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मानवता की गरिमा बनाए रखें, महामारी से प्रभावित हो रहे शरणार्थी: संयुक्त राष्ट्र
Fri, 05 Jun 2020 03:16 AM IST
श्रीधर मिश्रा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क
Published by: श्रीधर मिश्रा
Updated Fri, 05 Jun 2020 03:16 AM IST
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यूएन
- फोटो : Social Media
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संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरस ने कोविड-19 महामारी के चलते शरणार्थी, आंतरिक रूप से विस्थापितों और प्रवासियों के सर्वाधिक प्रभावित होने का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ऐसे वक्त में सभी देश मानवता की गरिमा बनाए रखें और मानवाधिकारों का सम्मान करें। उन्होंने कोविड-19 से निपटने के लिए सरकारों की तरफ से लगाए गए यात्रा प्रतिबंध और सीमा नियंत्रिण के संदर्भ में यह बात कही।
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महासचिव ने अपनी नई योजना ‘कोविड-19 एंड पीपुल ऑन द मूव’ पर जानकारी देते हुए कहा कि दुनिया भर में यह महामारी लोगों के जीवन और आजीविकाओं को तबाह कर रही है। इससे प्रभावित होने वालों से सबसे कमजोर लोग सर्वाधिक प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘यह सच है कि लाखों लोग पलायन कर रहे हैं। शरणार्थी, आंतरिक रूप से विस्थापित लोग या प्रवासी निश्चित ही हिंसा या आपदा की वजह से अपना घर छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं।’ गुटेरस ने कहा, प्रवासी और विस्थापित लोगों को एक साथ तीन संकटों का सामना करना पड़ रहा है जिनमें स्वास्थ्य, सामाजिक-आर्थिक और सुरक्षा का संकट शामिल हैं। उन्होंने जोर दिया कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय मानवता की गरिमा बनाकर उन देशों से सीखे, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय शरणार्थी संरक्षण सिद्धांतों का पूरी तरह से सम्मान करते हुए यात्रा प्रतिबंध और सीमा नियंत्रण को लागू किया है।
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गतिशीलता की दोबारा कल्पना का मौका
संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने कहा कि कोविड-19 मानव गतिशीलता की फिर से कल्पना करने का एक अवसर है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 सबसे पहले एक स्वास्थ्य संकट है और पलायन कर रहे लोग भीड़भाड़ वाली जगहों से दूर रहें। उन्होंने कहा कि सबके सुरक्षित होने तक कोई भी सुरक्षित नहीं है और साथ ही इस बात पर जोर दिया कि निदान, उपचार और टीके सभी के लिए सुलभ हों ।
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