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मेरठ के युवक को ब्रिटेन में हत्या और दुष्कर्म के लिए 37 साल की कैद

Fri, 21 Aug 2020 05:15 AM IST
Jeet Kumar वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन Published by: Jeet Kumar Updated Fri, 21 Aug 2020 05:15 AM IST
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man imprisoned for 37 years in case of murder and rape in Britain and he is originally from indias city meerut
सांकेतिक तस्वीर

एक ब्रिटिश अदालत ने बृहस्पतिवार को भारत से प्रत्यर्पित करके लाए गए 36 वर्षीय युवक को एक युवती के साथ दुष्कर्म करने के बाद उसकी हत्या करने के आरोप में दोषी घोषित किया। मूल रूप से भारतीय राज्य उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर निवासी अमन व्यास को क्रॉयडॉन क्राउन कोर्ट ने इस गुनाह के लिए न्यूनतम 37 साल कैद की सजा सुनाई है।

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हालांकि कोर्ट ने कहा कि भारत और इंग्लैंड में हिरासत में काटे गए समय को कम करने के बाद अमन को 34 साल 312 दिन के लिए जेल में रहना होगा।


व्यास पर मई 2009 में मिचेल समरवीरा नाम की युवती के साथ दुष्कर्म करने के बाद उसकी हत्या करने का आरोप था। इसके अलावा उस पर मार्च 2009 से मई 2009 के बीच उत्तर पूर्वी लंदन के वाल्थमस्टॉ में विभिन्न जगह तीन अन्य महिलाओं के साथ भी दुष्कर्म करने और उन्हें मारने की कोशिश करने का आरोप था।
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उसे पिछले महीने लंदन में ओल्ड बैले कोर्ट ने सजा सुनाई थी, जिसकी क्राउन कोर्ट ने पुष्टि कर दी है। आरोप था कि 24 साल का अमन सुबह जल्दी सड़कों पर अकेली महिला की तलाश में निकलता था और उन्हें अपना शिकार बनाता था।
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अपने गुनाह के करीब 11 साल बाद हत्या के लिए मिली 37 साल की सजा के अतिरिक्त उसे जानबूझकर गंभीर शारीरिक नुकसान पहुंचाने के लिए 14 साल महिला से दुष्कर्म के लिए 16 साल 5 महीने, दूसरी महिला के साथ दुष्कर्म के लिए 18.5 साल, तीसरी महिला के साथ दुष्कर्म के लिए 18.5 साल और मृतक समरवीरा के साथ दुष्कर्म के लिए 18.5 साल की सजा भी सुनाई गई है।

हालांकि ये सभी सजाएं हत्या की सजा के साथ-साथ चलने के कारण कुल सजा की अवधि में कोई बदलाव नहीं होगा।

स्कॉटलैंड यार्ड की तरफ से इस मामले को देख रहीं डिटेक्टिव सार्जेंट शहलीना शेख ने कहा, हम आज की सजा से बेहद खुश हैं, जो व्यास के गुनाह की अधिकता को दिखा रही है। कम से कम पीड़िता और उसका परिवार इस घिनौने अपराध के लिए जिम्मेदार शख्स को सजा मिलते देख रहा है।


मृतका की बहन है नाखुश
समरवीरा की बहन एन ने अपनी बहन के हत्यारे को सजा मिलने के बाद नाखुशी जताई। उसने कहा, अमन अब पूरी जिंदगी जेल की सलाखों के पीछे गुजारेगा। लेकिन यह सजा नहीं सुविधा है, जो कभी पर्याप्त नहीं होगी।

सजा के लिए की गई लंबी कवायद
सार्जेंट शेख ने कहा, समरवीरा की हत्या करने के बाद अमन उसी दिन वन-वे टिकट लेकर भारत भाग आया था। इसके बाद से उसकी तलाश जारी थी। 2011 में उसके न्यूजीलैंड में होने की जानकारी मिली, जहां से वह सिंगापुर चला गया।


जुलाई 2011 में भारतीय अधिकारियों ने अमन को दिल्ली के इंदिरा गांधी एयरपोर्ट पर दबोच लिया। उसके भारत से प्रत्यर्पण की प्रक्रिया 8 साल बाद अक्तूबर, 2019 में पूरी हुई और उसे गुनाह की सजा देने के लिए लंदन वापस लाया गया।

पुलिस को अमन व्यास तक पहुंचने से पहले 1100 डीएनए सैंपल और 1815 पतों की जांच करनी पड़ी। इसके अलावा अमन के 60,500 से ज्यादा पोस्टर जारी किए गए।

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