फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   jaishankar in raisina roundtable in tokyo blames china for tension on borders said not observing agreements

Jaishankar: सीमा पर तनाव के लिए जयशंकर ने चीन को ठहराया जिम्मेदार, बोले- बीजिंग, समझौतों का उल्लंघन कर रहा

Thu, 07 Mar 2024 03:40 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, टोक्यो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, टोक्यो Published by: नितिन गौतम Updated Thu, 07 Mar 2024 03:40 PM IST
सार

जयशंकर ने अपने चिर-परिचित अंदाज में कहा कि 'अब आप इसे पसंद करें या नहीं, लेकिन यही सच्चाई है और आपको इससे डील करना पड़ेगा। चीजें बदल रही हैं और सभी को कोशिश करनी चाहिए कि चीजों को जितना हो सकते स्थायी रखा जाए।'

विज्ञापन
jaishankar in raisina roundtable in tokyo blames china for tension on borders said not observing agreements
एस जयशंकर। - फोटो : Twitter

विस्तार

भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एक बार फिर चीन पर निशाना साधा है और सीमा पर तनाव के लिए चीन को जिम्मेदार ठहराया है। जयशंकर ने कहा कि चीन लिखित समझौते का उल्लंघन कर रहा है, जिसकी वजह से ही दोनों देशों के सैनिकों में 2020 में हिंसक झड़प हुई। विदेश मंत्री एस जयशंकर जापान की राजधानी टोक्यो में रायसीना राउंड टेबल बैठक में शामिल हुए। इस दौरान वैश्विक ऑर्डर में आ रहे बदलाव पर उन्होंने कहा कि हिंद प्रशांत महासागर क्षेत्र में शक्ति परिवर्तन हो रहा है और जब क्षमताओं, प्रभाव और महत्वकांक्षाओं में बड़ा बदलाव होता है तो इसका रणनीतिक स्तर पर गंभीर असर होता है। 
विज्ञापन


बीते एक दशक में आए बड़े बदलाव
जयशंकर ने अपने चिर-परिचित अंदाज में कहा कि 'अब आप इसे पसंद करें या नहीं, लेकिन यही सच्चाई है और आपको इससे डील करना पड़ेगा। चीजें बदल रही हैं और सभी को कोशिश करनी चाहिए कि चीजों को जितना हो सकते स्थायी रखा जाए। हालांकि बीते एक दशक में ऐसा नहीं हुआ है। उदाहरण के लिए चीन के साथ हमारी 1975 से 2020 तक, करीब 45 वर्षों तक कोई हिंसक झड़प नहीं हुई, लेकिन 2020 में ये बदल गया।' विदेश मंत्री ने कहा कि 'हम कई चीजों पर असहमत हो सकते हैं, लेकिन देशों को अपने पड़ोसी देशों के साथ लिखित समझौतों का उल्लंघन नहीं करना चाहिए और आपने किया, जिससे दोनों देशों के रिश्तों और स्थायित्व और सच पूछिए तो आपकी नीयत पर सवालिया निशान लगता है।' 
विज्ञापन


गलवान घाटी में भारत-चीन के सैनिकों के बीच हुई थी हिंसक झड़प
उल्लेखनीय है कि 5 मई 2020 को पूर्वी लद्दाख बॉर्डर पर भारत और चीन के सैनिकों में हिंसक झड़प हुई थी। गलवान घाटी में हुई इस हिंसा से दोनों देशों के रिश्तों में तनाव बढ़ गया और संघर्ष की आशंका पैदा हो गई थी। भारत सरकार की तरफ से पहले भी कहा गया है कि जब तक सीमा पर शांति नहीं होगी, तब तक दोनों देशों के रिश्ते सामान्य नहीं हो सकते। विदेश मंत्री ने कहा कि 'लिखित समझौतों का पालन नहीं हो रहा है, जिससे तनाव बढ़ रहा है। इससे दुनिया में बदलाव आ रहे हैं और पूरी वैश्विक व्यवस्था बदल रही है।' जयशंकर ने कहा कि 'यूरोप में संघर्ष हो रहा है। अंतरराष्ट्रीय कानूनों को लेकर एशिया में असहमति है। मध्य पूर्व में भी तनाव बढ़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि भारत की आर्थिक ताकत बढ़ी है और हम 11वीं से पांचवीं अर्थव्यवस्था बन गए हैं, ऐसे में चीजें पहले जैसी नहीं रह सकतीं, लेकिन इस बदलाव से हालात बिगड़ने नहीं चाहिए।'
विज्ञापन
विज्ञापन


रूस को लेकर ये बोले विदेश मंत्री
जयशंकर ने रूस को लेकर अहम बात कही। उन्होंने कहा कि पहले रूस आर्थिक रूप से यूरोप को प्राथमिकता देता था, लेकिन अब उसकी सोच में बदलाव आया है और बदले समय में रूस अब एशिया पर फोकस कर रहा है। एशिया में रूस का निवेश और संसाधन बढ़े हैं और यह सहयोग लंबा चलेगा। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed