फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   It is not easy for women to do jobs in China, questions related to personal life are asked during interview

चीन में महिलाओं के लिए नौकरी करना आसान नहीं, पूछे जाते हैं निजी जिंदगी से जुड़े सवाल

Mon, 08 Mar 2021 07:34 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग Published by: Harendra Chaudhary Updated Mon, 08 Mar 2021 07:34 PM IST
सार

एक महिला ने कहा- ‘जब मैं एक नौकरी के लिए गई तो इंटरव्यू तक सब ठीक रहा। लेकिन जब नौकरी ज्वाइन करने से पहले हेल्थ चेक-अप का नोटिस मुझे मिला, तो मैंने देखा कि उसमें प्रेगनेंसी टेस्ट भी शामिल है। इससे मुझे बहुत गुस्सा आया और तभी से मैं वो नौकरी बदलने के लिए सोचने लगी।’

विज्ञापन
It is not easy for women to do jobs in China, questions related to personal life are asked during interview
चीन - फोटो : Agency (File Photo)

विस्तार

लैंगिक समानता की दिशा प्रगति के तमाम दावों के बावजूद चीन में महिलाओं के लिए मुश्किल हालात बने हुए हैं। नौकरी ढूंढने जाने पर आज भी उनसे लैंगिक भेदभाव से भरे सवाल पूछे जाते हैं। इस मुद्दे की हाल में वहां के मीडिया में खासी चर्चा रही है। पिछले हफ्ते एक महिला ने सोशल मीडिया पर बताया कि जब वह एक कार सर्विस कंपनी में नौकरी की तलाश में गई, तो इंटरव्यू के दौरान उससे पूछा गया कि उसके कितने प्रेम संबंध रहे हैं। यह भी पूछा गया कि उसके प्रेम संबंधों में जो रिश्ता सबसे लंबा चला, वह कितने समय तक कायम रहा।

विज्ञापन


जब मीडिया में चर्चा के कारण इस पर विवाद उठा, तो जियांगशी प्रांत के नानचांग में स्थित होंगचाओ कार सर्विस कंपनी ने सफाई दी कि जिस नौकरी के लिए वो महिला आई थी, उस सिलसिले में ये सवाल प्रासंगिक हैं। महिला कंपनी के ह्यूमन रिसोर्स विभाग में नौकरी पाने के लिए गई थी। कंपनी ने कहा कि इस भूमिका में कर्मचारियों को ‘उच्च भावनात्मक बौद्धिकता’ दिखाने की जरूरत पड़ती है, ताकि ग्राहकों के साथ अच्छे संबंध बनाए रखने में वे कामयाब हों। कंपनी के बयान में कहा गया- हमारे यहां ज्यादातर कर्मचारी महिलाएं हैं। हम ये सवाल इसलिए पूछते हैं, क्योंकि अगर कोई व्यक्ति प्रेम संबंध में रहा हो, तो समझा जाता है कि वह दूसरों के प्रति हमदर्द रहेगा। कंपनी ने कहा कि उसका अनुभव है कि बेहतर प्रदर्शन करने वाली कर्मी वही होती हैं, जो विवाहित हों या जिनका ब्वॉयफ्रेंड हो।
विज्ञापन


लेकिन महिला अधिकार कार्यकर्ता ऐसे सवालों को निजी जीवन में दखल और महिलाओं के लिए असहज स्थिति पैदा करने वाला मानती हैं। बीजिंग स्थित महिला अधिकार कार्यकर्ता और एक लॉ फर्म में कार्यरत लु शियाक्वान ने हांगकांग के अखबार साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट से कहा कि चीन में ऐसे सवाल पूछने का चलन आज भी व्यापक रूप से मौजूद है। उन्होंने कहा- यह खास प्रकार का भेदभाव है, जो नियुक्ति के समय महिलाओं के साथ होता है। उनसे ऐसे सवाल पूछे जाते हैं, जिनका जिस पद के लिए अर्जी दी गई है, उससे कोई संबंध नहीं होता।
विज्ञापन
विज्ञापन


महिला अधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि प्रेम संबंध के बारे में सवाल पूछने का मतलब है उन महिलाओं के लिए नुकसान की स्थिति बनाना जिनके ऐसे संबंध नहीं रहे हैं। उनका कहना है कि आवेदक को ऐसे सवालों का जवाब देने से इनकार करने का अधिकार है, लेकिन वैसा करने पर ज्यादा संभावना यह होती है कि उसे नौकरी ना दी जाए।

जानकारों का कहना है कि चीनी महिलाएं अब भेदभाव के बारे में खुल कर बोल रही हैं, ये अच्छी बात है। इससे ये सामने आ रहा है कि चीन में महिलाओं के साथ आज भी किस-किस तरह के व्यवहार किए जाते हैँ। हाल में चीन की सामुदायिक सवाल-जवाब की लोकप्रिय वेबसाइट जिहू पर कुछ महिलाओं ने बताया कि नौकरी देने के पहले उनका प्रेगनेंसी टेस्ट (गर्भ परीक्षण) किया गया। एक महिला ने कहा- ‘जब मैं एक नौकरी के लिए गई तो इंटरव्यू तक सब ठीक रहा। लेकिन जब नौकरी ज्वाइन करने से पहले हेल्थ चेक-अप का नोटिस मुझे मिला, तो मैंने देखा कि उसमें प्रेगनेंसी टेस्ट भी शामिल है। इससे मुझे बहुत गुस्सा आया और तभी से मैं वो नौकरी बदलने के लिए सोचने लगी।’

पिछले साल एक सर्वे में 60 फीसदी महिलाओं ने कहा था कि नौकरी के लिए इंटरव्यू के दौरान उऩसे वैवाहिक स्थिति और मां बनने संबंधी जानकारियां मांगी गई। बीजिंग स्थित महिला अधिकार संगठन इक्वैलिटी के मुताबिक महिलाओं की परंपरागत भूमिका से जुड़ी मानसिकता आज भी चीन में मौजूद है। इसी कारण ऐसे सवाल सहजता से पूछे जाते हैँ।


समाजशास्त्रियों के मुताबिक हाल के वर्षों में चीन ने महिलाओं की समानता के लिए कानून बनाने शुरू किए हैं। इनका कुछ असर हुआ है। युवतियों में आज पहले की तुलना में अपने अधिकारों को लेकर जागरूकता अधिक है। इसलिए इन सवालों पर चर्चा हुई है। ये अच्छी बात है। लेकिन इससे चीनी समाज का बदरूप चेहरा भी खुल कर सामने आ रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed