{"_id":"69bd1790307b24c5000042f4","slug":"irgc-spokesperson-ali-mohammad-naeini-intelligence-minister-ismail-khatib-killed-iran-news-2026-03-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"US-Israel Attack: इस्राइली हमले में IRGC प्रवक्ता और खुफिया मंत्री की मौत, तेहरान में हड़कंप","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
US-Israel Attack: इस्राइली हमले में IRGC प्रवक्ता और खुफिया मंत्री की मौत, तेहरान में हड़कंप
Fri, 20 Mar 2026 03:17 PM IST
राकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तेहरान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तेहरान
Published by: राकेश कुमार
Updated Fri, 20 Mar 2026 03:17 PM IST
सार
अभी ईरान इस झटके से उबर भी नहीं पाया था कि देश के खुफिया मंत्री इस्माइल खतीब की भी एक हमले में मौत हो गई। सर्वोच्च नेता मोज्तबा खामेनेई ने खतीब की मौत पर शोक व्यक्त किया है।
विज्ञापन
ब्रिगेडियर जनरल अली मोहम्मद नैनी
- फोटो : @ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
Ismail Khatib Death: ईरान से एक बड़ी खबर सामने आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के मुख्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल अली मोहम्मद नैनी एक भीषण हमले में मारे गए हैं। दावा किया जा रहा है कि यह हमला अमेरिका और इस्राइल की ओर से संयुक्त रूप से किया गया था। इस बात की पुष्टि ईरान के सरकारी मीडिया ने की है।
ईरान को झटके पर झटका
इतना ही नहीं, अभी ईरान इस झटके से उबर भी नहीं पाया था कि देश के खुफिया मंत्री इस्माइल खतीब की भी एक हमले में मौत हो गई। सर्वोच्च नेता मोज्तबा खामेनेई ने खतीब की मौत पर शोक व्यक्त किया है। जानकारी के मुताबिक, ब्रिगेडियर जनरल नैनी को निशाना बनाकर किए गए हमले में अत्याधुनिक हथियारों का इस्तेमाल किया गया। नैनी केवल इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के प्रवक्ता ही नहीं थे, बल्कि वे ईरान के मनोवैज्ञानिक युद्ध के मास्टरमाइंड भी माने जाते थे।
यह भी पढ़ें: LPG: 'अफवाहों पर विश्वास न करें, अपने सिलिंडर की डोर स्टेप डिलिवरी का इंतजार करें'; एलपीजी संकट पर सरकार
विज्ञापन
ईरान की आंतरिक सुरक्षा पर उठ रहे सवाल
वहीं, खुफिया मंत्री इस्माइल खतीब की मौत ईरान की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा करती है। खतीब पर देश के भीतर और बाहर जासूसी नेटवर्क को मजबूत करने की जिम्मेदारी थी। विशेषज्ञों का मानना है कि एक ही समय में सैन्य प्रवक्ता और खुफिया प्रमुख का मारा जाना इस बात का संकेत है कि हमलावरों के पास ईरान के सुरक्षा घेरे की सटीक जानकारी थी।
क्षेत्र में चरम पर तनाव
इन हाई-प्रोफाइल मौतों के बाद पूरे पश्चिम एशिया में खतरे के बादल मंडराने लगे हैं। तेहरान के गलियारों में बदले की मांग तेज हो गई है। सर्वोच्च नेता मोज्तबा खामेनेई का शोक संदेश न केवल दुख प्रकट करता है, बल्कि यह ईरान के भविष्य के कड़े रुख का संकेत भी माना जा रहा है। इस्राइल और अमेरिका ने फिलहाल इन रिपोर्ट्स पर आधिकारिक तौर टिप्पणी नहीं की है, लेकिन ईरान ने सीधे तौर पर इन दोनों देशों को जिम्मेदार ठहराया है। अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों का कहना है कि यह कासिम सुलेमानी की मौत के बाद ईरान के लिए सबसे बड़ा सुरक्षा संकट है।
विज्ञापन
ईरान को झटके पर झटका
इतना ही नहीं, अभी ईरान इस झटके से उबर भी नहीं पाया था कि देश के खुफिया मंत्री इस्माइल खतीब की भी एक हमले में मौत हो गई। सर्वोच्च नेता मोज्तबा खामेनेई ने खतीब की मौत पर शोक व्यक्त किया है। जानकारी के मुताबिक, ब्रिगेडियर जनरल नैनी को निशाना बनाकर किए गए हमले में अत्याधुनिक हथियारों का इस्तेमाल किया गया। नैनी केवल इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के प्रवक्ता ही नहीं थे, बल्कि वे ईरान के मनोवैज्ञानिक युद्ध के मास्टरमाइंड भी माने जाते थे।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें: LPG: 'अफवाहों पर विश्वास न करें, अपने सिलिंडर की डोर स्टेप डिलिवरी का इंतजार करें'; एलपीजी संकट पर सरकार
विज्ञापन
ईरान की आंतरिक सुरक्षा पर उठ रहे सवाल
वहीं, खुफिया मंत्री इस्माइल खतीब की मौत ईरान की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा करती है। खतीब पर देश के भीतर और बाहर जासूसी नेटवर्क को मजबूत करने की जिम्मेदारी थी। विशेषज्ञों का मानना है कि एक ही समय में सैन्य प्रवक्ता और खुफिया प्रमुख का मारा जाना इस बात का संकेत है कि हमलावरों के पास ईरान के सुरक्षा घेरे की सटीक जानकारी थी।
क्षेत्र में चरम पर तनाव
इन हाई-प्रोफाइल मौतों के बाद पूरे पश्चिम एशिया में खतरे के बादल मंडराने लगे हैं। तेहरान के गलियारों में बदले की मांग तेज हो गई है। सर्वोच्च नेता मोज्तबा खामेनेई का शोक संदेश न केवल दुख प्रकट करता है, बल्कि यह ईरान के भविष्य के कड़े रुख का संकेत भी माना जा रहा है। इस्राइल और अमेरिका ने फिलहाल इन रिपोर्ट्स पर आधिकारिक तौर टिप्पणी नहीं की है, लेकिन ईरान ने सीधे तौर पर इन दोनों देशों को जिम्मेदार ठहराया है। अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों का कहना है कि यह कासिम सुलेमानी की मौत के बाद ईरान के लिए सबसे बड़ा सुरक्षा संकट है।
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन