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Zakir Hussain: 'शाश्वत रहेगा प्रेम', जाकिर हुसैन के निधन के बाद परिवार का पहला मार्मिक इंस्टाग्राम पोस्ट

Sun, 22 Dec 2024 02:25 PM IST
अभिषेक दीक्षित पीटीआई, सैन फ्रांसिस्को
पीटीआई, सैन फ्रांसिस्को Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Sun, 22 Dec 2024 02:25 PM IST
सार

प्रसिद्ध तबला वादक उस्ताद अल्ला रक्खा के पुत्र जाकिर हुसैन का जन्म नौ मार्च 1951 को हुआ था। उन्हें उनकी पीढ़ी के सबसे महान तबला वादकों में से एक माना जाता है। उनके परिवार में उनकी पत्नी एंटोनिया मिनेकोला और उनकी बेटियां अनीशा कुरैशी और इजाबेला कुरैशी हैं।

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Love will remain eternal the family first touching Instagram post after Zakir Hussain death
उस्ताद जाकिस हुसैन - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

जाने माने तबला वादक जाकिर हुसैन के परिवार ने रविवार को उनके आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक मार्मिक पोस्ट साझा की। प्रसिद्ध तबला वादक हुसैन का 15 दिसंबर को अमेरिकी शहर सैन फ्रांसिस्को के एक अस्पताल में निधन हो गया था। वह 73 वर्ष के थे। उन्हें गुरुवार को सैन फ्रांसिस्को के फर्नवुड कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया गया था।

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तबला वादक के परिवार ने उनके इंस्टाग्राम अकाउंट से एक ब्लैक एंड व्हाइट तस्वीर पोस्ट की गई। इसमें जाकिर हुसैन, पत्नी एंटोनिया मिनेकोला, बेटियों अनीसा और इसाबेला के हाथ थामे नजर आ रहे हैं। इंस्टाग्राम पर साझा किए गए पोस्ट में कैप्शन लिखा है, 'शाश्वत रहेगा प्रेम।'
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परिवार में कौन-कौन?

प्रसिद्ध तबला वादक उस्ताद अल्ला रक्खा के पुत्र जाकिर हुसैन का जन्म नौ मार्च 1951 को हुआ था। उन्हें उनकी पीढ़ी के सबसे महान तबला वादकों में से एक माना जाता है। उनके परिवार में उनकी पत्नी एंटोनिया मिनेकोला और उनकी बेटियां अनीशा कुरैशी और इजाबेला कुरैशी हैं।

कई अंतरराष्ट्रीय और भारतीय कलाकारों के साथ काम किया
छह दशकों के अपने करियर में जाकिर हुसैन ने कई प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय और भारतीय कलाकारों के साथ काम किया, लेकिन गिटारवादक जॉन मैकलॉघलिन, वायलिन वादक एल शंकर और तालवादक टीएच 'विक्कू' विनायक्रम के साथ 1973 में भारतीय शास्त्रीय संगीत और पश्चिमी जैज संगीत के तत्वों के उनके संलयन को काफी सराहा गया।

सात वर्ष की आयु से ही तबले पर हाथ आजमाना शुरू किया
जाकिर हुसैन ने महज सात वर्ष की आयु से ही तबले पर हाथ आजमाना शुरू कर दिया था और आगे चलकर उन्होंने पंडित रविशंकर, अली अकबर खान और शिवकुमार शर्मा जैसे दिग्गजों सहित भारत के लगभग सभी प्रतिष्ठित संगीत कलाकारों के साथ काम किया। यो-यो मा, चार्ल्स लॉयड, बेला फ्लेक, एडगर मेयर, मिकी हार्ट और जॉर्ज हैरिसन जैसे पश्चिमी संगीतकारों के साथ उनके अभूतपूर्व संगीत ने भारतीय शास्त्रीय संगीत को अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंचाया।

पांच ग्रैमी पुरस्कार जीते
जाकिर हुसैन ने अपने करियर में पांच ग्रैमी पुरस्कार जीते, जिनमें से तीन इस साल की शुरुआत में 66वें ग्रैमी पुरस्कार में मिले थे। भारत के सबसे प्रसिद्ध शास्त्रीय संगीतकारों में से एक हुसैन को 1988 में पद्म श्री, 2002 में पद्म भूषण और 2023 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया।

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