फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Donald Trump US Israel joint strike on Iran Iran nuclear program Tehran explosions

'हथियार डालें या मौत का सामना करें': ईरान पर अमेरिका-इस्राइल का साझा हमला; ट्रंप की दो टूक, जानिए बड़ी बातें

Sat, 28 Feb 2026 01:27 PM IST
Kumar Vivek वर्ल्ड न्यूज, अमर उजाला, नई दिल्ली
वर्ल्ड न्यूज, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Kumar Vivek Updated Sat, 28 Feb 2026 01:27 PM IST
सार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर अमेरिका और इस्राइल के संयुक्त सैन्य हमले की पुष्टि की है। ईरान के परमाणु कार्यक्रम और मिसाइल विकास को लेकर ट्रंप की इस कड़ी चेतावनी और तेहरान में आपातकाल की स्थिति पर पूरी रिपोर्ट पढ़ें। 

विज्ञापन
Donald Trump US Israel joint strike on Iran Iran nuclear program Tehran explosions
डोनाल्ड ट्रंप - फोटो : ANI

विस्तार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ अब तक का सबसे कड़ा रुख अपनाते हुए उसे एक सीधी और सख्त चेतावनी दी है। अमेरिका और इस्राइल की ओर से ईरान पर किए गए एक बड़े संयुक्त सैन्य हमले के बाद ट्रंप ने ईरान से साफ शब्दों में कहा है कि वह 'अपने हथियार डाल दे या फिर निश्चित मौत का सामना करे'। यह बड़ी सैन्य कार्रवाई मुख्य रूप से ईरान को उसके परमाणु कार्यक्रम को फिर से शुरू करने और मिसाइल विकसित करने से रोकने के लिए की गई है। आइए जानते हैं डोनाल्ड ट्रंप के बयान की बड़ी बातें।

विज्ञापन

1. क्या है ईरान पर हमले का कारण, ट्रंप क्या बोले?

ट्रंप ने इस पूरे घटनाक्रम और अमेरिकी रणनीति की जानकारी अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' के जरिए दी। एक वीडियो संदेश साझा करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान पर हुए अमेरिका-इस्राइल के संयुक्त हमले की आधिकारिक पुष्टि की। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं को किसी भी कीमत पर पूरा नहीं होने दिया जाएगा। ट्रंप ने अपने संदेश में कड़ी चेतावनी देते हुए कहा, "ईरान कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं कर सकता और अमेरिका उसके परमाणु ठिकानों को पूरी तरह नष्ट कर देगा"।

विज्ञापन

2. 47 वर्षों से ईरान अमेरिका और दुनिया के निर्दोष लोगों के लिए खतरा

अमेरिका के राष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिका के लोगों को ईरान के खतरनाक लोगों से बचाना है। 47 वर्षों से ईरानी शासन दुनिया और अमेरिका के निर्दोष लोगों को लिए खतरा बना हुआ है। अमेरिका के लोगों को ईरान के खतरनाक लोगों से बचाना है। 47 वर्षों से ईरानी शासन दुनिया और अमेरिका के निर्दोष लोगों को  लिए खतरा बना हुआ है। ईरान दुनिया का सबसे बड़ा राज्य समर्थित आतंकवाद का पोषक देश है। एपी की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने स्वीकार किया है कि ईरान के हमलों के बाद अमेरिकी हताहत हो सकते हैं, उन्होंने कहा कि 'युद्ध में ऐसा अक्सर होता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

3. तानाशाही को खतरा बनने से रोकने के लिए अमेरिका का अभियान: ट्रंप

राष्ट्रपति का दावा किया, ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम को फिर से शुरू करने और लंबी दूरी की मिसाइलों का विकास जारी रखने का प्रयास किया है जो अब यूरोप में हमारे बहुत अच्छे दोस्तों और सहयोगियों, विदेशों में तैनात हमारे सैनिकों के लिए खतरा बन सकती हैं और जल्द ही अमेरिकी धरती तक पहुंच सकती हैं।" ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान में तानाशाही को अमेरिका के लिए खतरा बनने से रोकने के लिए एक विशाल अभियान चला रहा है।


