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Cargo Ship Attacked in Red Sea: यमन के पास लाल सागर में मालवाहक जहाज पर हमला, हूतियों ने क्या दी थी चेतावनी?
Sun, 05 Jul 2026 04:53 PM IST
Pavan
पीटीआई, काहिरा
पीटीआई, काहिरा
Published by: Pavan
Updated Sun, 05 Jul 2026 04:53 PM IST
सार
यमन के हूती नियंत्रित शहर होदेदा के पास लाल सागर में एक मालवाहक जहाज पर रविवार को अज्ञात हथियारबंद हमलावरों ने हमला किया। ब्रिटेन की समुद्री व्यापार निगरानी एजेंसी ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है। फिलहाल किसी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।
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लाल सागर में मालवाहक जहाज पर हमला
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
यमन के तट के पास लाल सागर में रविवार को एक मालवाहक जहाज पर हमला हुआ। ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (यूकेएमटीओ) ने बताया कि जहाज ने अज्ञात हथियारबंद हमलावरों द्वारा हमले की सूचना दी है। घटना की जांच की जा रही है। यूकेएमटीओ के अनुसार हमला यमन के पश्चिमी तटीय शहर होदेदा से करीब 30 समुद्री मील (55 किलोमीटर) दक्षिण-पश्चिम में हुआ। होदेदा शहर ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के नियंत्रण में है। एजेंसी ने बताया कि जहाज से सूचना मिली कि उस पर अज्ञात हथियारबंद लोगों ने हमला किया है। हालांकि, अभी तक किसी भी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली थी।
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हूती विद्रोहियों ने दी थी हमले की चेतावनी
हाल के दिनों में हूती विद्रोहियों ने फिर से लाल सागर से गुजरने वाले जहाजों पर हमले शुरू करने की धमकी दी थी, लेकिन अब तक उन्होंने कोई नया हमला नहीं किया था। इस घटना पर हूती संगठन की ओर से भी तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।
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इससे पहले गाजा युद्ध के दौरान हूती विद्रोहियों ने अपने नियंत्रण वाले इलाकों के पास से गुजरने वाले कई जहाजों पर ड्रोन और मिसाइलों से हमले किए थे। इन हमलों के कारण कई अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियों ने लाल सागर और स्वेज नहर के रास्ते की बजाय अफ्रीका के दक्षिणी सिरे से लंबा समुद्री मार्ग अपनाना शुरू कर दिया था।
सोमाली समुद्री लुटेरे भी बने खतरा
लाल सागर और अदन की खाड़ी में इन दिनों सोमाली समुद्री लुटेरों की गतिविधियां भी बढ़ी हैं। 1 जुलाई को दक्षिण-पूर्वी यमन के बलहाफ बंदरगाह से करीब 76 समुद्री मील (140 किलोमीटर) दूर एक जहाज पर संदिग्ध समुद्री लुटेरों ने हमला किया था।
यह भी पढ़ें- पाकिस्तान-तुर्किये की दोस्ती: व्यापार के साथ रक्षा संबंध बढ़ाने पर फोकस, क्या भारत के लिए खतरा है ये गठजोड़?
यूकेएमटीओ के अनुसार, उस घटना में एक छोटी नाव पर सवार चार हथियारबंद लोगों ने जहाज के ब्रिज को मामूली नुकसान पहुंचाया था। विशेषज्ञों का मानना है कि लाल सागर और अदन की खाड़ी में बढ़ते सुरक्षा खतरे अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं।
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हूती विद्रोहियों ने दी थी हमले की चेतावनी
हाल के दिनों में हूती विद्रोहियों ने फिर से लाल सागर से गुजरने वाले जहाजों पर हमले शुरू करने की धमकी दी थी, लेकिन अब तक उन्होंने कोई नया हमला नहीं किया था। इस घटना पर हूती संगठन की ओर से भी तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।
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इससे पहले गाजा युद्ध के दौरान हूती विद्रोहियों ने अपने नियंत्रण वाले इलाकों के पास से गुजरने वाले कई जहाजों पर ड्रोन और मिसाइलों से हमले किए थे। इन हमलों के कारण कई अंतरराष्ट्रीय शिपिंग कंपनियों ने लाल सागर और स्वेज नहर के रास्ते की बजाय अफ्रीका के दक्षिणी सिरे से लंबा समुद्री मार्ग अपनाना शुरू कर दिया था।
सोमाली समुद्री लुटेरे भी बने खतरा
लाल सागर और अदन की खाड़ी में इन दिनों सोमाली समुद्री लुटेरों की गतिविधियां भी बढ़ी हैं। 1 जुलाई को दक्षिण-पूर्वी यमन के बलहाफ बंदरगाह से करीब 76 समुद्री मील (140 किलोमीटर) दूर एक जहाज पर संदिग्ध समुद्री लुटेरों ने हमला किया था।
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यूकेएमटीओ के अनुसार, उस घटना में एक छोटी नाव पर सवार चार हथियारबंद लोगों ने जहाज के ब्रिज को मामूली नुकसान पहुंचाया था। विशेषज्ञों का मानना है कि लाल सागर और अदन की खाड़ी में बढ़ते सुरक्षा खतरे अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं।