North Korea Fires Missile: US-दक्षिण कोरिया के अभ्यास के बीच उत्तर कोरिया ने दागी 10 मिसाइलें! जापान अलर्ट
North Korea Fires Missiles: उत्तर कोरिया ने अमेरिका और दक्षिण कोरिया के संयुक्त अभ्यास के बीच 10 मिसाइलें दागी हैं। जापान ने भी मिसाइलें दागे जाने की पुष्टि की है। पश्चिम एशिया में विगत दो हफ्ते से जारी युद्ध के बीच उत्तर कोरिया की तरफ से हुई इस कार्रवाई के बाद वैश्विक ताकतों के बीच टकराव बढ़ने की आशंका पैदा हो गई है। जानिए क्या है पूरा मामला
विस्तार
उत्तर कोरिया ने शनिवार को पूर्वी सागर की ओर करीब 10 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। दक्षिण कोरिया की सेना ने कहा कि यह प्रक्षेपण ऐसे समय किया गया, जब दक्षिण कोरिया और अमेरिका के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास जारी है।
जापान ने की पुष्टि
दक्षिण कोरिया के जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ (JCS) के मुताबिक, मिसाइलें प्योंगयांग के पास सुनान क्षेत्र से दागी गईं। शुरुआती जानकारी के अनुसार, इन मिसाइलों ने लगभग 350 किलोमीटर तक उड़ान भरी। जापान के रक्षा मंत्रालय ने भी पुष्टि की कि ये हथियार जापान के विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) के बाहर समुद्र में गिरे और किसी नुकसान की खबर नहीं है।
[Emergency alert]
— PM's Office of Japan (@JPN_PMO) March 14, 2026
North Korea has launched a suspected ballistic missile. More updates to follow.
दक्षिण कोरिया ने निगरानी बढ़ाई
दक्षिण कोरियाई सेना ने कहा है कि उसने निगरानी बढ़ा दी है और किसी भी अतिरिक्त लॉन्च की आशंका को देखते हुए पूरी तैयारी बनाए रखी है। सियोल, वॉशिंगटन और टोक्यो इस घटनाक्रम को लेकर आपस में सूचनाएं साझा कर रहे हैं।
क्या हो सकती है इस प्रक्षेपण की वजह?
यह मिसाइल परीक्षण ऐसे वक्त हुआ है, जब अमेरिका और दक्षिण कोरिया का वार्षिक फ्रीडम शील्ड सैन्य अभ्यास 9 मार्च से 19 मार्च 2026 तक चल रहा है। इस अभ्यास का मकसद दोनों देशों की संयुक्त सैन्य क्षमता और युद्धक तैयारियों को परखना बताया गया है।
उत्तर कोरिया लंबे समय से अमेरिका-दक्षिण कोरिया के संयुक्त सैन्य अभ्यासों को हमले की तैयारी बताता रहा है। इसी पृष्ठभूमि में किम जोंग उन की बहन किम यो जोंग ने हाल ही में चेतावनी दी थी कि अगर उत्तर कोरिया की सुरक्षा को चुनौती दी गई तो इसके भयानक परिणाम होंगे।
तनाव इसलिए भी बढ़ा हुआ है क्योंकि पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच दक्षिण कोरिया में तैनात अमेरिकी मिसाइल रक्षा प्रणालियों, जैसे THAAD और पैट्रियट, के संभावित पुनर्स्थापन को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि सियोल ने कहा है कि इससे उत्तर कोरिया के खिलाफ सहयोगी देशों की रक्षा स्थिति पर असर नहीं पड़ेगा।
2019 में अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत ठप पड़ने के बाद से प्योंगयांग लगातार मिसाइल और हथियार परीक्षणों के जरिए दबाव की राजनीति करता रहा है। ताजा लॉन्च को भी संयुक्त सैन्य अभ्यास के जवाब में शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है।
दक्षिण कोरिया और उत्तर कोरिया के रिश्ते सुधारने की कोशिश जारी
इस बीच, उत्तर कोरिया के साथ रुके हुए संवाद को फिर से शुरू करने की कोशिशें भी जारी हैं। गुरुवार (12 मार्च) को दक्षिण कोरिया के प्रधानमंत्री ने वाशिंगटन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की। इस बैठक में उत्तर कोरिया के साथ 2019 से ठप पड़े संवाद को दोबारा शुरू करने के तरीकों पर चर्चा की गई। दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय तनाव कम करने और बातचीत की संभावनाओं को आगे बढ़ाने की इच्छा जताई है।