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Jaishankar SCO Meeting: 'हमारे सामने वैश्विक व्यवस्था स्थिर करने की चुनौती'; चीन में बोले विदेश मंत्री जयशंकर

Thu, 17 Jul 2025 01:40 AM IST
ज्योति भास्कर वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तियानजिन (चीन)।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तियानजिन (चीन)। Published by: ज्योति भास्कर Updated Thu, 17 Jul 2025 01:40 AM IST
सार

चीन के तियानजिन में आयोजित एससीओ सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में डॉ एस जयशंकर ने कहा कि फिलहाल वैश्विक व्यवस्था को स्थिर करना सबसे बड़ी चुनौती है। यह बैठक वैश्विक अस्थिरता के बीच क्षेत्रीय सहयोग और स्थिरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास के रूप में देखी जा रही है।

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Jaishankar SCO Meeting challenge of stabilising global order says EAM during foreign ministers meeting
Jaishankar - फोटो : PTI

विस्तार

वैश्विक तनाव और आर्थिक अनिश्चितता के बीच चीन में हो रही शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) में शामिल देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में डॉ एस. जयशंकर ने अंतरराष्ट्रीय प्रणाली में बढ़ते संघर्ष, प्रतिस्पर्धा और दबाव को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने देशों से वैश्विक ढांचे को स्थिर करने और साझा हितों की रक्षा करने के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया। खबरों के मुताबिक अगले महीने यानी अगस्त में चीन में ही एससीओ देशों की बैठक होगी। इसमें भारत के प्रतिनिधि के रूप में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल हो सकते हैं। हालांकि, अभी पीएम मोदी के शिरकत की पुष्टि नहीं हुई है।

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वर्तमान समय की चुनौती वैश्विक व्यवस्था को स्थिर रखना
बुधवार को विदेश मंत्रियों की परिषद की बैठक के दौरान जयशंकर ने कहा, आज हम एक अस्थिर वैश्विक व्यवस्था के बीच मिल रहे हैं। हाल के वर्षों में संघर्ष, प्रतिस्पर्धा और जबरदस्ती के मामले बढ़े हैं। साथ ही आर्थिक अस्थिरता भी बढ़ती दिख रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय की चुनौती है कि हम वैश्विक व्यवस्था को स्थिर करें, विभिन्न क्षेत्रों को जोखिम से मुक्त करें, और पुराने तथा जटिल वैश्विक मुद्दों का समाधान करें।
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एकतरफा वर्चस्व, संरक्षणवाद और क्षेत्रीय संघर्ष चिंताजनक
इस बैठक में चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने भी शिरकत की। उन्होंने वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों को "सदी के परिवर्तन" के अनुरूप बताया। वांग के मुताबिक विश्व बहुध्रुवीयता की ओर बढ़ रहा है, आर्थिक वैश्वीकरण गहरा हो रहा है, और वैश्विक दक्षिण (Global South) का प्रभाव बढ़ रहा है। उन्होंने साथ ही चेतावनी भी दी कि इस बदलाव के दौर में एकतरफा वर्चस्व, संरक्षणवाद और क्षेत्रीय संघर्ष भी उभर रहे हैं। बकौल वांग, इस चुनौतीपूर्ण समय में एससीओ के सदस्य देशों को मिलकर संगठन को और मजबूत करने की दिशा में सामूहिक दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।

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चीनी विदेश मंत्रालय ने पांच सूत्री कार्यक्रम जारी
इससे पहले चीनी विदेश मंत्रालय ने बताया कि बैठक के दौरान देश के विदेश मंत्री वांग यी ने सभी सदस्य देशों के समक्ष पांच अहम सुझाव पेश किए। इसका मकसद भविष्य की यात्रा को लेकर रूपरेखा तैयार कहना है। वांग ने सदस्य देशों से 'शंघाई भावना' को आगे बढ़ाना चाहिए। उन्होंने संगठन के बीच सामंजस्य, एससीओ की कार्रवाई और अपील को बढ़ावा देने का आह्वान भी किया। बता दें कि एससीओ के सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों में भारत से डॉ जयशंकर, रूस से लावारोव समेत कई दिग्गज पहुंचे हैं।

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