कोरोना वायरस का पता लगाने के लिए अक्सर सर्दी-जुकाम को शुरुआती लक्षण माना जाता है। मगर एक नए अध्ययन में यह बताया कि अगर आप में सूंघने और स्वाद की क्षमता कम होती है, तो आप संक्रमित हो सकते हैं। सर्दी-जुकाम से भी पहले यह लक्षण दिखने लगते हैं। एक अध्ययन के अनुसार इन दो लक्षणों के आधार पर संदिग्ध कोरोना संक्रमितों को संक्रमण फैलने से पहले ही क्वारंटीन करने में मदद मिल सकती है।
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कोरोना वायरस (फाइल फोटो)
- फोटो : शुभम बंसल
जेएएमए ओटोलरींगोलॉजी हेड एंड नेक सर्जरी पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार वैज्ञानिकों ने 204 कोविड-19 के रोगियों का सर्वेक्षण किया और पाया कि उनमें से 55 प्रतिशत में स्वाद में कमी मौजूद थी, जबकि सूंघने में कमी लगभग 41 प्रतिशत लोगों में देखी गई। सर्वेक्षण के परिणामों के आधार पर शोधकर्ताओं ने कहा कि लगातार स्वाद और सूंघने में कमी कोविड -19 के प्रारंभिक लक्षण हो सकते हैं।
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कोरोना वायरस की जांच कराता शख्स (फाइल फोटो)
- फोटो : पीटीआई
टेलीफोन सर्वेक्षण अध्ययन ने पांच मार्च से 23 मार्च, 2020 के बीच कोविड -19 के पॉजिटिव रोगियों की जांच की। जिन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया या जो ठीक होकर वापस घर लौटे चुके थे। अध्ययन में शामिल वैज्ञानिकों ने कहा कि 359 रोगियों में से 116 रोगियों में स्वाद और सूंघने की क्षमता में कमी पाई गई, जबकि 113 में सिर्फ स्वाद की कमी और 85 में केवल सूंघने की कमी का पता चला।
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दुनिया में कोरोना (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : PTI
शोधकर्ताओं ने कहा कि स्वाद और सूंघने की गंभीर कमी महिला रोगियों में पुरुष रोगियों की तुलना में अधिक थी। वहीं, मध्यम आयु वर्ग के व्यक्तियों में युवा लोगों की तुलना में अधिक थी। शोधकर्ताओं का मानना है कि स्वाद या सूंघने में कमी कोविड-19 का शुरुआती चरण है। ऐसे लक्षण पाए जाने पर सामान्य चिकित्सक तुरंत ऐसे लोगों को क्वारंटीन में जाने की सलाह दे सकते हैं। सूंघने और स्वाद की क्षमता में कमी को कोरोना के लक्षणों में सबसे आखिर में शामिल किया गया था।