Jakarta: चीनी राजनयिक के साथ जयशंकर ने की बैठक; कनाडाई समकक्ष के सामने उठाया राजनयिकों की सुरक्षा का मुद्दा
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने जकार्ता में शीर्ष चीनी राजनयिक वांग यी के साथ एआरएफ मंत्रिस्तरीय बैठक से इतर मुलाकात और चर्चा की। इसके साथ ही उन्होंने कनाडाई विदेश मंत्री मेलानी जोली से भी मुलाकात की।
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पिछले कई सालों से सीमा पर चीन के साथ तनाव बरकरार है। इस बीच, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने जकार्ता में शीर्ष चीनी राजनयिक वांग यी के साथ बैठक की है। बैठक के दौरान दोनों के बीच सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति से संबंधित लंबित मुद्दों पर चर्चा हुई। बता दें कि दोनों के बीच यह बैठक जकार्ता में एआरएफ मंत्रिस्तरीय बैठक से इतर हुई। इसके साथ ही उन्होंने कनाडाई विदेश मंत्री मेलानी जोली से भी मुलाकात की। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी।
विदेश मंत्री ने ट्वीट कर बताया कि चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के केंद्रीय विदेश आयोग के कार्यालय के निदेशक वांग यी के साथ अभी एक बैठक संपन्न हुई। विदेश मंत्री ने कहा कि उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और सौहार्द से संबंधित लंबित मुद्दों पर चर्चा की। हमारी बातचीत में पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन/एआरएफ एजेंडा, ब्रिक्स और इंडो-पैसिफिक भी शामिल थे।
साथ ही उन्होंने कनाडा की अपनी समकक्ष मेलानी जोली से भी मुलाकात की। इस मुलाकात के बारे में विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने ट्वीट किया कि जकार्ता में कनाडाई विदेश मंत्री मेलानी जोली से मुलाकात की। इस दौरान इंडो-पैसिफिक और हमारे आर्थिक सहयोग पर चर्चा की। इसके अलावा उन्होंने कनाडा में अपने राजनयिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को लेकर भी चर्चा की। उन्होंने अपनी कनाडाई समकक्ष के साथ इस कनाडा में अपने राजनयिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के महत्व और हिंसा के लिए उकसावे का दृढ़ता से मुकाबला करने की जरूरत को रेखांकित किया।
इससे पहले, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शुक्रवार को पाकिस्तान का सीधा नाम न लेते हुए आसियान क्षेत्रीय मंच के सदस्यों से आतंकवाद के मुद्दे पर समान, एकीकृत और शून्य-सहिष्णुता का दृष्टिकोण अपनाने का आग्रह किया, जिसमें आतंकियों की पनाहगाहों और वित्तपोषण नेटवर्क को नष्ट करना भी शामिल है। इंडोनेशिया की राजधानी में आसियान क्षेत्रीय मंच (एआरएफ) की मंत्रिस्तरीय बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने यह जिक्र किया कि भारत आतंकवाद से निपटने के लिए वैश्विक सहयोग और अस्वीकार्यता को बढ़ावा देकर वैश्विक चुनौतियों का जवाब दे रहा है।
विदेश मंत्री ने एक ट्वीट में कहा, आतंकवाद पर, इस बात पर जोर दिया कि एआरएफ सदस्यों को एक समान, एकीकृत और शून्य-सहिष्णुता दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। इसमें पनाहगाहों और वित्तपोषण नेटवर्क को नष्ट करना, सीमा पार आतंकवाद सहित सभी रूपों और अभिव्यक्तियों में आतंकवाद का मुकाबला करना शामिल है। बता दें कि भारत सीमा पार आतंकवाद को रोकने के लिए पाकिस्तान पर दबाव डालता रहा है।