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Joe Biden: गाजा में बंधकों की रिहाई पर बोले अमेरिकी राष्ट्रपति, मानवीय आधार पर रुकना चाहिए टकराव
Thu, 02 Nov 2023 09:35 PM IST
ज्योति भास्कर
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Thu, 02 Nov 2023 09:35 PM IST
सार
इस्राइल और हमास के हिंसक संघर्ष को 27 दिन बीत चुके हैं। युद्धग्रस्त इलाके गाजा में कई लोगों को बंधक बनाया गया है। इनकी रिहाई को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन ने कहा कि मानवीय आधार पर टकराव रुकना चाहिए।
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Joe Biden
- फोटो : Social Media
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विस्तार
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने गाजा में बंधकों की रिहाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि इस्राइल-हमास युद्ध में मानवीय आधार पर हिंसा और टकराव रुकना चाहिए, जिससे बंधकों की रिहाई कराई जा सके। उन्होंने मिनियापोलिस में दिए एक बयान में कहा, "विराम" के प्रयासों का अमेरिका समर्थन करता है। सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, एक प्रदर्शनकारी ने युद्धविराम की मांग की। इसके बाद राष्ट्रपति बाइडन ने गाजा में हमास की तरफ से बंधक बनाए गए लोगों की रिहाई के लिए इस्राइल और हमास की लड़ाई में अस्थायी रोक की जरूरत को स्वीकार किया।
क्या बाइडन का बयान बड़ा संकेत?
गौरतलब है कि अमेरिकी प्रशासन, खुद राष्ट्रपति बाइडन और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने आधिकारिक तौर पर इस्राइल-हमास युद्धविराम का समर्थन नहीं किया है। इसी बीच जब बुधवार शाम को बाइडन ने कहा, "मुझे लगता है कि हमें एक विराम की जरूरत है। विराम का मतलब है कैदियों को बाहर निकालने के लिए समय देना।" इसे पश्चिम एशिया के हिंसक संघर्ष के बीच बड़ा संकेत माना जा रहा है।
युद्धविराम का नारा, महिला को सुरक्षाकर्मियों ने निकाला
रिपोर्ट के मुताबिक राष्ट्रपति के साथ मौजूद पत्रकारों ने बताया कि सुरक्षाकर्मियों ने बाइडन के सामने युद्धविराम की अपील करने वाली महिला को कार्यक्रम स्थल से बाहर निकाल दिया। इसके बाद भी वह "अब युद्धविराम करो" का नारा लगाती रही। इसके जवाब में बाइडन समर्थकों ने "चार और साल" का नारा लगाना शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारी की पहचान रब्बी जेसिका रोसेनबर्ग के रूप में हुई है।
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परेशानी पर क्या बोले राष्ट्रपति बाइडन
बाइडन ने कहा, "इस मामले का तथ्य यह है कि हमास एक आतंकवादी संगठन है। एक स्पष्ट आतंकवादी संगठन है।" जटिलता को स्वीकार करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, "मैं भावनाओं को समझता हूं। यह इस्राइलियों के साथ-साथ मुस्लिम दुनिया के लिए भी अविश्वसनीय रूप से जटिल है।" उन्होंने कहा कि अमेरिका ने दो-देश समाधान का समर्थन किया है।" बता दें कि गाजा में गहराते मानवीय संकट के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ने लगी है।
युद्धविराम के बाद दोबारा टकराव होने की आशंका
27 दिन से जारी हिंसक संघर्ष के बीच युद्धविराम समर्थकों का तर्क है कि टकराव रूकने पर गाजा में रहने वाले लगभग 20 लाख से अधिक नागरिकों तक मानवीय सहायता पहुंच सकेगी। इससे हमास के कब्जे में फंसे 200 से अधिक बंधकों की रिहाई में भी सहायता मिलेगी। सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, "विराम" शब्द का अर्थ यह भी है कि नागरिक आबादी को सहायता पहुंचाने के बाद, युद्ध फिर से शुरू हो सकता है।
इससे पहले विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन सहित बाइडन के प्रशासन के अधिकारियों ने संयुक्त राष्ट्र में युद्ध पर रोक लगाने का आह्वान किया था। राष्ट्रपति बाइडन ने खुद भी पिछले सप्ताह एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान मानवीय विराम की अवधारणा पर चर्चा की थी। बाइडन के अनुसार, उन्होंने इस विचार पर इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ भी चर्चा की थी। हालांकि, सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, इस्राइल इस धारणा को खारिज करता हुआ दिखाई दिया है।
पश्चिमी देशों के कई नेताओं ने 7 अक्तूबर के आतंकी हमले के बाद हमास के खिलाफ इस्इयल के बचाव के अधिकार पर जोर दिया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से गाजा में तत्काल युद्धविराम का आह्वान तो नहीं किया है, लेकिन उन्होंने चल रहे संघर्ष में मानवीय आधार पर "विराम" की अपील जरूर की है।
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क्या बाइडन का बयान बड़ा संकेत?