4. ईरान के लोगों से डोनाल्ड ट्रंप ने क्या कहा?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को ईरानी जनता से सरकार की बागडोर अपने हाथ में लेने की अपील की। उन्होंने यह भी कहा कि इस्राइल की ओर से हमले शुरू करने के बाद अमेरिका ने ईरान में 'बड़े पैमाने पर लड़ाकू अभियान' शुरू कर दिए हैं। ट्रंप ने ईरान पर हमलों को 'एक नेक मिशन' बताया और कहा कि ये हमले आवश्यक थे क्योंकि ईरान परमाणु हथियार और मिसाइल प्रणालियां विकसित करने की कोशिश कर रहा था जो अमेरिका तक पहुंच सकती थीं। ईरानी लोगों को 'अपनी सरकार पर कब्जा करने' के लिए प्रोत्साहित किया। ईरान के खिलाफ शुरू की गई लड़ाई को पेंटागन की ओर से ऑपरेशन इपिल थ्योरी का नाम दिया गया है।

5. अमेरिका-इस्राइल ने जुगलबंदी में क्यों बनाया ईरान को निशाना?

इस बड़ी सैन्य कार्रवाई के पीछे कुछ ठोस रणनीतिक और रक्षा संबंधी कारण सामने आए हैं, जिनका उल्लेख अमेरिकी प्रशासन ने किया है:

  • परमाणु कार्यक्रम फिर से शुरू करने की धमकी: अमेरिकी राष्ट्रपति के अनुसार, ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को फिर से स्थापित करने और उसे सक्रिय करने की कोशिश में था। इसी वजह से अमेरिका और इस्राइल को यह संयुक्त हमला करने के लिए मजबूर होना पड़ा।
  • मिसाइल विकास: परमाणु हथियारों की कोशिशों के साथ-साथ ईरान द्वारा नई मिसाइलें विकसित करने की गतिविधियां भी इस सख्त सैन्य कदम का एक प्रमुख कारण बनीं।

6. अमेरिकी हमले बीच ईरान में क्या चल रहा है?

अमेरिका-इस्राइल की ओर से ईरान पर हमले के बीच, मौजूदा रिपोर्ट्स के मुताबिक राजधानी तेहरान में कई धमाकों की सूचना है। वहां आपातकाल जैसी स्थिति पैदा हो गई है और अमेरिका की तरफ से लगातार चेतावनियां जारी की जा रही है।

7. क्या पश्चिम एशिया में जारी ताजा तनाव के मायने क्या हैं?

बिल्कुल, इस्राइल और हमास के बीच जारी तनावपूर्ण स्थिति के साथ अब अमेरिका और इस्राइल का ईरान के खिलाफ शुरू किया गया यह संयुक्त सैन्य अभियान इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर पश्चिमी देशों की नीति पूरी तरह से आक्रामक हो चुकी है। डोनाल्ड ट्रंप का यह बयान कि ईरान को 'निश्चित मौत' का सामना करना पड़ सकता है, इस बात का संकेत है कि अमेरिका भविष्य में भी ईरान के परमाणु और मिसाइल ठिकानों को निशाना बनाने के लिए पूरी तरह से तैयार और प्रतिबद्ध है। यह घटनाक्रम पश्चिम एशिया में चल रहे भू-राजनीतिक संघर्ष को एक नई दिशा की ओर ले जा रहा है। हालांकि, इससे वैश्विक आपूर्ति शृंखला के नए सिरे से प्रभावित होने का भी खतरा पैदा हो गया है।

8. ईरान पर कार्रवाई को अमेरिका-इस्राइल ने क्या नाम दिया गया?

पेंटागन ने ईरान पर अमेरिकी कार्रवाई को ऑपरेशन 'एपिक फ्यूरी' यानी 'अत्यधिक गुस्सा' नाम दिया है, जो इस संयुक्त सैन्य अभियान की आक्रामकता को दर्शाता है। इस्राइल ने ईरान के खिलाफ अपने हालिया सैन्य अभियान को 'ऑपरेशन रोरिंग लायन' का नाम दिया है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय की घोषित यह नया ऑपरेशन पिछले साल जून में किए गए 'राइजिंग लायन' हमले के बाद का एक बड़ा कदम है।

इन ऑपरेशंस का उद्देश्य सिर्फ सैन्य ठिकानों को निशाना बनाना नहीं है, बल्कि इसका एक बड़ा भू-राजनीतिक लक्ष्य भी सामने आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट संकेत दिया है कि ईरान पर हो रहे इन हमलों का मुख्य मकसद वहां की मौजूदा सरकार को गिराना है। ट्रंप ने सीधे तौर पर ईरानी नागरिकों से इस अवसर का लाभ उठाने की अपील करते हुए कहा है कि "जब हम काम पूरा कर लें तो अपनी सरकार पर कब्जा कर लेना," जो ईरान में शासन परिवर्तन की अमेरिकी मंशा को पूरी तरह से उजागर करता है।


विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed