US-Israel vs Iran: इस्राइल-अमेरिका ने कब-कैसे बोला ईरान पर हमला, तेहरान का जवाब क्या? सवाल-जवाब में घटनाक्रम
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विस्तार
इस्राइल और अमेरिका ने ईरान पर साझा हमला बोला है। पहले इस्राइल के रक्षा मंत्री और फिर अलग-अलग रक्षा मामलों के सूत्रों ने इसकी पुष्टि की। सामने आया है कि हमले की शुरुआत इस्राइल की तरफ से की गई, जिसने ईरान के कई सैन्य और खुफिया एजेंसी के ठिकानों को निशाना बनाया। इसके बाद अमेरिकी वायुसेना की तरफ से भी हमले की बात सामने आई है।आइये सवाल-जवाब में जानते हैं अब तक हमले में सामने आई बड़ी बातें
सवाल-1: किस वक्त हुआ हमला?
हमले की पहली जानकारी सुबह करीब 11.30 बजे आई। इसके बाद इस्राइल के रक्षा बल के एक्स हैंडल पर सुबह करीब 11.45 पर पोस्ट किया गया, जिसमें कहा गया कि पूरे इस्राइल में साइरन्स बजाए गए हैं और लोगों के मोबाइलों पर संदेश भेजे गए हैं, जिनमें उन्हें सुरक्षित ठिकानों के करीब रहने के लिए कहा गया है।ईरान में जुमे के बाद शनिवार हफ्ते का पहला दिन है। इस दिन स्कूलों से लेकर सरकारी दफ्तर और सार्वजनिक स्थल भी खुले रहते हैं। ऐसे में आम लोगों के हमले के चपेट में आने की आशंका जताई गई है।
सवाल-2: ईरान में कहां-कहां हुआ हमला?
द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, हमले को तेहरान और आसपास के क्षेत्र में केंद्रित रखा गया है। ईरानी अखबार शार्घ के मुताबिक, ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई कि ठिकाने के पास धमाका हुआ। इसके अलावा तेहरान में स्थित राष्ट्रपति के आवास और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के दफ्तर के पास धमाके के बाद धुआं उठता देखा गया।सैटेलाइट तस्वीरों से सामने आया है कि ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई के आवास के पास इस्राइल के हमले के बाद जबरदस्त धुआं उठता देखा गया। हालांकि, यह साफ नहीं हो पाया कि इस हमले की चपेट में कौन आया। एयरस्ट्राइक में ईरान के पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद अहमदीनेजाद के परिसर पर भी हमला देखा गया।
बताया गया है कि ईरान में तेहरान के अलावा पांच और शहरों पर हमले हुए हैं। इनमें कॉम, इशफान, करमनशाह और कराज, लोरेस्तान पर हमला शामिल है।
इसके अलावा ईरान के अर्धसैनिक बल- ईरान रेवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) के खुफिया निदेशालय पर भी हमला किया गया है।
सवाल-3: इस्राइल-ईरान ने अब तक क्या-क्या कदम उठाए?
1. इस्राइल नेइन हमलों के बाद इस्राइल ने सबसे पहले आपातकाल घोषित करते हुए अपने हवाई क्षेत्र (एयरस्पेस) को पूरी तरह बंद कर दिया। यानी इस्राइल में वाणिज्यिक उड़ानों पर पूरी तरह प्रतिबंध है।
इस्राइली सैन्य बलों की तरफ से कहा गया कि उसने जनता को मोबाइलों पर संदेश भेजकर इस बात के लिए सतर्क किया है। कि इस्राइल की तरफ मिसाइल हमला हो सकता है।
इसी तरह ईरान ने भी अपने हवाई क्षेत्र को बंद कर दिया है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, अयातुल्ला अली खामेनेई फिलहाल ईरान में नहीं हैं और उन्हें सुरक्षित ठिकाने में भेजा गया है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने भी इस्राइल पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला किया है। फिलहाल यह सामने नहीं आया है कि ईरान का हमला कितना बड़ा है, लेकिन इस्राइली रक्षा बलों ने मिसाइलों को डिटेक्ट किया है। इस्राइल में कुछ जगहों पर धमाके की खबरें भी आई हैं।
सवाल-4: पश्चिम एशिया में बाकी क्षेत्रों का क्या हाल?
