Israel-Hamas war: MRI सेंटर और कार्डियोलॉजी वार्ड में रखे थे हथियार, हमास ने अस्पताल को ऐसे बनाया था वॉर रूम
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विस्तार
गाजा के शिफा अस्पताल का कार्डियोलॉजी वार्ड विस्फोटकों और हथियारों के ज़खीरों का सबसे बड़ा अड्डा था। यही नहीं अस्पताल के एमआरआई सेंटर में हमास में चल रहे युद्ध के लिए तैयार किए गए विस्फोटक दीवारों के भीतर बंद करके रखे गए थे। इसी अस्पताल का फिजियोथेरेपी सेंटर बाकायदा हथियारों के साथ-साथ दहशतगर्दों की ओर से बड़े फूछताछ वार्ड के तौर में तब्दील कर दिया गया था। इस्राइल डिफेंस फोर्स ने गाजा के शिफा अस्पताल में मौजूद न सिर्फ टनल को नष्ट किया, बल्कि अस्पताल के वार्ड से लेकर वार्ड के नीचे बनी टनल में हथियारों के जखीरों को भी पकड़ा। इस दौरान पता यह भी चला है कि शिफा अस्पताल ही नहीं, बल्कि आसपास की कई इमारतों में टनल के माध्यम से बड़ी आतंकी गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा था।
इस्राइल डिफेंस फोर्स ने गाजा के शिफा अस्पताल में तकरीबन 55 मीटर लंबी टनल होने का खुलासा किया है। इस्राइल डिफेंस फोर्स के अधिकारियों के मुताबिक अस्पताल के प्रवेश द्वार से ही तकरीबन 10 मीटर गहरी और 55 मीटर लंबी एक बड़ी टनल का रास्ता बनाया गया था। अस्पताल के नीचे बनी इन टनल में हमास के आतंकियों ने युद्ध के सारे साजोसमान को न सिर्फ दीवारों के भीतर रखा था बल्कि अलग-अलग जगह पर भी बड़े हथियार को आईडीएफ ने बरामद किया है। इस्राइल डिफेंस फोर्स के अधिकारियों के मुताबिक हमास के आतंकियों ने अस्पताल के नीचे ही नहीं, बल्कि अस्पताल के अलग-अलग वार्ड में भी अपना सबसे बड़ा ऑपरेशन केंद्र बना रखा था।
आईडीएफ के अधिकारियों का कहना है कि अस्पताल के भीतर बनाई गई टनल से आसपास की बिल्डिंग में भी जाने का अंदरूनी रास्ता हमास के आतंकियों ने तैयार किया था। इन टनल के साथ-साथ अन्य सभी कनेक्टिंग टनल को भी पूरी तरीके से आईडीएफ ने अपने कब्जे में ले लिया है। इस ऑपरेशन में शामिल आईडीएफ के वरिष्ठ अधिकारी बताते हैं कि शिफा हॉस्पिटल के भीतर जाने वाली टनल को इतना सुरक्षित तैयार किया गया था कि अगर कोई बड़ा हमला हो, तो भी उसके ऊपर कोई असर न पड़े। वह बताते हैं कि इस टनल का दरवाजा बुलेट प्रूफ ही नहीं, बल्कि किसी बड़े विस्फोट में भी इसका नुकसान नहीं हो सकता था, कुछ इस तरह हमास के आतंकियों ने इसे तैयार किया था। अधिकारियों का कहना है कि हमास के आतंकियों की ओर से इस तरह के पुख्ता इंतजामात उन्हीं जगहों पर किए जाते थे, जहां पर उनको इस बात का अंदेशा रहता था कि इस्राइल की फोर्स इन जगहों पर पहुंच सकती है।
हमास के आतंकियों ने सिर्फ टनल के भीतर ही हथियारों का जखीरा नहीं रखा था, बल्कि अस्पताल के अलग-अलग वार्ड में भी इसका पूरा बंदोबस्त किया था। जानकारी के मुताबिक आतंकियों ने इस अस्पताल के कार्डियोलॉजी वार्ड से लेकर फिजियोथेरेपी वार्ड और एमआरआई सेंटर के साथ-साथ पल्मोनरी और इंटरनल मेडिसिन डिपार्टमेंट समेत मैटरनिटी डिपार्टमेंट को भी हथियारों के छुपाने का बड़ा अड्डा बना लिया था। आईडीएफसी की ओर से शिफा अस्पताल में की गई छानबीन में पता चला है कि कार्डियोलॉजी डिपार्टमेंट में जहां गोला बारूद और विस्फोट को छुपाने का बड़ा अड्डा बनाया था, वहीं एमआरआई सेंटर में भी अत्याधुनिक हथियारों को रखा जा रहा था। इसके अलावा अस्पताल के कई अलग-अलग वार्ड में भी हमास ने युद्ध में इस्तेमाल किए जाने वाले हथियारों और उपकरणों समेत तमाम गोला बारूद को छुपा कर रखा था।
फिलहाल आईडीएफ़ ने शिफा अस्पताल की 55 मीटर लंबी टनल के साथ-साथ आसपास के इलाकों में बनाई गई हमास के आतंकियों की टनल को नष्ट करना शुरू कर दिया है। जानकारी के मुताबिक वैसे तो समूचे गाजा में ही टनल का बहुत बड़ा नेटवर्क है। विदेशी मामलों के जानकार कर्नल रविंद्र धूत कहते हैं कि हमास के आतंकियों ने गाजा के अलग-अलग इलाकों में बहुत बड़ी-बड़ी टनल तैयार की हैं। इन टनल के माध्यम से ये आतंकी अपने ऑपरेशन को न सिर्फ अंजाम देते थे, बल्कि हथियारों और गोला बारूद को छिपाने का बड़ा स्थान भी यही टनल हुआ करती थी। इस्राइल डिफेंस फोर्स के अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल शुरुआती दौर में जिस तरीके से शिफा अस्पताल के भीतर टनल मिली है उससे यह बात पुख्ता हो जाती है कि हमास के आतंकियों ने अस्पतालों के भीतर उनको मानवीय ढाल बनाते हुए बड़े हमले की तैयारियां की थीं।