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UN Report: 'नेट-जीरो' प्रतिबद्धता पूरी करने में नाकामी उजागर, ग्लोबल वॉर्मिंग से बचने के लिए तत्काल उपाय जरूरी

Thu, 14 Nov 2024 05:34 PM IST
पवन पांडेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: पवन पांडेय Updated Thu, 14 Nov 2024 05:34 PM IST
सार

संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूएनईपी) की नवीनतम उत्सर्जन अंतर रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान नीतियों के आधार पर तापमान में 3.1°C तक की बढ़ोत्तरी हो सकती है। यूएन महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि उत्सर्जन अंतर को कम करने का मतलब है महत्वाकांक्षा, कार्यान्वयन, और वित्त अंतर को भी कम करना।

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Majority of corporate net-zero pledges fall short of 1.5°C standards despite 23% rise in commitments: UN repor
'नेट-जीरो' प्रतिबद्धता पूरी करने में नाकामी उजागर - फोटो : ANI

विस्तार

संयुक्त राष्ट्र की एक नई रिपोर्ट में बताया गया है कि जून 2023 से बड़ी कंपनियों की तरफ से नेट-जीरो प्रतिबद्धताओं में 23% की बढ़ोत्तरी हुई है, लेकिन इनमें से केवल कुछ ही योजनाएं 1.5°C तापमान लक्ष्य के मानकों पर खरी उतरती हैं। अधिकतर योजनाओं में पारदर्शिता, जीवाश्म ईंधनों को हटाने, और न्यायपूर्ण बदलाव जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं की कमी है।
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अजरबैजान के बाकू में जारी की गई रिपोर्ट
यह रिपोर्ट COP 29 जलवायु शिखर सम्मेलन में जारी की गई और इसमें गैर-राज्य गतिविधियों जैसे व्यापार, शहरों और वित्तीय संस्थानों से अधिक मजबूत और पारदर्शी जलवायु प्रतिबद्धताओं की जरूरत पर जोर दिया गया है ताकि 1.5°C से अधिक तापमान बढ़ोत्तरी से बचा जा सके। संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूएनईपी) की नवीनतम उत्सर्जन अंतर रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान नीतियों के आधार पर तापमान में 3.1°C तक की बढ़ोत्तरी हो सकती है। यूएन महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि उत्सर्जन अंतर को कम करने का मतलब है महत्वाकांक्षा, कार्यान्वयन, और वित्त अंतर को भी कम करना।
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कुछ नेट-जीरो लक्ष्यों की ओर कर रहे हैं प्रगति
यूएन की रिपोर्ट के अनुसार, नेट-जीरो प्रतिज्ञाओं में से अधिकतर में Scope 3 उत्सर्जन को शामिल नहीं किया गया है और जीवाश्म ईंधन में निवेश को खत्म करने का लक्ष्य नहीं रखा गया है। हालांकि, कुछ नेता नेट-जीरो लक्ष्यों की ओर प्रगति कर रहे हैं। उदाहरण के लिए, नेट जीरो एसेट ओनर एलायंस ने अपने वित्तीय उत्सर्जन में हर साल 6% की कमी हासिल की है। लगभग 100 शहरों ने भी पेरिस समझौते के अनुरूप जलवायु कार्रवाई योजनाएं अपनाई हैं। कैलिफोर्निया और यूरोपीय संघ ने भी अनिवार्य जलवायु खुलासे की शुरुआत की है, जो जलवायु जवाबदेही को बढ़ावा दे सकते हैं।
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'जलवायु संकट पर तेजी से काम करने की जरुरत'
फिर भी, रिपोर्ट ने संकेत दिया कि जीवाश्म ईंधनों को हटाने और नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने की व्यापक योजनाओं की कमी के कारण प्रगति में बाधा आ रही है। रिपोर्ट ने COP29 में वैश्विक नेताओं से आग्रह किया कि वे पारदर्शी और उच्च-स्तरीय जलवायु परिवर्तन योजनाओं को अनिवार्य बनाने के लिए ठोस कदम उठाएं। इस मामले में उच्च-स्तरीय विशेषज्ञ समूह की अध्यक्ष कैथरीन मैकेना ने कहा कि यदि दुनिया को जलवायु संकट से बचना है, तो इन प्रयासों का विस्तार आवश्यक है। उन्होंने कहा, नेट-जीरो प्राप्त करना संभव है और अब यह दावा करना उचित नहीं है कि जलवायु संकट पर तेजी से काम करना कठिन या महंगा है।
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