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चीन में कैसे-कैसे गिरोह, कर्ज देने के बदले गिरवी रखवाते हैं नग्न तस्वीरें

Tue, 30 Mar 2021 03:33 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग Published by: Harendra Chaudhary Updated Tue, 30 Mar 2021 03:33 PM IST
सार

एक रिपोर्ट के मुताबिक चीन में क्रेडिट कार्ड और बैंक से ऋण लेने के नियम सख्त होने के बाद बड़ी संख्या में चीनी छात्र गैर-सरकारी स्रोतों से कर्ज लेते हैं। ये गिरोह लानझाऊ शहर में सक्रिय था। उसके जाल में तीन लाख 90 हजार से ज्यादा लोग फंसे। उनमें से 89 ऐसे लोगों ने आत्महत्या कर ली, जो इस गिरोह के कर्ज को नहीं चुका पाए...

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Large number of Chinese students take loans from non-government sources because rules for credit card and bank loans are tightened
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विस्तार

चीन में कम्युनिस्ट शासन के भीतर आम लोगों को लूटने के कैसे घोटाले होते हैं, इस पर नए सिरे से रोशनी पड़ी है। बीते शनिवार को रिलीज हुई एक डॉक्यूमेंट्री से 2019 का ये मामला सारे देश के सामने आया। इससे पता चला कि कैसे कर्ज के जाल में फंसाने वाले गिरोह की वजह से 89 लोगों को आत्महत्या करनी पड़ी थी। सैकड़ों दूसरे लोग भी इस गिरोह के शिकार बने, जिनकी माली हालत खस्ता हो गई।

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ये कर्ज गिरोह उत्तर-पश्चिमी प्रांत गानसू के लानझाऊ शहर में सक्रिय था। उसके जाल में तीन लाख 90 हजार से ज्यादा लोग फंसे। उनमें से 89 ऐसे लोगों ने आत्महत्या कर ली, जो इस गिरोह के कर्ज को नहीं चुका पाए। वे लोग कर्ज चुकाने की कोशिश में कर्ज के और भी भारी बोझ से दबते चले गए थे। इस डॉक्यूमेंटरी में एक वीडियो है, जो एक कर्जदार छात्र ने अपने माता-पिता को भेजा था। इसमें वह कहते सुना गया- ‘रोज-रोज, मुझे (ऋण) चुकाना पड़ रहा है। अब ये बोझ बदार्श्त नहीं हो रहा है। डैड-मॉम, अगर मृत्यु के बाद दूसरी जिंदगी होती होगी, तो मैं आपका कर्ज चुकाउंगा। अभी मैं इन सबसे मुक्ति चाहता हूं।’
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मार्च 2019 में लानझाऊ पुलिस को इस कर्ज गिरोह का पता चला था। हालांकि पुलिस ने तभी कार्रवाई की, लेकिन बाकी देश को इसके बारे में ज्यादा जानकारी अब रिलीज हुई डॉक्यूमेंटरी से ही मिली है। पुलिस ने तब इस मामले में 253 लोगों को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने 1,300 मोबाइल एप और वेबसाइटों को बंद कराया, जिनके जरिए गैर-कानूनी ढंग से ऋण दिया जाता था। सीसीटीवी पर दिखाए गई डॉक्यूमेंट्री के मुताबिक उस गिरोह ने 6.2 अरब युवान (लगभग 95 करोड़ डॉलर) के कर्ज दिए थे। उसने ब्याज की ऊंची दरें रखीं और उससे गिरोह ने 2.8 अरब युवान का मुनाफा कमाया था।
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वेबसाइट सिक्स्थटोन.कॉम की एक रिपोर्ट के मुताबिक चीन में क्रेडिट कार्ड और बैंक से ऋण लेने के नियम सख्त होने के बाद बड़ी संख्या में चीनी छात्र गैर-सरकारी स्रोतों से कर्ज लेते हैं। इससे कर्ज का बिजनेस फूला-फला है। इस बिजनेस से जुड़े लोग आसान शर्तों पर कर्ज देने का लालच देकर लोगों को लुभाते हैं। कर्ज के जाल में फंसाने के बाद वे युवा ग्राहकों का कई तरह से शोषण करते हैं। ऐसे भी मामले हुए, जब कर्ज लेने की इच्छुक युवतियों से गिरवी के तौर पर उनसे अपनी नग्न तस्वीरें देने की मांग की गई। जो लोग समय पर कर्ज या ब्याज नहीं चुका पाते, उनसे वसूली के लिए ऐसे गिरोह गुंडों का इस्तेमाल करते हैं। इस सिलसिले में कई लोगों पर जानलेवा हमला होने की घटनाएं भी हुई हैँ।

एक लॉ फर्म से जुड़े वकील जिन हानमिंग के मुताबिक इंटरनेट के जरिए ज्यादातर छोटे कर्ज दिए जाते हैं। कर्ज लेने वाले मुख्य रूप से कॉलेज के छात्र और कम आमदनी वाले लोग होते हैं, जो फौरी जरूरतों के लिए ऋण लेते हैं। तब उन्हें लगता है कि वे समय पर कर्ज चुका देंगे, लेकिन वे ऐसा कर नहीं पाते। ऊंची ब्याज दर और दूसरे कारणों से वे और अधिक कर्ज के बोझ में दब जाते हैं।


ताजा डॉक्यूमेंटरी के मुताबिक पिछले साल लानझाऊ कर्ज गिरोह के सरगना वांग को उम्र कैद सुनाई गई थी। उसके 18 सहयोगियों को 20 साल की कैद सुनाई गई। पुलिस ने कोर्ट में जो दस्तावेज पेश किए, उससे पता चला कि ये लोग फर्जी कंपनियां बनाकर दूसरे अवैध धंधे करने में भी जुटे हुए थे। कुछ मामलो में उनके दिए कर्ज पर ब्याज बढ़कर 5,200 प्रतिशत तक हो गया। जाहिर है, उसे चुकाना बहुत से लोगों के लिए नामुमकिन हो गया। तब उन्होंने खुदकुशी का सहारा लिया।

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