कतर के मीडिया पोर्टल अल-जजीरा के मुताबिक, ईरान ने बहरीन, सऊदी अरब, कुवैत, कतर और यूएई पर भी अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया है।इन स्थितियों को देखते हुए कतर में स्थित अमेरिकी दूतावास ने अपने सभी कर्मचारियों के लिए अलर्ट जारी किया है और उन्हें सुरक्षित ठिकाने पर जाने के लिए कहा है।
दूसरी तरफ इराक ने भी हमले के मद्देनजर अपने एयरस्पेस को बंद कर दिया। इसके अलावा पश्चिम एशिया में स्थित अधिकतर देशों ने अपने एयरस्पेस बंद कर दिए हैं।
सवाल-5: हमले को लेकर अब तक क्या प्रतिक्रिया आईं?
डोनाल्ड ट्रंप: ईरान पर हुए हमले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर एक वीडियो पोस्ट किया। इसमें उन्होंने कहा कि हमारा मकसद ईरानी शासन से पैदा हुए खतरे को खत्म कर अमेरिकी नागरिकों की रक्षा करना है। उन्होंने कहा कि ईरान की गतिविधियां अमेरिका, हमारी सेनाओं, विदेश में स्थित हमारे सैन्य ठिकानों और दुनियाभर में मौजूद हमारे साथियों के लिए सीधा खतरा पैदा करती हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रंप ने यह भी कहा है कि अमेरिका के ईरान पर किए गए हमले में हमें कुछ नुकसान भी हुआ है। गौरतलब है कि अमेरिका के जॉइंट चीफ ऑफ स्टाफ जनरल डैन केन ने एक निजी बैठक में ट्रंप को चेतावनी दी थी कि ईरान से युद्ध की स्थिति में अमेरिकी सैन्य बलों की मौत हो सकती है।
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सवाल-6: इस्राइल-अमेरिका की कार्रवाई के बाद भारत की क्या प्रतिक्रिया?
भारत के विदेश मंत्रालय की तरफ से फिलहाल इस्राइल-अमेरिका के हमले को लेकर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि, इस तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए इस्राइल में भारतीय दूतावास ने अपने नागरिकों के लिए एक जरूरी सलाह जारी की है। दूतावास ने कहा है कि सभी भारतीय बहुत सावधानी बरतें और हर समय सतर्क रहें। भारतीय नागरिकों को इस्राइली अधिकारियों और होम फ्रंट कमांड द्वारा जारी सुरक्षा दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करने की सलाह दी गई है।ये भी पढ़ें: Iran Israel War: ईरान पर बड़े हमले के बाद भारतीयों के लिए एडवाइजरी जारी; जानें भारतीय दूतावास ने क्या कहा?
सवाल-7: ईरान पर हमले से पहले क्या घटनाक्रम हुआ?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खास दोस्त- स्टीव विटकॉफ और उनके दामाद- जैरेड कुशनर गुरुवार को ईरानी अधिकारियों से बातचीत के लिए जेनेवा में मिले थे। हालांकि, इस बातचीत का कोई ठोस परिणाम नहीं निकला, जिसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत से खुश नहीं हैं। उन्होंने शुक्रवार सुबह कहा था कि ईरान पर सैन्य हमले को लेकर उन्होंने फैसला नहीं किया है।शनिवार सुबह अमेरिका ने ईरान के खिलाफ एक और कदम उठाते हुए उसे 'लोगों को अवैध तरह से हिरासत में रखने' वाला देश करार दे दिया था। इसके बाद सामने आया कि मार्को रूबियो अगले हफ्ते इस्राइल का दौरा कर सकते हैं।