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Israel Lebanon Tension: 18 फरवरी तक बढ़ा इस्राइल-हिजबुल्ला युद्ध विराम समझौता, अमेरिका ने कहा- हम रख रहे नजर
Mon, 27 Jan 2025 09:21 AM IST
बशु जैन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: बशु जैन
Updated Mon, 27 Jan 2025 09:21 AM IST
सार
व्हाइट हाउस ने कहा कि हिजबुल्ला और इस्राइल के बीच अमेरिका की निगरानी में चल रहा समझौता 18 फरवरी 2025 तक प्रभावी रहेगा। व्हाइट हाउस ने यह भी कहा कि अमेरिका लेबनानी कैदियों की वापसी के लिए इस्राइल और लेबनान के साथ बातचीत भी करेगा।
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इस्राइल-लेबनान
- फोटो : एएनआई/रॉयटर्स
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विस्तार
इस्राइल-हिजबुल्ला समझौते को अब 18 फरवरी तक बढ़ा दिया गया है। अमेरिकी व्हाइट हाउस ने कहा कि इस्राइल के सैनिकों की लेबनान से वापसी न होने के चलते यह फैसला लिया गया है। व्हाइट हाउस ने कहा कि हिजबुल्ला और इस्राइल के बीच अमेरिका की निगरानी में चल रहा समझौता 18 फरवरी 2025 तक प्रभावी रहेगा। व्हाइट हाउस ने यह भी कहा कि अमेरिका लेबनानी कैदियों की वापसी के लिए इस्राइल और लेबनान के साथ बातचीत भी करेगा।
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दरअसल, उत्तरी मोर्चे पर लड़ाई को समाप्त करने के लिए इस्राइल और हिजबुल्ला के बीच दो महीने के युद्ध विराम का समझौता हुआ था। समझौते की शर्त के तहत जहां इस्राइली सेना को दक्षिणी लेबनान से हटना था तो वहीं हिजबुल्ला लितानी नदी के दक्षिण में सीमा पर अपनी सशस्त्र मौजूदगी खत्म करेगा। जैसे ही इस्राइली सेना दक्षिणी लेबनान से हटेगी, लेबनानी सेना इन खाली क्षेत्रों में हजारों सैनिकों को तैनात करेगी। इसके साथ ही लेबनानी सेना दक्षिणी लेबनान में पहले से ही मौजूद संयुक्त राष्ट्र पर्यवेक्षक बल को भी तैनात करेगी।
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लेबनान में इस्राइली सेना की गोलीबारी में 22 की मौत
इस बीच दक्षिणी लेबनान में रविवार को इस्राइली सेना ने प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलाईं। इसमें 22 लोगों की मौत हो गई और 124 से अधिक लोग घायल हो गए। प्रदर्शनकारी संघर्ष विराम के तहत इजराइली सेना की वापसी की मांग कर रहे थे। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि मृतकों में छह महिलाएं और लेबनानी सेना का एक जवान भी शामिल है। सीमा क्षेत्र के 20 से अधिक गांवों में लोगों के घायल होने की खबर है।
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इस्राइली सेना दक्षिणी लेबनान से क्यों नहीं हटी?
दरअसल, इस्राइल-हिजबुल्ला युद्ध को रोकने के लिए नवंबर के अंत में संघर्ष विराम समझौते के तहत निर्धारित 60 दिन की समयसीमा में इस्राइली सेना को दक्षिणी लेबनान से हटना था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इस्राइल का कहना है कि हिजबुल्ला के दक्षिणी लेबनान में फिर से सिर उठाने से रोकने के लिए लेबनानी सेना इस इलाके के सभी क्षेत्रों में तैनात नहीं हुई है, ऐसे में सेना को अभी और अधिक समय तक वहां रहने की जरूरत है।
लेबनान के राष्ट्रपति ने क्या कहा?
लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने रविवार को दक्षिणी लेबनान के लोगों को संबोधित करते हुए एक बयान में कहा कि लेबनान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता से कोई समझौता नहीं किया जा सकता है और मैं आपके अधिकारों और सम्मान को सुनिश्चित करने के लिए उच्चतम स्तर पर इस मुद्दे के समाधान के वास्ते काम कर रहा हूं।