फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Israeli PM Benjamin Netanyahu confiden US will support West Bank annexation

नेतन्याहू ने जताया भरोसा, वेस्ट बैंक को सम्मिलित किए जाने का समर्थन करेगा अमेरिका

Mon, 27 Apr 2020 11:25 AM IST
अनवर अंसारी पीटीआई, येरूशलम
पीटीआई, येरूशलम Published by: अनवर अंसारी Updated Mon, 27 Apr 2020 11:25 AM IST
विज्ञापन
Israeli PM Benjamin Netanyahu confiden US will support West Bank annexation
इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू

इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि उन्हें इस बात का भरोसा है कि वह कब्जा किए हुए वेस्ट बैंक के बड़े हिस्सों को अमेरिका के समर्थन से इन गर्मियों में अपने देश में मिला लेंगे।

विज्ञापन


इस्राइल के इंजील ईसाई समर्थकों की ऑनलाइन सभा से बातचीत में नेतन्याहू ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पश्चिम एशिया योजना इस्राइल के दर्जनों स्थानों के साथ ही जॉर्डन घाटी को फिर से इस्राइली नियंत्रण में लाने की परिकल्पना करती है।
विज्ञापन


नेतन्याहू ने कहा कि अब से कुछ महीने बाद, मुझे यकीन है कि उस प्रतिज्ञा का सम्मान होगा और हम यहूदीवाद के इतिहास में एक और ऐतिहासिक क्षण का जश्न मना पाएंगे। 
विज्ञापन
विज्ञापन


व्यापक अंतरराष्ट्रीय समर्थन के साथ फिलिस्तीनी समूचे वेस्ट बैंक को स्वतंत्र राज्य का हिस्सा मानते हैं। वे इस योजना पर नेतन्याहू के आगे बढ़ने की सूरत में मौजूदा शांति समझौतों को रद्द करने की चेतावनी पहले ही दे चुके हैं। जबकि यूरोपीय संघ के विदेश नीति प्रमुख ने कहा है कि यह विलय अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन होगा और गुट को उचित कदम उठाने पर मजबूर करेगा।

पश्चिम एशिया के लिए संयुक्त राष्ट्र के राजदूत ने कहा है कि ऐसा कोई भी कदम क्षेत्र में आग लगाने का काम करेगा। लेकिन नेतन्याहू और उनके कट्टर समर्थक, ट्रंप के राष्ट्रपति पद पर रहते हुए इस योजना पर आगे बढ़ना चाहते हैं।

गौरतलब हो कि पिछले साल नवंबर महीने में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के समय की नीति में परिवर्तन करते हुए इस्राइल के वेस्ट बैंक और पूर्व येरुशलम पर कब्जे को मान्यता दे दी थी। 

अमेरिकी रक्षा मंत्री माइक पोम्पियो ने कहा था कि अमेरिका अब वेस्ट बैंक में इस्राइली बस्तियों को अंतरराष्ट्रीय कानूनों के उल्लंघन के तौर पर नहीं देखता। पोम्पियो ने कहा था कि वेस्ट बैंक के कारण ही इस्राइल और फिलिस्तीन के बीच विवाद रहा है। बार-बार इन बस्तियों को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन कहने का कोई फायदा नहीं हुआ। इसकी वजह से शांति की कोशिशें भी नहीं हुई हैं। 

बेंजामिन नेतन्याहू ने फैसले को बताया था, ऐतिहासिक गलती में सुधार 
इस्राइल की तरफ से अमेरिका के इस फैसले का स्वागत किया गया था। इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा था कि यह ऐतिहासिक गलती को सही करने जैसा है। साथ ही उन्होंने अन्य देशों से भी अपील की थी कि वह इस फैसले को मानें।


हालांकि फिलिस्तीन की तरफ से वेस्ट बैंक के लिए मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे साएब एरकेत ने कहा था कि अमेरिकी सरकार का यह फैसला वैश्विक स्थिरता, सुरक्षा और शांति के लिए खतरा है। उन्होंने कहा था कि इस तरह का निर्णय अंतरराष्ट्रीय कानून को जंगल के कानून से बदलने जैसा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed