फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Japan must act with its allies against China's pressure campaign: Report

रिपोर्ट में दावा: जापान पर दबाव बना रहा चीन; सहयोगियों के साथ पलटवार की मिली सलाह, क्या है ड्रैगन की रणनीति?

Sun, 05 Jul 2026 09:17 PM IST
Pavan आईएएनएस, बीजिंग
आईएएनएस, बीजिंग Published by: Pavan Updated Sun, 05 Jul 2026 09:17 PM IST
सार

यूरोपियन टाइम्स की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चीन जासूसी, साइबर हमलों, समुद्री घुसपैठ और आर्थिक दबाव के जरिए जापान पर दबाव बना रहा है। रिपोर्ट में जापान को अमेरिका और यूरोपीय सहयोगियों के साथ मिलकर तकनीक की सुरक्षा, समुद्री निगरानी और सैन्य सहयोग बढ़ाने की सलाह दी गई है। साथ ही कहा गया है कि चीन की चुनौती का मुकाबला सामूहिक रणनीति से ही किया जा सकता है।

विज्ञापन
Japan must act with its allies against China's pressure campaign: Report
जापान पर दबाव बना रहा चीन- रिपोर्ट में दावा - फोटो : Freepik

विस्तार

चीन की बढ़ती सैन्य, आर्थिक और साइबर गतिविधियों को लेकर जापान और उसके सहयोगी देशों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। यूरोपियन टाइम्स में प्रकाशित एक रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (सीसीपी) जासूसी, समुद्री घुसपैठ और आर्थिक दबाव के जरिए जापान पर लगातार दबाव बना रही है। रिपोर्ट के अनुसार, यह सिर्फ जापान की सुरक्षा का नहीं, बल्कि नियम-आधारित वैश्विक व्यवस्था की विश्वसनीयता का भी सवाल है।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें- Cargo Ship Attacked in Red Sea: यमन के पास लाल सागर में मालवाहक जहाज पर हमला, हूतियों ने क्या दी थी चेतावनी?
विज्ञापन


रिपोर्ट में दावा किया गया है कि जापान के सेमीकंडक्टर, रोबोटिक्स और अन्य अत्याधुनिक उद्योग चीनी खुफिया नेटवर्क के निशाने पर हैं। साइबर हमलों और अंदरूनी लोगों की भर्ती के जरिए संवेदनशील तकनीक हासिल करने की कोशिश की जा रही है। इससे निपटने के लिए जापान को अपनी काउंटर-इंटेलिजेंस व्यवस्था मजबूत करने, शैक्षणिक आदान-प्रदान की निगरानी बढ़ाने और अमेरिका व यूरोपीय संघ के साथ मिलकर तकनीक चोरी रोकने के लिए संयुक्त टास्क फोर्स बनाने की सलाह दी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि चीन के तटरक्षक जहाज और मछली पकड़ने वाले पोत अक्सर सेनकाकू द्वीप के आसपास के समुद्री क्षेत्र में प्रवेश करते हैं। जापान इस द्वीप समूह पर अपना अधिकार जताता है, जबकि चीन भी इस पर दावा करता है। रिपोर्ट के मुताबिक, ये गतिविधियां केवल उकसावे की कार्रवाई नहीं हैं, बल्कि जापान की संप्रभुता को चुनौती देने की रणनीति का हिस्सा हैं। इसलिए जापान को समुद्री गश्त बढ़ाने, निगरानी मजबूत करने और सहयोगी देशों के साथ संयुक्त सैन्य अभ्यास करने चाहिए।

रिपोर्ट के लेखक और तिब्बती आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा के भतीजे खेदरूब थोंडुप ने कहा कि चीन की रणनीति कई स्तरों पर काम करती है, इसलिए उसका जवाब भी समन्वित होना चाहिए। उनका कहना है कि जापान अकेले इस चुनौती का सामना नहीं कर सकता और उसके सहयोगियों को यह समझना होगा कि जापान की सुरक्षा, नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की सुरक्षा से जुड़ी हुई है।


इस बीच, मई 2026 में जापान के उप मुख्य कैबिनेट सचिव मसानाओ ओजाकी ने चीन और रूस के उस आरोप को खारिज कर दिया था, जिसमें जापान पर 'दोबारा सैन्य शक्ति बढ़ाने' का आरोप लगाया गया था। उन्होंने कहा था कि चीन की सैन्य गतिविधियां अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं और रूस का यूक्रेन पर हमला भी वैश्विक सुरक्षा के लिए खतरा है।

यह भी पढ़ें- Iran: खामेनेई के जनाजे में शामिल हुए तीन बेटे, नहीं दिखे सुप्रीम लीडर मोजतबा; आखिर क्यों बनाई दूरी?

चीन और जापान के बीच तनाव पिछले कुछ समय से बढ़ा हुआ है। नवंबर 2025 में जापान की प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची ने संसद में कहा था कि यदि चीन ताइवान पर हमला करता है, तो जापान की सेल्फ-डिफेंस फोर्सेज प्रतिक्रिया दे सकती हैं। इसके बाद दोनों देशों के संबंध और अधिक तनावपूर्ण हो गए। चीन ताइवान को अपना हिस्सा मानता है और आवश्यकता पड़ने पर बल प्रयोग के जरिए उसका एकीकरण करने की बात कहता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed