ही हमला करने वाला शख्स था, इसलिए हमें नहीं लगता कि अब कोई और खतरा है।'
जर्मन राष्ट्रपति फ्रैंक-वॉल्टर स्टीनमायर ने कहा कि शांतिपूर्ण क्रिसमस की उम्मीद एकाएक टूट गई। वहीं, जर्मन चांसलर ओलाफ शोल्ज ने हमले की निंदा की और पीड़ितों और उनके परिवारों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की।