Israel October Failure: हमास के हमले की वजह ताकतवर IDF की विफलता, सेना की जांच के बाद नेतन्याहू पर बढ़ेगा दबाव
पश्चिम एशिया में इस्राइल और हमास का हिंसक संघर्ष करीब 16 महीने पहले शुरू हुआ था। अब ताजा घटनाक्रम में इस्राइली सेना (IDF) की नाकामी सामने आई है। IDF ने हमले के पीछे अपनी नाकामी स्वीकार की है। माना जा रहा है कि इस्राइली सेना की जांच के बाद प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर दबाव बढ़ सकता है।
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विस्तार
इस्राइली सेना ने स्वीकार किया है कि सात अक्तूबर, 2023 को देश के इतिहास में सबसे बड़ा हमला उसकी नाकामी के कारण हुआ है। इस्राइल डिफेंस फोर्सेज (IDF) की शुरुआती जांच में ये बात सामने आई है कि सेना ने हमास की नीयत और उसकी क्षमता का आकलन करने में चूक की, जिसके कारण सात अक्तूबर को हमास के लड़ाके खौफनाक हमला करने में सफल रहे।
पीएम नेतन्याहू पर बढ़ सकता है दबाव
बृहस्पतिवार को सेना की जांच के निष्कर्षों के मुताबिक प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर व्यापक जांच शुरू करने का दबाव बढ़ सकता है। बता दें कि हमास के हमले से पहले की राजनीतिक निर्णय प्रक्रिया की जांच की मांग जोर पकड़ रही है।
युद्धविराम समझौता लागू होने के दौरान बेन-ग्वीर ने दिया था इस्तीफा
बता दें कि 19 जनवरी को जैसे ही गाजा में हमास के साथ युद्धविराम समझौता लागू होने वाला था, इस्राइल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतमार बेन-ग्वीर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। अपने इस्तीफे के दौरान उन्होंने कहा था कि उनके तीन कैबिनेट सदस्य - बेन-ग्वीर, विरासत मंत्री अमिचाई एलियाहू, और नेगेव, गैलिली और राष्ट्रीय लचीलापन मंत्री यित्जहाक वासरलॉफ ने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को इस्तीफा पत्र भेजे हैं।
जून 2024 में बेनी गैंट्ज को देना पड़ा था इस्तीफा
15 महीने से अधिक चले संघर्ष के चलते पीएम नेतन्याहू कटघरे में हैं। विपक्ष हमलावर है, जिसके चलते जून 2024 में इस्राइली युद्ध कैबिनेट से मंत्री बेनी गैंट्ज को इस्तीफा देना पड़ा था। उन्होंने देश में जल्द चुनाव कराने का भी आह्वान किया था। उन्होंने कहा था कि देश में ऐसे चुनाव होने चाहिए, जिससे एक मजबूत सरकार स्थापित हो सके।
नेतन्याहू ने फलस्तीनी प्राधिकरण को नजरअंदाज किया
कई इस्राइलियों का मानना है कि 7 अक्तूबर को हुए हमले की जिम्मेदारी केवल सेना पर नहीं, बल्कि पीएम नेतन्याहू की नीतियों पर भी है। उन्होंने कतर को गाजा में पैसे भेजने की इजाजत दी और फलस्तीनी प्राधिकरण को अनजरअंदाज किया, जिससे स्थिति और बिगड़ गई।
नेतन्याहू ने कहा- वह युद्ध के बाद ही सवालों का जवाब देंगे
पीएम नेतन्याहू ने अभी तक कोई जिम्मेदारी नहीं ली है। उन्होंने कहा है कि वे युद्ध के बाद ही सवालों का जवाब देंगे, जो कि लगभग छह सप्ताह से एक अस्थिर युद्धविराम के कारण रुका हुआ है।
सात अक्तूबर के हमले में 1200 लोग मारे गए
सात अक्तूबर के हमले में लगभग 1,200 लोग मारे गए और 251 लोग बंधक बने, फिर भी नेतन्याहू ने जांच आयोग की मांग का विरोध किया है। सेना ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि उसने हमास के इरादों को सही तरीके से नहीं समझा और उसकी क्षमताओं को कम आंक लिया। हमास ने इस्राइल के एक प्रमुख त्योहार यहूदी अवकाश के दिन अचानक हमला किया।
हमास ने इस्राइल पर हमले की बनाई थी योजना
सेना की रिपोर्ट के अनुसार, यह गलत धारणा थी कि हमास सिर्फ गाजा पर शासन करने में रुचि रखता है, जबकि वास्तव में उसने इस्राइल पर हमले की योजना बनाई थी। हमले से कुछ घंटे पहले ही इस्राइली सेना को कुछ संकेत मिले थे कि हमले का खतरा बढ़ रहा है। फिर भी, अधिकारियों ने सही कदम नहीं उठाए।
सेना को नियंत्रण हासिल करने में लगे कई घंटे
हमले के बाद, हमास ने रॉकेटों की बौछार की और सुरक्षा बाड़ तोड़कर इस्राइल में घुस गया। उन्होंने कई जगहों पर तैनात सैनिकों पर हमले किए, जिससे सेना की कमान में खलल पड़ा। इस पूरी स्थिति के बाद, सेना को नियंत्रण हासिल करने में कई घंटे लगे और आतंकवादियों को हटाने में कई दिन लगे।
इस्तीफों का दौरा शुरू हो गया है
रिपोर्ट में कहा गया है कि सेना को अपने ज्ञान पर अति आत्मविश्वास रखने और अपने विचारों पर संदेह करने में कमी थी। हालांकि, किसी विशेष व्यक्ति या अधिकारी को दोष नहीं दिया गया है, लेकिन इस्तीफों का दौर शुरू हो गया है।
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