गौरतलब है कि अमेरिकी प्रशासन, खुद राष्ट्रपति बाइडन और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने आधिकारिक तौर पर इस्राइल-हमास युद्धविराम का समर्थन नहीं किया है। इसी बीच जब बुधवार शाम को बाइडन ने कहा, "मुझे लगता है कि हमें एक विराम की जरूरत है। विराम का मतलब है कैदियों को बाहर निकालने के लिए समय देना।" इसे पश्चिम एशिया के हिंसक संघर्ष के बीच बड़ा संकेत माना जा रहा है।
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युद्धविराम का नारा, महिला को सुरक्षाकर्मियों ने निकाला
रिपोर्ट के मुताबिक राष्ट्रपति के साथ मौजूद पत्रकारों ने बताया कि सुरक्षाकर्मियों ने बाइडन के सामने युद्धविराम की अपील करने वाली महिला को कार्यक्रम स्थल से बाहर निकाल दिया। इसके बाद भी वह "अब युद्धविराम करो" का नारा लगाती रही। इसके जवाब में बाइडन समर्थकों ने "चार और साल" का नारा लगाना शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारी की पहचान रब्बी जेसिका रोसेनबर्ग के रूप में हुई है।
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परेशानी पर क्या बोले राष्ट्रपति बाइडन
बाइडन ने कहा, "इस मामले का तथ्य यह है कि हमास एक आतंकवादी संगठन है। एक स्पष्ट आतंकवादी संगठन है।" जटिलता को स्वीकार करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, "मैं भावनाओं को समझता हूं। यह इस्राइलियों के साथ-साथ मुस्लिम दुनिया के लिए भी अविश्वसनीय रूप से जटिल है।" उन्होंने कहा कि अमेरिका ने दो-देश समाधान का समर्थन किया है।" बता दें कि गाजा में गहराते मानवीय संकट के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ने लगी है।
युद्धविराम के बाद दोबारा टकराव होने की आशंका
27 दिन से जारी हिंसक संघर्ष के बीच युद्धविराम समर्थकों का तर्क है कि टकराव रूकने पर गाजा में रहने वाले लगभग 20 लाख से अधिक नागरिकों तक मानवीय सहायता पहुंच सकेगी। इससे हमास के कब्जे में फंसे 200 से अधिक बंधकों की रिहाई में भी सहायता मिलेगी। सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, "विराम" शब्द का अर्थ यह भी है कि नागरिक आबादी को सहायता पहुंचाने के बाद, युद्ध फिर से शुरू हो सकता है।
इससे पहले विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन सहित बाइडन के प्रशासन के अधिकारियों ने संयुक्त राष्ट्र में युद्ध पर रोक लगाने का आह्वान किया था। राष्ट्रपति बाइडन ने खुद भी पिछले सप्ताह एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान मानवीय विराम की अवधारणा पर चर्चा की थी। बाइडन के अनुसार, उन्होंने इस विचार पर इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ भी चर्चा की थी। हालांकि, सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, इस्राइल इस धारणा को खारिज करता हुआ दिखाई दिया है।
पश्चिमी देशों के कई नेताओं ने 7 अक्तूबर के आतंकी हमले के बाद हमास के खिलाफ इस्इयल के बचाव के अधिकार पर जोर दिया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से गाजा में तत्काल युद्धविराम का आह्वान तो नहीं किया है, लेकिन उन्होंने चल रहे संघर्ष में मानवीय आधार पर "विराम" की अपील जरूर की है।