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Maldives: 'दूसरे देश की सेना मालदीव में नहीं रहेगी', राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने पद संभालते ही दोहराई शपथ
Fri, 17 Nov 2023 10:04 PM IST
ज्योति भास्कर
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, माले (मालदीव)
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, माले (मालदीव)
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Fri, 17 Nov 2023 10:04 PM IST
सार
मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू शपथ ले चुके हैं। भारत की तरफ से केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू मुइज्जू के शपथ ग्रहण समारोह में आधिकारिक तौर पर शामिल हुए। नए राष्ट्रपति ने एक बार फिर दोहराया है कि मालदीव की धरती पर दूसरे देशों की सेना नहीं रहेगी।
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मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू (फाइल)
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
मालदीव के नवनियुक्त राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने शपथ ग्रहण के बाद 'विदेशी सैन्य उपस्थिति' से अपने देश को 'मुक्त' रखने का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा, वह यह सुनिश्चित करने के लिए दृढ़ता से प्रतिबद्ध हैं कि हिंद महासागर में रणनीतिक अहमियत वाला देश मालदीव अपनी सुरक्षा, स्वतंत्रता और संप्रभुता को लेकर सजग है। मुइज्जू ने देश की विदेश नीति साफ करते हुए आठवें राष्ट्रपति के रूप में शपथ के तुरंत बाद मालदीव में विदेशी सैन्य मौजूदगी को लेकर बयान दिया।
मुइज्जू की टिप्पणी इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि 45 वर्षीय राष्ट्रपति ने मालदीव से भारतीय सैन्य कर्मियों को बाहर निकालने के अपने चुनावी वादे को बरकरार रखा था। इंजीनियर से नेता बने मुइज्जू ने भारत से निमंत्रण के बाद आधिकारिक दौरे पर मालदीव गए किरेन रिजिजू की मौजूदगी में अपना संकल्प दोहराया। मालदीव की स्वतंत्रता और संप्रभुता को बनाए रखने की प्रतिज्ञा करते हुए, मुइज्जू ने प्रतिबद्धता जताई कि मालदीव "किसी भी विदेशी सैन्य उपस्थिति से मुक्त रहेगा।" हालांकि, उन्होंने अपने संबोधन के दौरान किसी भी देश का नाम नहीं लिया।
मालदीव की "आजादी" पर मुइज्जू ने कहा, वह मालदीव को एक ऐसा देश बनाएंगे जो सभी बाहरी सांस्कृतिक प्रभाव से मुक्त हो। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार की नीतियों में "मालदीव के लोग सूची में सबसे पहले आते हैं! सबसे ऊपर!" गौरतलब है कि मालदीव हिंद महासागर क्षेत्र में भारत के प्रमुख समुद्री पड़ोसियों में से एक है। पिछले कुछ वर्षों में रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्रों सहित समग्र द्विपक्षीय संबंध ऊपर की ओर बढ़ रहे हैं।
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मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन के करीबी सहयोगी मुइज्जू की नीतियों पर करीबी नजरें रहेंगी। यामीन ने 2013 से 2018 तक अपने राष्ट्रपति पद के दौरान चीन के साथ घनिष्ठ संबंध बनाए थे। उन्होंने सितंबर में आयोजित राष्ट्रपति पद के चुनाव में भारत से मित्रवत रिश्ते रखने वाले इब्राहिम मोहम्मद सोलिह को हराया था।
भारतीय प्रतिनिधि के तौर पर शपथ ग्रहण समारोह में पहुंचे केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने एक्स पर पोस्ट किया, "मालदीव के प्रतिष्ठित रिपब्लिक स्क्वायर में राष्ट्रपति महामहिम डॉ. मोहम्मद मुइज्जू @MMuizzu और उपराष्ट्रपति महामहिम हुसैन मोहम्मद लतीफ @HucenSembe के शपथ ग्रहण समारोह में #भारत का प्रतिनिधित्व करना सम्मान और सौभाग्य की बात है।"
चीन के राष्ट्रपति के विशेष दूत और स्टेट काउंसलर शेन यिकिन भी शपथ ग्रहण के दौरान मौजूद रहे। इसमें दुनिया भर से बड़ी संख्या में गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया। मुइज्जू ने मालदीव की विदेश नीति के लिए अपने दृष्टिकोण के बारे में विस्तार से बताया, जिसमें पड़ोसी और दूर के देशों के साथ सौहार्दपूर्ण संबंधों के संरक्षण पर जोर दिया गया।
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मुइज्जू की टिप्पणी इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि 45 वर्षीय राष्ट्रपति ने मालदीव से भारतीय सैन्य कर्मियों को बाहर निकालने के अपने चुनावी वादे को बरकरार रखा था। इंजीनियर से नेता बने मुइज्जू ने भारत से निमंत्रण के बाद आधिकारिक दौरे पर मालदीव गए किरेन रिजिजू की मौजूदगी में अपना संकल्प दोहराया। मालदीव की स्वतंत्रता और संप्रभुता को बनाए रखने की प्रतिज्ञा करते हुए, मुइज्जू ने प्रतिबद्धता जताई कि मालदीव "किसी भी विदेशी सैन्य उपस्थिति से मुक्त रहेगा।" हालांकि, उन्होंने अपने संबोधन के दौरान किसी भी देश का नाम नहीं लिया।
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मालदीव की "आजादी" पर मुइज्जू ने कहा, वह मालदीव को एक ऐसा देश बनाएंगे जो सभी बाहरी सांस्कृतिक प्रभाव से मुक्त हो। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार की नीतियों में "मालदीव के लोग सूची में सबसे पहले आते हैं! सबसे ऊपर!" गौरतलब है कि मालदीव हिंद महासागर क्षेत्र में भारत के प्रमुख समुद्री पड़ोसियों में से एक है। पिछले कुछ वर्षों में रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्रों सहित समग्र द्विपक्षीय संबंध ऊपर की ओर बढ़ रहे हैं।
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मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन के करीबी सहयोगी मुइज्जू की नीतियों पर करीबी नजरें रहेंगी। यामीन ने 2013 से 2018 तक अपने राष्ट्रपति पद के दौरान चीन के साथ घनिष्ठ संबंध बनाए थे। उन्होंने सितंबर में आयोजित राष्ट्रपति पद के चुनाव में भारत से मित्रवत रिश्ते रखने वाले इब्राहिम मोहम्मद सोलिह को हराया था।
भारतीय प्रतिनिधि के तौर पर शपथ ग्रहण समारोह में पहुंचे केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने एक्स पर पोस्ट किया, "मालदीव के प्रतिष्ठित रिपब्लिक स्क्वायर में राष्ट्रपति महामहिम डॉ. मोहम्मद मुइज्जू @MMuizzu और उपराष्ट्रपति महामहिम हुसैन मोहम्मद लतीफ @HucenSembe के शपथ ग्रहण समारोह में #भारत का प्रतिनिधित्व करना सम्मान और सौभाग्य की बात है।"
चीन के राष्ट्रपति के विशेष दूत और स्टेट काउंसलर शेन यिकिन भी शपथ ग्रहण के दौरान मौजूद रहे। इसमें दुनिया भर से बड़ी संख्या में गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया। मुइज्जू ने मालदीव की विदेश नीति के लिए अपने दृष्टिकोण के बारे में विस्तार से बताया, जिसमें पड़ोसी और दूर के देशों के साथ सौहार्दपूर्ण संबंधों के संरक्षण पर जोर दिया गया।