विमान यात्रा आज के समय में आम बात हो गई है। लेकिन एक वक्त था जब लोगों ने सोचा भी नहीं था कि वो कभी ऐसी किसी चीज में सवार होकर हवा में उड़ान भर सकेंगे। क्या आप जानते हैं दुनिया के पहले यात्री विमान ने पहली बार कब उड़ान भरी थी? आम लोगों ने पहली बार हवाई जहाज का सफर कब किया था? उस विमान को उड़ाने वाला पायलट कौन था? उसमें सफर करने के लिए लोगों ने कितना किराया दिया था? वह उड़ान किन दो शहरों के बीच थी?
दुनिया का पहला यात्री विमान: जानें कब भरी थी उड़ान, किसने खरीदा था पहला टिकट
34 किमी तय करने में विमान को लगा था कितना समय?
दोनों शहरों के बीच 34 किमी दूरी तय करने में पहले यात्री विमान को करीब 23 मिनट का समय लगा था। यात्रियों ने एक 'फ्लाइंग बोट' में ये उड़ान भरी थी जिसे सेंट लुई के थॉमस बेनवा ने डिजाइन किया था। इस विमान को उड़ाने वाले पायलट का नाम था टोनी जेनस। वह एक अनुभवी पायलट थे। हालांकि यात्री विमान पहली बार ही उड़ाया था।
क्या थी विमान की लंबाई, चौड़ाई, वजन
फ्लाइंग बोट विमान को ट्रेन के जरिए सेंट पीटर्सबर्ग भेजा गया था। इसका वजन करीब 567 किलोग्राम था। जबकि लंबाई 8 मीटर (26 फीट) और चौड़ाई 13 मीटर थी। इसके एक अन्य मॉडल 14 बेनोआ एयरबोट की अधिकतम स्पीड 103 किलोमीटर प्रति घंटा थी।
इस विमान में एक पायलट और एक यात्री के बैठने की जगह थी। इसके लिए उसमें लकड़ी की सीट लगाई गई थी। जिसमें पायलट और यात्री अगल-बगल बैठ सकते थे।
किसने खरीदा था पहला विमान टिकट?
जब साल 1914 के पहले दिन पहली बार कोई यात्री विमान उड़ान भरने वाला था, तब उसके टिकट की नीलामी की गई थी, क्योंकि एक ही यात्री की सीट विमान में थी। इसके लिए करीब तीन हजार लोग सेंट पीटर्सबर्ग के उस वॉटरफ्रंट पर गए थे जहां टिकट की नीलामी होनी थी। यह टिकट फील नाम के शख्स ने खरीदी थी जो एक वेयरहाउस बिजनेस में था।
दुनिया के उस उस पहले हवाई टिकट की नीलामी 400 डॉलर में की गई थी। आज के समय के अनुसार वह 8,500 डॉलर (करीब 6,02,129 रुपये) से ज्यादा है।
बीच रास्ते में खराब हो गया था विमान
विमान ने पानी के ऊपर उड़ान भरी थी। जेनस ने विमान को पानी की सतह से 50 फीट से ज्यादा ऊपर नहीं जाने दिया। लेकिन आधे रास्ते में विमान के एक इंजन में खराबी आ गई और वह खाड़ी की सतह तक आ गया। तब जेनस ने कुछ चीजें ठीक की और दोबारा उड़ान भर लिया। विमान जब टाम्पा में उतरा, तो वहां भी 3,500 से ज्यादा लोग तालियां बजाते और जश्न मनाते जेनस और फील के स्वागत में खड़े थे।
पहले उड़ान में टिकट की नीलामी हुई थी। लेकिन उसके बाद विमान का किराया तय कर दिया गया था। विमान सप्ताह में 6 दिन रोजाना दो बार उड़ान भरता था। इसका किराया 5 डॉलर था। आज के समय के अनुसार करीब 100 डॉलर (करीब 7 हजार रुपये)। इस विमान का संचालन करीब चार महीने तक किया गया। जिसके बाद इसकी सेवा बंद हो गई। लेकिन इसने आने वाले समय में यात्री विमान सेवाओं के नए दौर का रास्ता खोला। चार महीने के दौरान इस विमान ने कुल 1,205 यात्रियों को सेवा दी थी।